Quote Of The Day: बहुत ज्यादा सुंदरता, घमंड और दान बनते हैं विनाश की वजह, पढ़ें चाणक्य के विचार

Apr 04, 2026 08:48 am ISTDheeraj Pal लाइव हिन्दुस्तान
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aaj ka vichar: आचार्य चाणक्य एक महान विद्वान थे। उनकी नीतियां केवल उस समय के लिए नहीं थीं, बल्कि आज के जीवन में भी उतनी ही सार्थक हैं। चाणक्य यह बताते हैं कि जीवन में संतुलन सबसे जरूरी है। अ

Quote Of The Day: बहुत ज्यादा सुंदरता, घमंड और दान बनते हैं विनाश की वजह, पढ़ें चाणक्य के विचार

Aaj Ka Vichar: आचार्य चाणक्य एक महान विद्वान थे। उनकी नीतियां केवल उस समय के लिए नहीं थीं, बल्कि आज के जीवन में भी उतनी ही सार्थक हैं। चाणक्य यह बताते हैं कि जीवन में संतुलन सबसे जरूरी है। अगर कोई व्यक्ति हर समय सिर्फ अच्छा बनने की कोशिश करता है और अपनी सीमाओं का ध्यान नहीं रखता, तो लोग उसका फायदा उठा सकते हैं। इसलिए अच्छाई जरूरी है, लेकिन उतनी ही जितनी सही हो। आज हमने चाणक्य नीति के कुछ श्लोक चुने हैं, जो एक ऐसा जीवन मंत्र है जिसे हमेशा याद रखना चाहिए और अपने व्यवहार में उतारना चाहिए।

श्लोक 1

अतिरुपेणवैसीताअतिगर्वेणरावणः।
अतिदानाद्वलिर्वद्धोह्यतिसर्वत्र वर्जयेत्॥

अर्थ- आचार्य चाणक्य इस श्लोक में कहते हैं कि सीता जी कीअत्यधिक सुंदरता ही उनके हरण का कारण बना। यानी कोई भी चीज जरूरत से ज्यादा हो जाए, तो वह समस्या बन सकती है। रावण का अत्यधिक घमंड ही उसके विनाश का कारण बना। मतलब, जरूरत से ज्यादा अहंकार हमेशा नुकसान देता है। राजा बलि ने अत्यधिक दान किया, जिसके कारण वे बंधन में पड़ गए। यानी जरूरत से ज्यादा उदारता भी कभी-कभी हानि पहुंचा सकती है। इसका अर्थ है कि बहुत ज्यादा सुंदरता, बहुत ज्यादा घमंड, या बहुत ज्यादा दान, ये सब भी नुकसान का कारण बन सकते हैं। इसलिए जीवन में हर चीज संतुलित होनी चाहिए, किसी भी चीज की अति नहीं करनी चाहिए।

श्लोक 2

कोऽतिभारः समर्थानां किं दूरं व्यवसायिनाम्।
को विदेशः सुविद्यानांकः परः प्रियवादिनाम्।।

अर्थ- वो कहते हैं जो सक्षम होते हैं, उनके लिए कोई भी भार भारी नहीं होता। यानी मजबूत और योग्य व्यक्ति हर जिम्मेदारी उठा सकता है। जो मेहनती और प्रयास करने वाले होते हैं, उनके लिए कोई भी जगह दूर नहीं होती। मेहनती इंसान अपने लक्ष्य तक पहुंच ही जाता है, दूरी मायने नहीं रखती। जो विद्वान (ज्ञान वाले) होते हैं, उनके लिए कोई भी स्थान पराया नहीं होता। ज्ञान आपको हर जगह सम्मान दिलाता है। जो मीठा और अच्छा बोलते हैं, उनके लिए कोई भी व्यक्ति पराया नहीं होता। अच्छे व्यवहार और मधुर वाणी से हर कोई अपना बन जाता है।

श्लोक 3

एकेनापि सुवृक्षेण दह्यमानेन गन्धिना।
वासितं तद्वनं सर्वं कुपुत्रेण कुलं यथा॥

अर्थ- जैसे एक सुगंधित पेड़ के जलने पर उसकी खुशबू पूरे जंगल में फैल जाती है। ठीक वैसे ही एक कुपुत्र पूरे परिवार की छवि खराब कर सकता है।

श्लोक 4

एकेन शुष्कवृक्षेण दह्यमानेन वह्निना।
दह्यते तद्वनं सर्वं कुपुत्रेण कुलं यथा॥

अर्थ- आचार्य चाणक्य कहते हैं कि जैसे एक सूखा पेड़ आग लगने पर पूरे जंगल को जला देता है, वैसे ही एक बुरा व्यक्ति (कुपुत्र) पूरे परिवार की प्रतिष्ठा और सुख को नष्ट कर सकता है।

डिस्क्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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संक्षिप्त विवरण
धीरज पाल एक डिटिजल पत्रकार है, जिन्हें इस क्षेत्र में 7 से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का हिस्सा हैं। यहां वह ग्रह गोचर, वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, रत्न शास्त्र से जुड़ी खबरें लिखते हैं।

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धीरज पाल डिजिटल मीडिया में उभरता एक ऐसा नाम है, जो पाठक को धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा परोसते हैं। वो ग्रह नक्षत्रों, वास्तु शास्त्र, अंक ज्योतिष,रत्न शास्त्र जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और पिछले 4 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने समाचार, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।

धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद वो लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। अब इनका एकमात्र उद्देश्य ज्योतिषीय जानकारी को रुचिगत, सरल, प्रमाणिक रूप में प्रस्तुत करना है।

व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।

विशेषज्ञता (Areas of Expertise):
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