Quote Of The Day: विद्या अभ्यास से टिकती है, परिवार अच्छे आचरण से सम्मान पाता है, पढ़ें आचार्य चाणक्य के विचार
आचार्य चाणक्य की शिक्षाएं आज भी उतनी ही महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। उन्होंने रिश्तों, व्यवहार और सफलता के सिद्धांतों को बहुत ही सरल और व्यावहारिक तरीके से समझाया है। माना जाता है कि जो व्यक्ति इन बातों को अपने जीवन में अपनाता है, उसके लिए आगे बढ़ना और सफलता पाना आसान हो जाता है।

Aaj Ka Suvichar: आचार्य चाणक्य की शिक्षाएं आज भी उतनी ही महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। उन्होंने रिश्तों, व्यवहार और सफलता के सिद्धांतों को बहुत ही सरल और व्यावहारिक तरीके से समझाया है। माना जाता है कि जो व्यक्ति इन बातों को अपने जीवन में अपनाता है, उसके लिए आगे बढ़ना और सफलता पाना आसान हो जाता है। नीचे कुछ ऐसे श्लोक दिए गए हैं, जो जीवन में सही दिशा दिखाने और समस्याओं से बचने में मदद करते हैं।
श्लोक 1
परोक्षे कार्य्यहन्तारं प्रत्यक्षे प्रियवादिनम्
वर्जयेत्तादृशं मित्रं विषकुम्भम्पयोमुखम्॥
अर्थ- आचार्य चाणक्य कहते हैं कि जो व्यक्ति सामने तो मीठी-मीठी बातें करता है, लेकिन पीछे से आपका काम बिगाड़ता है, ऐसे मित्र को छोड़ देना चाहिए। वह मित्र उस घड़े की तरह होता है जिसमें ऊपर से दूध दिखता है, लेकिन अंदर जहर भरा होता है।
न विश्वसेत्कुमित्रे च मित्रे चापि न विश्वसेत्।
कदाचित्कुपितं मित्रं सर्वगुह्यं प्रकाशयेत्॥
अर्थ- आचार्य चाणक्य कहते हैं कि बुरे मित्र पर तो कभी भरोसा नहीं करना चाहिए, लेकिन अच्छे मित्र पर भी पूरी तरह अंधा भरोसा नहीं करना चाहिए। क्योंकि कभी अगर वही मित्र नाराज हो जाए, तो वह आपके सारे राज दूसरों को बता सकता है।
अभ्यासाध्दार्यते विद्या कुलं शीलेन धार्यते।
गुणेन ज्ञायते त्वार्यः कोपो नेत्रेण गम्यते ॥
अर्थ- इसका श्लोक के जरिए आचार्य चाणक्य कहते हैं कि विद्या अभ्यास से टिकती है।अगर हम नियमित अभ्यास नहीं करेंगे, तो सीखी हुई चीजें धीरे-धीरे भूल जाती हैं। कुल यानी परिवार अच्छे आचरण से सम्मान पाता है। अगर इंसान का आचरण अच्छा है, तो उसके परिवार की प्रतिष्ठा भी बढ़ती है। अच्छा इंसान उसके गुणों से पहचाना जाता है। क्रोध छुपाया नहीं जा सकता, वह आंखों से साफ दिखाई दे जाता है।
विद्या मित्रं प्रवासेषु भार्या मित्रं गृहेषु च।
व्यधितस्यौषधं मित्रं धर्मो मित्रं मृतस्य च ॥
अर्थ- विद्या बाहर या परदेश में आपका सबसे अच्छा मित्र होती है। घर में पत्नी सबसे बड़ी साथी होती है। बीमार व्यक्ति के लिए दवा ही उसका सच्चा मित्र होती है। और मरने के बाद केवल अच्छे कर्म ही साथ जाते हैं। यानी हर स्थिति में अलग-अलग चीजें हमारी सच्ची साथी बनती हैं।
नराणां नापितो धूर्तः पक्षिणां चैव वायसः।
चतुष्पदां श्रृगालस्तु स्त्रीणां धुर्ता च मालिनी ॥
आचार्य चाणक्य कहते हैं कि मनुष्यों में नाई को चतुर या चालाक माना गया है। पक्षियों में कौआ सबसे चालाक होता है। चार पैरों वाले जानवरों में सियार को धूर्त माना जाता है और स्त्रियों में माली की पत्नी को चतुर बताया गया है।
डिस्क्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
लेखक के बारे में
Dheeraj Palसंक्षिप्त विवरण
धीरज पाल एक डिटिजल पत्रकार है, जिन्हें इस क्षेत्र में 7 से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का हिस्सा हैं। यहां वह ग्रह गोचर, वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, रत्न शास्त्र से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
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परिचय और अनुभव
धीरज पाल डिजिटल मीडिया में उभरता एक ऐसा नाम है, जो पाठक को धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा परोसते हैं। वो ग्रह नक्षत्रों, वास्तु शास्त्र, अंक ज्योतिष,रत्न शास्त्र जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और पिछले 4 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने समाचार, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।
धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद वो लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। अब इनका एकमात्र उद्देश्य ज्योतिषीय जानकारी को रुचिगत, सरल, प्रमाणिक रूप में प्रस्तुत करना है।
व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।
विशेषज्ञता (Areas of Expertise):
ग्रह और नक्षत्रों का असर
वास्तु शास्त्र
न्यूमरोलॉजी
रत्न विज्ञान


