Quote of the Day: जीवन बर्बाद कर देती है ये गलत आदत, समाज में नहीं रह जाता है मान-सम्मान, विदुर नीति से जानें इसके राज
Quote of the Day: विदुर नीति के अनुसार ये गलत आदतें जीवन बर्बाद कर देती हैं और समाज में सम्मान खत्म कर देती हैं। जानें दूसरों का अहित करना और मजाक उड़ाने जैसी बुरी आदतों से कैसे बचें और जीवन में सम्मान व सफलता कैसे बनाए रखें।

26 मई 2026 के शाम का सुविचार हमें याद दिलाता है कि 'जो दूसरों को नुकसान पहुंचाता है, वह खुद को सबसे पहले नुकसान पहुंचाता है। सम्मान वह नहीं जो जबरन लिया जाए, सम्मान वह है जो अच्छे कर्मों से अपने आप मिलता है।'
विदुर नीति में आचार्य विदुर कहते हैं कि जो व्यक्ति दूसरों का अहित करता है, उसे एक ना एक दिन अपने किए का फल भोगना ही पड़ता है। बुराई करने वाला व्यक्ति सोचता है कि वह दूसरों को नुकसान पहुंचा रहा है, लेकिन असल में वह खुद को ही बर्बाद कर रहा है। ईर्ष्या, लालच और दूसरों को नीचा दिखाने की आदत धीरे-धीरे इंसान को समाज में अकेला कर देती है। जब तक उसे अपनी गलती का अहसास होता है, तब तक बहुत देर हो चुकी होती है।
दूसरों का अहित करने का घातक परिणाम
विदुर नीति स्पष्ट रूप से कहती है कि जो व्यक्ति दूसरों को नुकसान पहुंचाता है, वह खुद संकटों में फंस जाता है। बुराई का बीज बोने वाला व्यक्ति कभी सुखी नहीं रह सकता। चाहे वह ईर्ष्या से प्रेरित हो या लालच से, लेकिन अंत में उसे अपने कर्मों का फल जरूर मिलता है। कई बार व्यक्ति छोटी-छोटी चालाकियों से दूसरों को नीचा दिखाने की कोशिश करता है, लेकिन समय के साथ ये चालाकियां ही उसके लिए मुसीबत बन जाती हैं।
ईर्ष्या और लालच - सम्मान का सबसे बड़ा दुश्मन
ईर्ष्या और लालच दो ऐसी गलत आदतें हैं, जो इंसान को अंदर से खोखला कर देती हैं। विदुर कहते हैं कि जो व्यक्ति दूसरों की सफलता देखकर जलता है या उनकी तरक्की में रोड़ा अटकाता है, वह खुद अपनी तरक्की की राह बंद कर लेता है। समाज में ऐसे व्यक्ति की विश्वसनीयता खत्म हो जाती है। लोग धीरे-धीरे उससे दूरी बनाने लगते हैं। क्योंकि कोई भी व्यक्ति ऐसे इंसान के साथ जुड़ना नहीं चाहता, जिसके मन में सदैव दूसरों का अहित भरा हो।
दूसरों का मजाक उड़ाना - पतन की शुरुआत
विदुर नीति में मजाक उड़ाने और दूसरों की मजबूरी पर हंसने को बहुत बड़ा दोष बताया गया है। जो व्यक्ति दूसरों का परिहास करता है, एक दिन उसे खुद मजाक का पात्र बनना पड़ता है। हंसी-मजाक की आड़ में किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना या किसी की कमजोरी का फायदा उठाना गलत है। शुरू में ऐसा व्यक्ति लोगों का ध्यान आकर्षित कर सकता है, लेकिन बाद में लोग उससे किनारा कर लेते हैं। सम्मान खोने के बाद फिर से उसे हासिल करना बहुत मुश्किल हो जाता है।
विश्वसनीयता खोने का दर्द
जब कोई व्यक्ति बार-बार दूसरों का अहित करता है, तो धीरे-धीरे उसकी विश्वसनीयता समाप्त हो जाती है। लोग उस पर भरोसा करना छोड़ देते हैं। परिवार, दोस्त और समाज - हर जगह से उसे अकेलापन महसूस होने लगता है। विदुर नीति कहती है कि बुराई करने वाला व्यक्ति चाहे कितना भी चतुर क्यों ना हो, अंत में वह अकेला पड़ जाता है। क्योंकि बुराई का साथ कोई नहीं देता है।
सुखी और सम्मानजनक जीवन का मार्ग
विदुर नीति हमें सिखाती है कि बुराई से दूर रहकर ही सच्चा सम्मान मिलता है। दूसरों का अहित ना करें, ईर्ष्या ना करें, लालच पर काबू रखें और किसी की मजबूरी पर हंसी ना उड़ाएं। जो व्यक्ति इन गलत आदतों से बच जाता है, उसे जीवन में सच्चा सुख और समाज में स्थायी सम्मान प्राप्त होता है। बुराई का बीज बोने वाले को अंत में पछतावा ही हाथ लगता है।
जीवन में छोटी-छोटी गलत आदतें भी बहुत भारी पड़ सकती हैं। विदुर नीति के अनुसार, बुराई करने वाला कभी सुखी नहीं रह सकता। इसलिए आज से ही इन गलत आदतों को छोड़ दें, ना बुरा करें, ना बुराई सुनें और ना ही बुराई का साथ दें। सच्ची राह पर चलने वाला ही अंत में सम्मान और सुख पाता है।
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Navaneet Rathaurसंक्षिप्त विवरण
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नवनीत ने शारदा विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा से जनसंचार एवं पत्रकारिता में स्नातक और शुभारती विश्वविद्यालय से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।
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