Adhikmaas: अधिकमास के बाद होंगे शनि और गुरु के दो बड़े बदलाव, कौन सी राशियां रहेंगी फायदे में, अच्छा असर देंगे ये उपाय
Adhikmaas: अधिकमास के बाद होंगे शनि और गुरु के दो बड़े बदलाव होने वाले हैं, इससे कई राशियों के लिए अच्छे योग हैं। इस बदलाव से कौन सी राशियां रहेंगी फायदे में, अच्छा असर देंगे ये उपाय

Adhikmaas: अधिकमास के बाद होंगे शनि और गुरु के दो बड़े बदलाव होने वाले हैं, इससे कई राशियों के लिए अच्छे योग हैं।दरअसल अधिकमास इस साल 17 मई से 15 जून तक है, जुलाई में गुरु और शनि के दो बड़े बदलाव होने हैं। इससे पहले गुरु का गोचर जून में हो जाएगा। शनि इस दौरान अपनी चाल बदलेंगे, इससे कई राशियों के लिए अच्छे योग हैं। यहां हम उन राशियों की बात करेंगे, जो इससे सबसे अच्छा लाभ पाएंगी। शनि 27 जुलाई को मार्गी से वक्री होने वाले हैं। मीन राशि में रहते हुए शनि वक्री होंगे। द्रिक पंचांग के अनुसार, इस साल 2026 में देवगुरु बृहस्पति 14 जुलाई 2026 को अस्त होंगे और 12 अगस्त 2026 को पुनः उदय होंगें। गुरु का अस्त और उदय होना ज्योतिष में बहुत खास माना जाता है। इनके अस्त होने से विवाह आदि कार्य रुक जाते हैं और शुभ मुहूर्त कम हो जाते हैं। इस बदलाव से कौन सी राशियां रहेंगी फायदे में, अच्छा असर देंगे ये उपाय। अधिकमास के बाद शनि के इस बदलाव के बाद राशियों पर क्या असर होगा। राशियों से जुड़ी चीजें यहां जानें
वृषभ राशि पर क्या रहेगा असर?
वृषभ राशि के लिए शनिदेव का वक्री होना लाभ देगा। आपकी लाइफ में आमदनी की रफ्तार बढ़ेगी, आपकी सोच और आइडियाज काम करेंगे। नई उम्मीदें आपको आगे बढ़ाएंगी। कुल मिलाकर आपके लिए समय उत्तम है।
मिथुन राशि पर क्या होगा असर?
जुलाई का समय मिथुन राशि के लिए अच्छे फल लेकर आएगा। आपकी बिजनेस आज अच्छे से काम करेगा। आपकी लाइफ में जो चीजें बदल रही है, वो बदलाव अच्छे के लिए हो रहा है। आप रिस्क भी ले सकते हैं, लेकिन नपातुला, आपके शत्रु भी आपके आगे छोटे पड़ जाएंगे। आपके लिए कैश फ्लो रहेगा, तो पुराना बकाया सारा चुका देंगे।
तुला राशि पर क्या होगा असर?
तुला राशि के लिए भी समय उत्तम है। आपके लिए पुरानी बीमारी भी दिक्कत दे सकती है। आपका कोई कर्ज या लोन भी पूरा हो जाएगा। आप प्रोएक्टिव तरीके से प्लानिंग करेंगे।
क्या उपाय देंगे लाभ
गुरु की कृपा पाने के लिए पुखराज, स्वर्ण, पौतवस्त, हल्दी, पीले रंग का अन्न, नमक, घोडा आदि दान करना उत्तम बताया गया है। शनि के लिए नीलम पहनें और लोहा, काले तिल, बैल, कृष्णवस्त, स्वर्ण, नीले रंग का कम्बल, काले रंग की गाय, उडद तथा भंत आदि का दान करना उत्तम रहता है।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
लेखक के बारे में
Anuradha Pandeyशार्ट बायो
अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।
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अनुराधा पांडे पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी चेहरा हैं, जिन्हें मीडिया में 16 वर्षों का व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और संस्थान के एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन की इंचार्ज हैं। अनुराधा पिछले 10 सालों से लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में लिख रही हैं। डिजिटल पत्रकारिता के दौर में उन्होंने धर्म जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपनी लेखनी से करोड़ों पाठकों का भरोसा जीता है। उनके पास खबरों को न केवल प्रस्तुत करने, बल्कि सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और विश्लेषणात्मक कंटेंट देने का लंबा अनुभव है। वह शिव महापुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण और कई अन्य शास्त्रों के जटिल तथ्यों को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं।
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