Quote of the day: संसार एक कड़वा वृक्ष है, जिसके 2 मीठे फल है, पढ़ें आचार्य चाणक्य के 10 अनमोल बातें

Mar 11, 2026 08:54 am ISTDheeraj Pal लाइव हिन्दुस्तान
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आचार्य चाणक्य की कही गई बातें या उनकी नीतियां आज भी लोगों के लिए प्रेरणास्त्रोत है। जीवन को खुशहाल और सुखमय तरीके से चलाने के लिए उनकी कुछ नीतियां बेहद कारगर है। आज हम आचार्य चाणक्य की 10 बड़ी बातें बताने जा रहे हैं, जो इंसानी जीवन को सुखमय बनाने में मददगार साबित हो सकती है।

Quote of the day: संसार एक कड़वा वृक्ष है, जिसके 2 मीठे फल है, पढ़ें आचार्य चाणक्य के 10 अनमोल बातें

आचार्य चाणक्य को कौन नहीं जानता है, वो कई विषयों के ज्ञाता थे। साथ ही वो एक योग्य गुरु, मार्गदर्शक और कुशल रणनीतिकार थे। आचार्य चाणक्य की कही गई बातें या उनकी नीतियां आज भी लोगों के लिए प्रेरणास्त्रोत है। जीवन को खुशहाल और सुखमय तरीके से चलाने के लिए उनकी कुछ नीतियां बेहद कारगर है। जिन्हें अगर जीवन में उतार लिया जाए, तो कोई भी वक्ति एक अच्छा इंसान बन सकता है। साथ ही ये बातें उसे सफल बनाने में भी मदद करती है। आज हम आचार्य चाणक्य की 10 बड़ी बातें बताने जा रहे हैं, जो इंसानी जीवन को सुखमय बनाने में मददगार साबित हो सकती है।

जीवन के 2 मीठे फल
1. आचार्य चाणक्य कहते हैं कि संसार एक कड़वा वृक्ष है, जिसके दो फल ही मीठे होते हैं। पहला- मधुर वाणी और दूसरा सज्जनों की संगति। अगर आप वाणी मीठी व मधुर है और उसमें सरला और सहजता है, तो आप बड़े से बड़े काम करवा सकते हैं और खुद कर भी सकते हैं। उनका कहना है कि हमेशा सज्जनों की संगति करनी चाहिए। अगर आपकी संगति अच्छी है, तो आप खूब सफल होंगे।

2. आचार्य चाणक्य कहते हैं कि मेहनत करने से दरिद्रता नहीं रहती, धर्म करने से पाप नहीं रहता, मौन रहने से कलह नहीं होता और जागते रहने से भय नहीं होता है।

3. आचार्य चाणक्य कहते हैं कि अगर कोई शत्रु अच्छा व्यवहार कर रहा है, तो उससे ज्यादा सतर्क रहना चाहिए। क्योंकि शत्रुओं पर कभी भी पूरा भरोसा नहीं करना चाहिए।

ये एक चीज कर सकता है बर्बाद
4. आचार्य चाणक्य कहते हैं कि यदि आपके अंदर बहुत से गुण भरे हुए हैं, लेकिन इसके साथ कोई एक गंदी आदत भी है, तो वो सबकुछ बर्बाद कर सकती है। इसलिए बुराई या झूठ से हमेशा दूर रहना चाहिए।

5. आचार्य चाणक्य कहते हैं कि आप बुद्धि से पैसा तो कमा सकते हैं, लेकिन पैसे से बुद्धि नहीं कमा सकते हैं।

सुखी गृहस्थ कैसा होता है?
6. आचार्य चाणक्य के मुताबिक गृहस्थ जीवन वही सुखी है, जिसकी संतान उनकी आज्ञा का पालन करती है। पिता का भी कर्तव्य है कि वह पुत्रों का पालन-पोषण अच्छी तरह से करें। इसी प्रकार ऐसे व्यक्ति को मित्र नहीं कहा जा सकता है, जिस पर विश्वास नहीं किया जा सके और ऐसी पत्नी व्यर्थ है जिससे किसी प्रकार का सुख प्राप्त न हो।

ऐसे मित्र से रहें दूर
7. चाणक्य के अनुसार जो मित्र आपके सामने चिकनी-चुपड़ी बातें करता हो और पीठ पीछे आपके कार्य को बिगाड़ देता हो, उसे छोड़ने में ही आपकी भलाई है। वो कहते हैं कि वह मित्र उस बर्तन के समान है, जिसके ऊपर के हिस्से में दूध लगा है परंतु अंदर विष भरा हुआ होता है।

8. वो कहते हैं कि आत्मविश्वास सफलता का आधार है। जो व्यक्ति खुद पर भरोसा रखता है, वह खराब से खराब हालात में भी जीत हासिल कर लेता है।

9. जब तक आपका शरीर स्वस्थ और आपके कंट्रोल में है, तो उस समय आत्म साक्षात्कार के लिए उपाय अवश्य कर लेना चाहिए, क्योंकि मृत्यु के बाद कोई कुछ भी नहीं कर सकता।

कामधेनु के समान है ये 1 चीज
10. चाणक्य कहते हैं कि विद्या को अर्जित करना एक कामधेनु के समान है, जो मनुष्य को हर मौसम में अमृत प्रदान करती है।

डिस्क्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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लेखक के बारे में

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संक्षिप्त विवरण
धीरज पाल एक डिटिजल पत्रकार है, जिन्हें इस क्षेत्र में 7 से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का हिस्सा हैं। यहां वह ग्रह गोचर, वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, रत्न शास्त्र से जुड़ी खबरें लिखते हैं।

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परिचय और अनुभव

धीरज पाल डिजिटल मीडिया में उभरता एक ऐसा नाम है, जो पाठक को धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा परोसते हैं। वो ग्रह नक्षत्रों, वास्तु शास्त्र, अंक ज्योतिष,रत्न शास्त्र जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और पिछले 4 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने समाचार, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।

धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद वो लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। अब इनका एकमात्र उद्देश्य ज्योतिषीय जानकारी को रुचिगत, सरल, प्रमाणिक रूप में प्रस्तुत करना है।

व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।

विशेषज्ञता (Areas of Expertise):
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