अधिकमास का आज है पहला शनिवार, शनि दोष से राहत के लिए शाम में करें ये 5 उपाय, साढ़ेसाती-ढैय्या से मिलेगी मुक्ति

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अधिकमास 2026 का पहला शनिवार शनि दोष, साढ़ेसाती और ढैय्या से राहत पाने का खास अवसर है। शाम में ये 5 अचूक उपाय करके शनि देव को प्रसन्न करें और जीवन की बाधाओं से मुक्ति पाएं। जानें सरल और प्रभावी उपाय।

अधिकमास का आज है पहला शनिवार, शनि दोष से राहत के लिए शाम में करें ये 5 उपाय, साढ़ेसाती-ढैय्या से मिलेगी मुक्ति

अधिकमास में पड़ने वाला शनिवार शनि देव को प्रसन्न करने और शनि दोष से राहत पाने का बेहद शुभ अवसर माना जाता है। अधिकमास को पुरुषोत्तम मास के तौर पर भी जाना जाता है। आज पुरुषोत्तम मास का पहला शनिवार है। मान्यता है कि अधिकमास में किया गया कोई भी शुभ कार्य कई गुना अधिक फलदायी होता है। शनि देव न्याय के देवता हैं और उनकी कृपा से जीवन में स्थिरता आती है, जबकि उनकी अशुभ दशा कष्ट देती है। अधिकमास में शनि की पूजा और उपाय विशेष फलदायी सिद्ध होते हैं। आइए जानते हैं शनि दोष से राहत पाने के उपाय।

अधिकमास के पहले शनिवार का महत्व

अधिकमास भगवान विष्णु को समर्पित है, लेकिन इसमें शनिवार का दिन शनि देव की कृपा पाने का दुर्लभ अवसर होता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस दिन किए गए उपाय शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या और महादशा के प्रभाव को कम करने में सहायक होते हैं। शनि देव कर्मों के अनुसार फल देते हैं, लेकिन सच्ची श्रद्धा और सही उपायों से उनकी कृपा प्राप्त की जा सकती है। अधिकमास का शनिवार इसलिए खास होता है, क्योंकि इस मास में की गई साधना का पुण्य दस गुना बढ़ जाता है।

शनि दोष से मुक्ति के लिए उपाय

शनि देव को प्रसन्न करने और दोष से राहत पाने के लिए शाम के समय कुछ विशेष उपाय किए जा सकते हैं। इन उपायों को सूर्यास्त के बाद करना चाहिए। इनसे ना सिर्फ शनि देव प्रसन्न होते हैं, बल्कि जीवन की नकारात्मकता भी दूर होती है। अधिकमास में ये उपाय और भी प्रभावी सिद्ध होते हैं।

पीपल के नीचे सरसों तेल का दीपक

शनिवार की शाम पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं। पीपल को शनि देव का वृक्ष माना जाता है। इस दीपक को जलाते समय शनि देव से अपनी मनोकामना कहें। इससे शनि की अशुभ दृष्टि कम होती है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है।

शनि चालीसा और हनुमान चालीसा का पाठ

शनिवार शाम को शनि चालीसा का पाठ जरूर करें। इसके साथ हनुमान चालीसा पढ़ने से शनि दोष का प्रभाव और भी कम हो जाता है। हनुमान जी शनि देव के भक्त हैं और उनकी पूजा से शनि प्रसन्न होते हैं। इस संयुक्त पाठ से मानसिक शांति मिलती है और साढ़ेसाती के कष्ट घटते हैं।

काले कुत्ते को उड़द दाल के पकौड़े खिलाएं

शनिवार शाम किसी काले कुत्ते को उड़द दाल के पकौड़े बनाकर खिलाएं। शनि देव काले कुत्ते में विराजमान माने जाते हैं। इस उपाय से शनि की कृपा प्राप्त होती है और कुंडली में चल रहे दोष शांत होते हैं।

तेल में चेहरा देखकर दान करें

एक कटोरी में सरसों का तेल और एक सिक्का लेकर उसमें अपना चेहरा देखें। फिर यह तेल किसी गरीब, जरूरतमंद, मजदूर या असहाय व्यक्ति को दान कर दें। यह उपाय शनि दोष को दूर करने में बहुत प्रभावी माना गया है।

काली वस्तुओं का दान

शनिवार को अपनी सामर्थ्य अनुसार काली वस्तुओं का दान करें। काले चने, उड़द की दाल, काला कंबल, जूते-चप्पल या लोहे की वस्तु दान करने से शनि देव प्रसन्न होते हैं। दान निस्वार्थ भाव से करें। इससे आर्थिक परेशानियां कम होती हैं और जीवन में स्थिरता आती है।

अधिकमास का पहला शनिवार शनि देव की कृपा पाने का सुनहरा मौका है। इन सरल उपायों को श्रद्धा के साथ करने से शनि दोष, साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रभाव कम होता है। नियमित रूप से शनि की पूजा और दान करने से जीवन में सुख-शांति और सफलता प्राप्त होती है।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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नवनीत राठौर नए युग के डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें इस क्षेत्र में करीब 7 साल का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन के हिस्सा हैं। यहां वह अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष से जुड़ी खबरें लिखते हैं।


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डिजिटल मीडिया में अपनी अलग पहचान बना रहे नवनीत राठौर धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा में पाठकों के लिए परोसते हैं। वो अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और करीब 5 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान नवनीत ने वेबस्टोरी, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।


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नवनीत ने शारदा विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा से जनसंचार एवं पत्रकारिता में स्नातक और शुभारती विश्वविद्यालय से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।


नवनीत राठौर ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत जनतंत्र न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने सूर्या समाचार और अमर उजाला जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद नवनीत लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। पाठकों को सरल, विश्वसनीय और प्रेरणादायक जानकारी प्रदान करना ही नवनीत राठौर का मुख्य उद्देश्य है।


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