Quote Of The Day: हजारों लड़ाइयां जीतने से अच्छा है कि खुद पर विजय प्राप्त करो, पढ़ें भगवान गौतम बुद्ध के उपदेश
Aaj Ka Vichar: गौतम बुद्ध के प्रेरक विचार आज भी काफी प्रासांगिक है। उनके विचार हमें जीवन में सफलता, शांति और संतुलन प्राप्त करने के लिए प्रेरित करते हैं।

बौद्ध धर्म के प्रवर्तक और मानवता के महान मार्गदर्शक महात्मा गौतम बुद्ध का मूल नाम सिद्धार्थ था। उनका जन्म नेपाल के लुंबिनी में एक शाही परिवार में हुआ था। हालांकि, उन्होंने राजसी जीवन की सुख-सुविधाओं का त्याग कर समाज की भलाई और ध्यान साधना का मार्ग अपनाया। गौतम बुद्ध ने दुनिया को अहिंसा, करुणा और मानसिक शांति का संदेश दिया। उनके प्रेरणादायक विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं और हमें जीवन में सफलता, संतुलन और आंतरिक शांति प्राप्त करने की दिशा में मार्गदर्शन करते हैं।
भगवान बुद्ध के खास उपदेश
दूसरों का अहित न करें
अपने जीवन की रक्षा के लिए भी जानबूझकर किसी जीव को हानि न पहुँचाएं। जहां मन हिंसा से दूर होता है, वहीं से दुःख भी धीरे-धीरे समाप्त होने लगता है।
सत्य का महत्व
तीन चीजें कभी लंबे समय तक छिपी नहीं रह सकतीं सूर्य, चंद्रमा और सत्य। जैसे सूर्य और चंद्रमा समय आने पर स्पष्ट दिखाई देते हैं, उसी तरह सत्य भी एक दिन उजागर हो ही जाता है। इसलिए असत्य से दूर रहना ही व्यक्ति के लिए हितकारी है। सत्यवाणी ही अमृतवाणी है, सत्यवाणी ही सनातन धर्म है। सत्य, सदर्थ और सधर्म पर संतजन सदैव दृढ़ रहते हैं।
दूसरों को सुख देना सीखें
हर इंसान जीना चाहता है, मरना नहीं, वह सुख चाहता है, दुःख नहीं। जब हम खुद सुख की इच्छा रखते हैं, तो किसी दूसरे प्राणी को कष्ट देना कैसे उचित हो सकता है? इसलिए मनुष्य को न केवल स्वयं हिंसा से दूर रहना चाहिए, बल्कि दूसरों को भी अहिंसा का मार्ग अपनाने के लिए प्रेरित करना चाहिए।
अन्य विचार
- संतोष सबसे बड़ा धन है, वफादारी सबसे बड़ा संबंध है और स्वास्थ्य सबसे बड़ा उपहार है।
- आपको अगर मोक्ष पाना है तो खुद ही मेहनत करनी होगी, दूसरों पर निर्भर मत रहिए।
- जीवन में किसी उद्देश्य या लक्ष्य तक पहुंचने से ज्यादा महत्वपूर्ण उस यात्रा को अच्छे से संपन्न करना होता है।
- बुराई से बुराई कभी खत्म नहीं होती। घृणा को तो केवल प्रेम द्वारा ही समाप्त किया जा सकता है, यह एक अटूट सत्य है।
- जीवन में हजारों लड़ाइयां जीतने से अच्छा है कि तुम स्वयं पर विजय प्राप्त कर लो। फिर जीत हमेशा तुम्हारी होगी, इसे तुमसे कोई नहीं छीन सकता।
- जब किसी के संगत से आपके विचार शुद्ध होने लगे तो आप समझ लीजिए की वह कोई साधारण व्यक्ति नहीं है।
-प्राचीन समय में मनुष्य के केवल तीन ही कष्ट माने जाते थे इच्छा, भूख और वृद्धावस्था। लेकिन जैसे-जैसे पशु हिंसा बढ़ती गई, ये कष्ट अनेक रूपों में बढ़कर असंख्य हो गए। आज कुछ याजक और पुरोहित निर्दोष पशुओं की बलि देकर धर्म के मूल स्वरूप को ही नष्ट कर रहे हैं। यज्ञ के नाम पर की जाने वाली यह हिंसा वास्तव में घोर निंदनीय और अधर्मपूर्ण आचरण है। प्राचीन विद्वानों ने भी ऐसे कर्म करने वाले याजकों की कठोर आलोचना की है।
डिस्क्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
लेखक के बारे में
Dheeraj Palसंक्षिप्त विवरण:
धीरज पाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में 7 साल का अनुभव है। लाइव हिन्दुस्तान में काम करते हुए इन्हें 4 साल हो गए हैं। धीरज एजुकेशन रिपोर्टर के तौर पर काम कर चुके हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने राजनीति समाचार, एजुकेशन बीट के लिए ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। हिंदुस्तान लाइव में यूपी बोर्ड से लेकर उन्होंने लोकसभा चुनाव कवर करने साथ-साथ खेल जैसे बीट पर काम किया। अब इनका एकमात्र उद्देश्य करियर और एजुकेशन से जुड़ी रुचिगत, सरल, प्रमाणिक और पाठक-हितैषी रूप में प्रस्तुत करना है।
व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।
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