Quote of the Day: धीमा जहर होता है अधूरा अभ्यास, चाणक्य नीति के अनुसार, ये 4 गलत आदतें जिंदगी को बना देती हैं नरक

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Aaj Ka Suvichar 8 June 2026: चाणक्य नीति के अनुसार अधूरा अभ्यास, अत्यधिक बोलना, गलत संगति और अनुचित आसक्ति जैसी 4 गलत आदतें जीवन को धीरे-धीरे नरक बना देती हैं। जानें इन आदतों को कैसे छोड़ें और सफल, सुखी जीवन कैसे जीएं।

Quote of the Day: धीमा जहर होता है अधूरा अभ्यास, चाणक्य नीति के अनुसार, ये 4 गलत आदतें जिंदगी को बना देती हैं नरक

आज 8 जून 2026 की शाम याद दिला रही है कि जीवन में जो कुछ भी हम अधूरा छोड़ देते हैं, वह धीरे-धीरे हमारे लिए जहर बन जाता है। चाणक्य नीति हमें सिखाती है कि छोटी-छोटी गलत आदतें भी समय के साथ जीवन को नरक बना सकती हैं।

चाणक्य नीति में एक महत्वपूर्ण श्लोक है:

अनभ्यासे विषं शास्त्रमजीर्णे भोजनं विषम्।

दरिद्रस्य विषं गोष्ठी वृद्धस्य तरुणी विषम्।।

इसका अर्थ है - बिना अभ्यास के ज्ञान विष है, अपच भोजन विष है, गरीब के लिए गपशप विष है और बूढ़े के लिए युवती विष है। चाणक्य जी इन चार गलत आदतों को जीवन का सबसे बड़ा जहर बताते हैं।

अनभ्यास ज्ञान सबसे बड़ा विष

चाणक्य कहते हैं कि बिना अभ्यास का ज्ञान सबसे खतरनाक विष है। आजकल बहुत से लोग किताबें पढ़ लेते हैं, कोर्स कर लेते हैं, लेकिन उस ज्ञान को व्यवहार में नहीं लाते हैं। नतीजा यह होता है कि ज्ञान सिर पर बोझ बन जाता है और जीवन में कोई उपयोग नहीं आता है। जो व्यक्ति जो सीखता है, उसे नियमित अभ्यास में लाना चाहिए, तभी वह उपयोगी बनता है।

अजीर्ण भोजन शरीर का जहर

बिना भूख के या जल्दबाजी में खाया गया भोजन शरीर के लिए विष है। चाणक्य जी कहते हैं कि जब पेट भरा हुआ हो तब खाना खाना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। आजकल की भागदौड़ में हम अक्सर अनियमित समय पर खाना खाते हैं, जिससे पाचन बिगड़ता है और कई बीमारियां जन्म लेती हैं। सही समय पर और सही मात्रा में भोजन करना ही स्वास्थ्य का आधार है।

गरीब के लिए गोष्ठी विष है

दरिद्र व्यक्ति के लिए व्यर्थ की गपशप और दूसरों की निंदा सबसे बड़ा जहर है। जब कोई व्यक्ति आर्थिक रूप से कमजोर होता है, तो उसे समय का सबसे अच्छा उपयोग करना चाहिए। लेकिन कई लोग इसी समय में दूसरों की आलोचना, अफवाहें और बेकार की बातों में अपना समय बर्बाद कर देते हैं। आचार्य चाणक्य कहते हैं कि गरीबी में व्यर्थ की बातें करना व्यक्ति को और अधिक पिछड़ने पर मजबूर कर देता है।

वृद्ध के लिए युवती विष है

बुढ़ापे में युवा स्त्री या अत्यधिक भोग-विलास सबसे बड़ा विष है। चाणक्य जी कहते हैं कि उम्र ढलने के बाद व्यक्ति को संयम और शांति की ओर बढ़ना चाहिए। यदि कोई वृद्ध व्यक्ति युवावस्था की इच्छाओं को पूरा करने की कोशिश करता है, तो वह अपने स्वास्थ्य, सम्मान और शांति दोनों को खो बैठता है। समय के साथ अपनी इच्छाओं को नियंत्रित करना ही बुद्धिमानी है।

इन गलत आदतों से कैसे बचें?

चाणक्य नीति हमें सिखाती है कि इन चार विषों से बचने का सबसे अच्छा उपाय है - नियमित अभ्यास, संयमित भोजन, समय का सदुपयोग और उम्र के अनुसार जीवन जीना। रोज थोड़ा-थोड़ा अभ्यास करें, भोजन को पूर्ण श्रद्धा से ग्रहण करें, व्यर्थ की बातों से दूर रहें और उम्र के साथ अपनी आदतों को बदलते रहें।

आज का सुविचार हमें याद दिलाता है कि जीवन में छोटी-छोटी गलत आदतें धीरे-धीरे जहर बन जाती हैं। चाणक्य नीति के इस श्लोक को अपनाकर हम अपने जीवन को सुखी, स्वस्थ और सफल बना सकते हैं। अधूरा अभ्यास छोड़ें, संयम अपनाएं और समय का सही उपयोग करें। यही सच्चा ज्ञान है जो जीवन को नरक नहीं, स्वर्ग बना सकता है।

Navaneet Rathaur

लेखक के बारे में

Navaneet Rathaur

संक्षिप्त विवरण

नवनीत राठौर नए युग के डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें इस क्षेत्र में करीब 7 साल का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन के हिस्सा हैं। यहां वह अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष से जुड़ी खबरें लिखते हैं।


विस्तृत बायो परिचय और अनुभव

डिजिटल मीडिया में अपनी अलग पहचान बना रहे नवनीत राठौर धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा में पाठकों के लिए परोसते हैं। वो अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और करीब 5 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान नवनीत ने वेबस्टोरी, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।


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नवनीत ने शारदा विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा से जनसंचार एवं पत्रकारिता में स्नातक और शुभारती विश्वविद्यालय से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।


नवनीत राठौर ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत जनतंत्र न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने सूर्या समाचार और अमर उजाला जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद नवनीत लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। पाठकों को सरल, विश्वसनीय और प्रेरणादायक जानकारी प्रदान करना ही नवनीत राठौर का मुख्य उद्देश्य है।


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