Quote of the day: इन लोगों से नहीं करनी चाहिए गहरी दोस्ती, नोट कर लें आचार्य चाणक्य के 10 अहम बातें
Quote of the day: अगर कोई भी व्यक्ति आचार्य चाणक्य की नीतियों का सही तरीके से पालन कर ले, तो उसका जीवन सफल हो जाता है। ऐसे ही रिश्तों को लेकर आचार्य चाणक्य ने कई अहम बातें बताई हैं। उन्होंने बताया है कि किन लोगों से गहरी दोस्ती नहीं करनी चाहिए।

आचार्य चाणक्य की नीतियां आज के समय में भी प्रांसगिक हैं। कहते हैं कि अगर कोई भी व्यक्ति आचार्य चाणक्य की नीतियों का सही तरीके से पालन कर ले, तो उसका जीवन सफल हो जाता है। उन्होंने ने अपनी नीतियों के जरिए बड़ी से बड़ी बातें बताई हैं। ऐसे ही रिश्तों को लेकर आचार्य चाणक्य ने कई अहम बातें बताई हैं। उन्होंने बताया है कि किन लोगों से गहरी दोस्ती नहीं करनी चाहिए। नीचे आचार्य चाणक्य की 10 महत्वपूर्ण बातें बताई गई हैं, जिन्हें जीवन में उतार लिया जाए तो हम कई समस्याओं से बच सकते हैं।
आचार्य चाणक्य के 10 विचार
1. आचार्य चाणक्य का मानना है कि कभी भी न तो अपने से बहुत ऊंचे स्तर के लोगों से और न ही बहुत नीचे स्तर के लोगों से गहरी दोस्ती करनी चाहिए, क्योंकि ऐसी दोस्ती अक्सर संतुलन और सच्ची खुशी नहीं दे पाती।
सच्चा साथाी कौन
2. आचार्य चाणक्य का एक श्लोक है- आतुरे व्यसने प्राप्ते दुर्भिक्षे शत्रुसण्कटे। राजद्वारे श्मशाने च यात्तिष्ठति स बान्धवः ॥ इस श्लोक में आचार्य चाणक्य कहते हैं कि जब कोई बीमार होने पर, असमय शत्रु से घिर जाने पर, राजकार्य में सहायक रूप में तथा मृत्यु पर श्मशान भूमि में ले जाने वाला व्यक्ति ही सच्चा मित्र और बन्धु है। यानी जो आपका हर परिस्थिति में साथ दे, वही आपका सच्चा दोस्त है।
3. आचार्य चाणक्य कहते हैं कि शिक्षा मनुष्य की सबसे सच्ची साथी होती है। धन-दौलत खो सकती है, लेकिन ज्ञान हमेशा सम्मान दिलाता है और जीवन का रास्ता दिखाता है।
4. जो लोग हमारी पीठ पीछे काम बिगाड़ते हैं और सामने मीठा बोलते हैं, उनसे हमेशा दूर रहना चाहिए। ऐसे लोग ठीक वैसे हैं जैसे किसी घड़े के अंदर विष हैं और ऊपर से केवल दूध भरा है।
सुखी कैसे रहें ?
5. जो व्यक्ति अपनी चीजों को छोड़कर दूसरों की चीजों के पीछे भागता है, उसकी अपनी चीजें नष्ट हो जाती हैं। सुखी रहना चाहते हैं, तो अपनी चीजों में ही संतुष्ट रहें।
6. आचार्य चाणक्य कहते हैं कि मदद और मुस्कान वो इत्र है, जिसे जितना दूसरों पर छिड़केंगे हमारा जीवन उतना ही महकेगा।
सुखी जीवन से जुड़ी बातें
7. आचार्य चाणक्य के मुताबिक सुखी जीवन के लिए तीन बातें बहुत महत्वपूर्ण हैं- पहली संतोष, दूसरा स्वास्थ और तीसरा भरोसा। संतुष्टि सुख का पर्याय है। अच्छा स्वास्थ मानव जीवन की पूंजी है। वहीं, भरोसा और आत्मविश्वास एक ऐसा गुण है, जिसकी मदद से बड़े-बड़े काम आसानी से किए जा सकते हैं।
कर्मों से तय होती है महानता
8. आचार्य चाणक्य कहते हैं कि इंसान की महानता उसके जन्म से नहीं, बल्कि उसके कर्मों से तय होती है। सही कर्म ही किसी को ऊंचाई तक पहुंचाते हैं।
9. मूर्ख व्यक्ति के लिए किताबें भी उतनी ही बेकार होती हैं, जितना किसी अंधे के लिए आईना। क्योंकि समझ के बिना ज्ञान का कोई अर्थ नहीं होता है।
10. आचार्य चाणक्य कहते हैं कि गलत दिशा में बढ़ रही भीड़ का हिस्सा बनने से बेहतर है सही दिशा में अकेले चलें।
डिस्क्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
लेखक के बारे में
Dheeraj Palसंक्षिप्त विवरण
धीरज पाल एक डिटिजल पत्रकार है, जिन्हें इस क्षेत्र में 7 से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का हिस्सा हैं। यहां वह ग्रह गोचर, वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, रत्न शास्त्र से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
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परिचय और अनुभव
धीरज पाल डिजिटल मीडिया में उभरता एक ऐसा नाम है, जो पाठक को धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा परोसते हैं। वो ग्रह नक्षत्रों, वास्तु शास्त्र, अंक ज्योतिष,रत्न शास्त्र जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और पिछले 4 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने समाचार, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।
धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद वो लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। अब इनका एकमात्र उद्देश्य ज्योतिषीय जानकारी को रुचिगत, सरल, प्रमाणिक रूप में प्रस्तुत करना है।
व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।
विशेषज्ञता (Areas of Expertise):
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