
आज यानी 2 अप्रैल 2026 को पूरे देश में हनुमान जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। चैत्र शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर जन्मे पवनपुत्र हनुमान को कलयुग का जागृत देव माना जाता है। त्रेता युग में माता अंजनी की कोख से जन्मे हनुमान जी भगवान राम के सबसे बड़े भक्त माने जाते हैं।

चैत्र नवरात्र की शुरुआत 19 मार्च यानी आज से हो गई है। हिंदू धर्म में नवरात्रि के दौरान मां के 9 रूपों की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। मान्यता है कि इन दिनों में विधि-विधान से पूजा करने और आरती करने से मां दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

हिंदू धर्म में आरती का खास महत्व होता है। माना जाता है कि आरती करने से भगवान की विशेष कृपा मिलती है। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर शिव जी की आरती जरूर करनी चाहिए। माना जाता है कि आरती करने से भगवान प्रसन्न होते हैं और घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।

Saraswati Mata Aarti: हर साल माघ महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को बसंत पंचमी का पर्व मनाया जाता है। इस साल बसंत पंचमी का पर्व आज, 23 जनवरी शुक्रवार को मनाया जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां सरस्वती का जन्म बसंत पंचमी के दिन हुआ था।
Sakat Chauth Bhagwan Ganesh Ji ki aarti : इस वर्ष सकट चौथ का महापर्व 6 जनवरी, मंगलवार को श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाएगा। खास बात यह है कि इस बार सकट चौथ तीन शुभ योगों के संयोग में पड़ रही है, जिससे इस दिन भगवान गणेश की पूजा और आरती का महत्व और भी बढ़ गया है।
हिंदू धर्म में तुलसी माता को देवी लक्ष्मी का ही स्वरूप माना गया है। तुलसी को घर में शुभता, पवित्रता और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। कहा जाता है कि जिस घर में तुलसी का पौधा होता है, वहां नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश नहीं करती और वातावरण में शांति बनी रहती है।
खाटू श्याम जी को कलियुग का देवता कहा जाता है। जो अपने भक्तों की सच्ची भावनाओं को तुरंत स्वीकार करते हैं। खाटू श्याम जी, जिन्हें “हारे का सहारा” कहा जाता है, महाभारत के वीर योद्धा बर्बरीक के रूप में जाने जाते हैं। वे भीम के पौत्र और घटोत्कच के पुत्र थे।
भगवान विष्णु सृष्टि के पालनहार और संतुलन के देवता माने जाते हैं। वे हमें जीवन में धर्म, करुणा और संतुलन बनाए रखने की सीख देते हैं। जब “ॐ जय जगदीश हरे” की आरती के सुर गूंजते हैं, तो मन अपने आप शांत हो जाता है और भक्ति से भर उठता है।
श्री राधा रानी जी का प्राकट्य उत्सव श्री राधा अष्टमी आज है। श्री कृष्ण जन्माष्टमी से ठीक 15 दिन बाद राधाष्टमी मनाई जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसा भाद्र पद शुक्ल अष्टमी के दिन अभिजीत मुर्हूत में राधा जी का प्राकट्य हुआ था। इस दिन को राधा अष्टमी उत्सव के रूप में मनाया जाता है।
Krishna Ji Ki Aarti: हर साल श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व भाद्र पद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता रहा है। द्वापर युग मे भगवान कृष्ण ने रोहिणी नक्षत्र में मध्य रात्रि के समय देवकी मां के गर्भ से धरती पर जन्म लिया था। प्रभु कृष्ण, विष्णु जी के आठवें अवतार माने जाते हैं।