Quote Of The Day: निंदा सबसे बड़ा पाप, सत्य सबसे बड़ा तप, बड़े काम की हैं आचार्य चाणक्य की ये बातें

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Aaj Ka Suvichar: आचार्य चाणक्य की बातें आज भी प्रसांगिक है। उन्होंने रिश्तों, व्यवहार और सफलता के नियमों को आसान और व्यावहारिक तरीसे से समझाया है। माना जाता है कि जो व्यक्ति इन बातों को अपने जीवन में अपनाता है, उसके लिए सफलता की राह सरल हो जाती है।

Quote Of The Day: निंदा सबसे बड़ा पाप, सत्य सबसे बड़ा तप, बड़े काम की हैं आचार्य चाणक्य की ये बातें

Aaj Ka Suvichar: आचार्य चाणक्य की बातें आज भी प्रसांगिक है। उन्होंने रिश्तों, व्यवहार और सफलता के नियमों को आसान और व्यावहारिक तरीसे से समझाया है। माना जाता है कि जो व्यक्ति इन बातों को अपने जीवन में अपनाता है, उसके लिए सफलता की राह सरल हो जाती है। नीचे ऐसे ही कुछ श्लोक दिए गए हैं, जो जीवन की परेशानियों से बचने में मदद करते हैं।

श्लोक 1

जन्ममृत्युं हि यात्येको भुनक्त्येकं शुभाशुभम्।
नरकेषु पतत्येक एको याति परां गतिम् ॥

अर्थ- आचार्य चाणक्य कहते हैं कि मनुष्य अकेला ही जन्म लेता है और अकेला ही मृत्यु को प्राप्त होता है। वह अपने किए हुए अच्छे और बुरे कर्मों का फल भी अकेले ही भोगता है। वही अकेला नरक में जाता है और वही अकेला मोक्ष को भी प्राप्त करता है।

तृणं ब्रह्मविदः स्वर्गस्तृणं शूरस्य जीवितम्।
जिताक्षस्य तृणं नारी निःस्पृहस्य तृणं जगत्॥

अर्थ- आचार्य चाणक्य कहते हैं कि जो व्यक्ति परम सत्य को समझ लेता है, उसके लिए स्वर्ग जैसी चीज भी खास महत्व नहीं रखती। बहादुर इंसान अपने जीवन से भी ज्यादा अपने कर्तव्य को महत्व देता है। जिसने अपनी इच्छाओं और इंद्रियों पर नियंत्रण पा लिया हो, उसके लिए सुख-सुविधाएं मायने नहीं रखतीं। वहीं, जो व्यक्ति सभी इच्छाओं से मुक्त हो जाता है, उसके लिए पूरी दुनिया का आकर्षण खत्म हो जाता है। इसका मतलब है कि ज्ञान, साहस, आत्मसंयम और वैराग्य पाने के बाद इंसान छोटी-बड़ी चीजों के मोह से ऊपर उठ जाता है।

तक्षकस्य विषं दन्ते मक्षिका विषं शिरः।
वृश्चिकस्य विषं पुच्छे सर्वाङ्गे दुर्जनोविषम् ॥

अर्थ- आचार्य चाणक्य कहते हैं कि सांप का विष उसके दांतों में होता है, मक्खी का विष उसके सिर में और बिच्छू का विष उसकी पूंछ में होता है। लेकिन बुरे व्यक्तियों का विष उसके पूरे शरीर में होता है। ऐसे में बुरे स्वभाव वाले व्यक्ति से हर समय सावधान रहना चाहिए, क्योंकि उसकी नकारात्मकता और हानि पहुंचाने की प्रवृत्ति केवल एक जगह नहीं, बल्कि उसके पूरे व्यवहार में होती है।

लोभश्वेदगुणेन किं पिशुनता यद्यस्ति किं पातकैः सत्यं चेत्तपसा च किं शुचि मनो यद्यस्ति तीर्थेन किम्।
सौजन्यं यदि किं गुणैः सुमहिमा यद्यस्ति किं मण्डनैः सद्विद्या यदि किं धनैरपयशो यद्यस्ति किं मृत्युना ॥

अर्थ- इस श्लोक में आचार्य चाणक्य कहते हैं कि अगर किसी व्यक्ति में लोभ यानी लालच है, तो उसे किसी और बुराई की जरूरत नहीं। अगर कोई चुगली और बुराई करने वाला है, तो वही सबसे बड़ा पाप है। यदि व्यक्ति सच बोलता है, तो उसे अलग से तपस्या करने की जरूरत नहीं। अगर मन साफ और पवित्र है, तो तीर्थ यात्रा का भी खास महत्व नहीं रह जाता। जिस व्यक्ति में अच्छा व्यवहार और सज्जनता है, उसके लिए दूसरे गुणों की जरूरत कम हो जाती है। अगर किसी के पास अच्छी प्रतिष्ठा और सम्मान है, तो बाहरी सजावट का महत्व नहीं रहता। जिस व्यक्ति के पास सच्चा ज्ञान है, उसके लिए धन सबसे बड़ी चीज नहीं होता। वहीं, अगर किसी को बदनामी मिल जाए, तो वह मृत्यु के समान दुखद होती है।

डिस्क्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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लेखक के बारे में

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संक्षिप्त विवरण: धीरज पाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में 7 साल का अनुभव है। लाइव हिन्दुस्तान में काम करते हुए इन्हें 4 साल हो गए हैं। धीरज एजुकेशन रिपोर्टर के तौर पर काम कर चुके हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने राजनीति समाचार, एजुकेशन बीट के लिए ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। हिंदुस्तान लाइव में यूपी बोर्ड से लेकर उन्होंने लोकसभा चुनाव कवर करने साथ-साथ खेल जैसे बीट पर काम किया। अब इनका एकमात्र उद्देश्य करियर और एजुकेशन से जुड़ी रुचिगत, सरल, प्रमाणिक और पाठक-हितैषी रूप में प्रस्तुत करना है।

व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।

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