Quote Of The Day: छोटी सोच वाले धन चाहते हैं, लेकिन श्रेष्ठ लोग केवल सम्मान, पढ़ें आचार्य चाणक्य के विचार

Apr 14, 2026 07:44 am ISTDheeraj Pal लाइव हिन्दुस्तान
share

aaj ka vichar: आचार्य चाणक्य एक महान विचारक थे, जिनकी सीख आज भी लोगों को सही दिशा दिखाती है। उन्होंने अपने नीति शास्त्र में जीवन को सुखी और सफल बनाने के कई महत्वपूर्ण सूत्र बताए हैं।

Quote Of The Day: छोटी सोच वाले धन चाहते हैं, लेकिन श्रेष्ठ लोग केवल सम्मान, पढ़ें आचार्य चाणक्य के विचार

Aaj Ka Vichar: आचार्य चाणक्य एक महान विचारक थे, जिनकी सीख आज भी लोगों को सही दिशा दिखाती है। उन्होंने अपने नीति शास्त्र में जीवन को सुखी और सफल बनाने के कई महत्वपूर्ण सूत्र बताए हैं। चाणक्य ने सिर्फ राजनीति और अर्थशास्त्र ही नहीं, बल्कि परिवार, समाज, रिश्ते, नौकरी और सफलता से जुड़ी अहम बातें भी समझाई हैं, जो आज भी उपयोगी हैं। आज हम उनके 5 ऐसे श्लोकों के बारे में जानेंगे, जिन्हें जीवन में अपनाकर सफलता की राह आसान बनाई जा सकती है।

श्लोक 1

अधमा धनमिच्छन्ति, धनं मानं च मध्यमाः।
उत्तमा मानमिच्छन्ति, मानो हि महतां धनम्॥

अर्थ- इस श्लोक में आचार्य चाणक्य कहते हैं कि छोटी सोच वाले लोग सिर्फ धन चाहते हैं, सामान्य लोग धन के साथ सम्मान भी चाहते हैं, लेकिन श्रेष्ठ लोग केवल सम्मान को ही सबसे बड़ा धन मानते हैं।

श्लोक 2

इक्षुरापः पयो मूलं ताम्बूलं फलमौषधम्।
भक्षयित्वाऽपि कर्तव्याःस्नान दानादिकाः क्रियाः॥

अर्थ- गन्ना, पानी, दूध, जड़ (मूल), पान, फल या औषधि लेने के बाद भी स्नान, दान आदि धार्मिक कार्य किए जा सकते हैं। इस श्लोक का मतलब है कि ये चीज़ें हल्की और शुद्ध मानी जाती हैं, इसलिए इन्हें लेने के बाद व्यक्ति अपवित्र नहीं होता और वह पूजा, स्नान, दान जैसे शुभ कार्य कर सकता है।

श्लोक 3

दीपो भक्षयते ध्वान्तं कज्जलं च प्रसूयते।
यदन्नं भक्ष्यते नित्यं जायते तादृशी प्रजा ॥

अर्थ- जिस तरह दीपक अंधकार को दूर करता है, लेकिन उससे काजल भी बनती है। उसी तरह इंसान जैसा भोजन खाता है, वैसा ही उसका संतान होता है। उसका स्वभाव और व्यवहार भी वैसा ही बन जाता है। अच्छा और शुद्ध भोजन न सिर्फ शरीर बल्कि मन और व्यवहार को भी अच्छा बनाता है।

श्लोक 4

वित्तंदेहि गुणान्वितेष मतिमन्नाऽन्यत्रदेहि क्वचित्। प्राप्तं वारिनिधेर्जलं घनमुचां माधुर्ययुक्तं सदा जीवाः स्थावरजङ्गमाश्च सकला संजीव्य भूमण्डलं। भूयः पश्यतदेवकोटिगुणितंगच्छस्वमम्भोनिधिम् ॥

अर्थ- इस श्लोक में आचार्य चाणक्य कहते हैं कि हे बुद्धिमान! धन या संपत्ति हमेशा योग्य और गुणी लोगों को ही देना चाहिए, न कि अयोग्य को। जैसे समुद्र का पानी बादल लेकर उसे मीठा बनाकर धरती पर बरसाता है, जिससे सभी जीव-जंतु और पेड़-पौधे जीवित रहते हैं। फिर वही पानी कई गुना होकर वापस समुद्र में चला जाता है।

श्लोक 5

अजीर्णे भेषजं वारि, जीर्णे वारि बलप्रदम्।
भोजने चाऽमृतं वारि भोजनान्ते विषप्रदम् ॥

अर्थ- आचार्य चाणक्य के अनुसार, जब अपच की समस्या हो तो पानी दवा की तरह काम करता है। भोजन करते समय जरूरत अनुसार थोड़ा-थोड़ा पानी पीना लाभदायक होता है। इसके अलावा, खाना खाने के करीब आधे से एक घंटे बाद आराम से पानी पीना शरीर के लिए अच्छा माना गया है और इससे ताकत मिलती है। हालांकि, खाने के तुरंत बाद पानी नहीं पीना चाहिए, क्योंकि इससे पाचन पर बुरा असर पड़ सकता है और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं।

डिस्क्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Dheeraj Pal

लेखक के बारे में

Dheeraj Pal

संक्षिप्त विवरण
धीरज पाल एक डिटिजल पत्रकार है, जिन्हें इस क्षेत्र में 7 से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का हिस्सा हैं। यहां वह ग्रह गोचर, वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, रत्न शास्त्र से जुड़ी खबरें लिखते हैं।

विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव

धीरज पाल डिजिटल मीडिया में उभरता एक ऐसा नाम है, जो पाठक को धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा परोसते हैं। वो ग्रह नक्षत्रों, वास्तु शास्त्र, अंक ज्योतिष,रत्न शास्त्र जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और पिछले 4 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने समाचार, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।

धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद वो लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। अब इनका एकमात्र उद्देश्य ज्योतिषीय जानकारी को रुचिगत, सरल, प्रमाणिक रूप में प्रस्तुत करना है।

व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।

विशेषज्ञता (Areas of Expertise):
ग्रह और नक्षत्रों का असर
वास्तु शास्त्र
न्यूमरोलॉजी
रत्न विज्ञान

और पढ़ें
जानें लेटेस्ट Dharm News, Aaj ka Rashifal और सटीक Panchang की जानकारी। अपनी डेली पूजा के लिए यहाँ पढ़ें Shiv Chalisa, Hanuman Chalisa और Bajrang Baanहिंदू कैलेंडर 2026 की शुभ तिथियों के साथ अपने हर दिन को खास बनाएं!