हनुमान जयंती के बाद ये 8 दिन हनुमान जी की पूजा के लिए बहुत शुभ, जानें क्यों की जाती है पूजा
Budhwa Mangal: आज हनुमान जयंती पर हनुमान जी की पूजा का विधान है, लेकिन अगले महीने से हनुमान जी की पूजा विशेष फल देने वाली है। दरअसल ज्येष्ठ मास के बुढ़वा मंगल पर हनुमान जी की पूजा की जाती है।

आज हनुमान जयंती पर हनुमान जी की पूजा का विधान है, लेकिन अगले महीने से हनुमान जी की पूजा विशेष फल देने वाली है। दरअसल ज्येष्ठ मास के बुढ़वा मंगल पर हनुमान जी की पूजा की जाती है। रौद्र नमक नव संवत्सर में ज्येष्ठ महीने में अधिक मास की स्थिति बन रही है। जो 17 मई 2026 से लेकर 15 जून 2026 तक रहेगी। ज्येष्ठ का महीना हनुमान जी महाराज की आराधना के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। ज्येष्ठ माह के प्रत्येक मंगलवार को बुढ़वा मंगलवार कहा जाता है। ऐसे में इस वर्ष नव संवत्सर में सामान्य माह से ज्यादा मंगलवार मिलेगा। जो कि श्री हनुमान जी महाराज की उपासना एवं कृपा प्राप्त करने के लिए बहुत ही शुभ कारक होगा।
अधिकमास में कितने मंगल
अधिक मास की स्थिति नहीं होने पर ज्येष्ठ महीने में मंगलवार की अधिकतम संख्या चार या पांच हो सकती है परंतु इस वर्ष अधिक मास होने के कारण ज्येष्ठ महीने में कुल आठ मंगलवार प्राप्त होंगे। वैसे तो शुद्ध ज्येष्ठ माह का आरंभ ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष 2 मई 2026 दिन शनिवार होगा जो 16 मई 2026 दिन शनिवार तक होगा। उसके बाद ज्येष्ठ अधिक मास लग जायेगा। अधिक ज्येष्ठ माह 17 मई से 15 जून 2026 दिन सोमवार तक होगा। उसके बाद शुद्ध ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष आरम्भ हो जाएगा। जो 29 जून तक रहेगा। इस प्रकार शुद्ध एवं अधिक मास मिलाकर ज्येष्ठ मास 2 मई से 29 जून तक होगा। इस प्रकार ज्येष्ठ महीने में कुल मंगलवारों की संख्या आठ होगी जो की हनुमान जी की आराधना के लिए अत्यंत हुई श्रेष्ठ होगा
त्योहारों पर क्या असर होगा
विक्रम संवत 2084 (वर्ष 2024) 13 महीने का होगा। जेठ महीने को आठ साल बाद पुरुषोत्तम (अधिमास-मलमास) बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। बताया कि पिछले बार अधिमास सावन महीना था। अधिमास होने से पिछले साल की अपेक्षा साल के शुरूआत के छह महीने त्योहार 10 दिन पहले पड़ेंगे तथा बाद के सात महीने का त्योहार 15 से 20 दिन देर से आयेंगे।
शुद्ध ज्येष्ठ मास कृष्ण पक्ष में
5 मई को पहले मंगलवार
12 में को दूसरा मंगलवार
अधिक ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष में
19 में को मंगलवार
26 में को मंगलवार
अधिक ज्येष्ठ मास कृष्ण पक्ष में 2 जून को मंगलवार
9 जून को मंगलवार
शुद्ध ज्येष्ठ मास शुक्ल पक्ष में
16 जून को मंगलवार
23 जून को मंगलवार
प्रकार शुद्ध एवं अधिक मास में देखा जाए तो कुल आठ मंगलवार प्राप्त हो रहे हैं जो की हनुमान जी की उपासना के लिए अत्यंत ही महत्वपूर्ण होंगे।
उत्थान ज्योतिष एवं अध्यात्म संस्थान के निदेशक ज्योतिर्विद पं दिवाकर त्रिपाठी पूर्वांचली
लेखक के बारे में
Anuradha Pandeyशार्ट बायो
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