अधिकमास में शिवजी और मां लक्ष्मी दिए और बेलपत्र के उपाय से होंगी प्रसन्न, पढ़ें इनके बारे में?

Anuradha Pandey लाइव हिन्दुस्तान
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अधिकमास अभी चल रहा है। यह 15 जून को समाप्त होगा। इसके बाद से ज्येष्ठ मास का शुक्ल पक्ष लगेगा। इस दौरान अभी आपके पास काफी दिन हैं, अगर आप दान नहीं कर पाएं है तो कर सकते हैं। इसके अलावा इस मास में कुछ उपाय भी आपको मां लक्ष्मी और शिवजी की कृपा दिला सकते हैं। 

अधिकमास में शिवजी और मां लक्ष्मी दिए और बेलपत्र के उपाय से होंगी प्रसन्न, पढ़ें इनके बारे में?

अधिकमास अभी चल रहा है। यह मास 15 जून को समाप्त होगा। अधिकमास में शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं। इस महीने में दान करना उत्तम रहता है। इस महीने में 33 चीजों का दान शुभ माना जाता है। इसके अलावा इस मास में शिवजी की भी कृपा प्राप्त की जा सकती है। ऐसे में हम आपको दो उपाय बता रहे हैं। पहला शिवजी को प्रसन्न करने का और दूसरा मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने का।

घी के दीपक का उपाय


अधिकमास में घी का दीपक का उपाय जरूर करना चाहिए। जिस तरह आप कार्तिक मास में मां तुलसी के आगे सुबह शाम का दीप जलाते हैं, उसी तरह इस मास में भी मां तुलसी के आगे घी का दीपक जलाएं। शाम के समय आटे का दीपक लाएं और मां तुलसी के सामने और पीपल के पेड़ के पास रखें, आप घर की चौखट के नीचे भी एक दीप रख सकते हैं। ऐसा कहा जाता है कि इससे मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। वहीं शिवजी को प्रसन्न करने के लिए घर से जल लेकर जाएं और शिवजी को अर्पित करें। इसके बाद शिवजी औरअशोक सुंदरी के बीच में एक घी का दीपक अर्पित कर दें। इस तरह भगवान शिव और मां पार्वती की कृपा पा सकते हैं।

शिव जी को अधिकमास में कैसे करें प्रसन्न

शिवजी को अधिकमास में प्रसन्न करने के लिए आप बेलपत्र लें। शाम के समय बेलपत्र लें और शिवजी को अर्पित करें। शिवजी को प्रसन्न करने के लिए शाम के समय बेलपत्र को धो लें और इनमें लाल चंदन का स्वास्तिक बनाकर मंदिर में जाकर शिवलिंग पर चढ़ाएं, इससे शिवजी प्रसन्न होते हैं। इसके अलावा आप मूंग, गेहूं, चावल, जौ, तिल आदि भी शिवजी को अर्पित कर सकते हैं।

अधिकमास में क्या दान करें?

वैसे तो अधिकमास बहुत पुण्य का दिन है। इस मास में हर दिन कुछ ना कुछ दान करना चाहिए, अगर आप दान नहीं कर पा रहे हैं हर दिन या तो एक साथ 33 चीजों का दान करें। इससे आप विष्णु जी की कृपा मिलती है। इसमें आप मालपुए, आम, आदि चीजों का दान कर सकते हैं इसके अलावा आप इस मास में बथुआ, मटर, जीरा, सोंठ, सेंधा नमक, इमली, आम, ककड़ी, केला, आदि का दान भी करें। इस दौरान किया गया दान आपको बहुत अधिक फल देता है।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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लेखक के बारे में

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शार्ट बायो

अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।


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अनुराधा पांडे पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी चेहरा हैं, जिन्हें मीडिया में 16 वर्षों का व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और संस्थान के एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन की इंचार्ज हैं। अनुराधा पिछले 10 सालों से लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में लिख रही हैं। डिजिटल पत्रकारिता के दौर में उन्होंने धर्म जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपनी लेखनी से करोड़ों पाठकों का भरोसा जीता है। उनके पास खबरों को न केवल प्रस्तुत करने, बल्कि सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और विश्लेषणात्मक कंटेंट देने का लंबा अनुभव है। वह शिव महापुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण और कई अन्य शास्त्रों के जटिल तथ्यों को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं।


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अनुराधा ने अपने करियर की शुरुआत साल 2010 में आज समाज अखबार से की। इसके बाद उन्होंने 'आज तक' (Aaj Tak) में एजुकेशन सेक्शन में तीन साल तक अपनी सेवाएं दीं। साल 2015 से वह लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ी हैं और एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का नेतृत्व कर रही हैं। उनका गहरा अनुभव उन्हें जटिल विषयों पर सरल और प्रभावी ढंग से लिखने में सक्षम बनाता है। उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है। इसके साथ ही दिल्ली विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन, सीसीएसयू से एम.कॉम और कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन एवं मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है।


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