Quote of the Day: मीठी बातें करने वालों पर क्यों नहीं करना चाहिए तुरंत भरोसा? जरूर पढ़ें आचार्य चाणक्य का ये श्लोक

लाइव हिन्दुस्तान
Follow us on Google News
share

आचार्य चाणक्य के एक श्लोक में लोगों की सही पहचान करने का सही तरीका बताया गया है। जानिए क्यों मीठी बातें करने वाले हर इंसान पर तुरंत भरोसा नहीं करना चाहिए और क्या कहती है चाणक्य की नीति?

Quote of the Day: मीठी बातें करने वालों पर क्यों नहीं करना चाहिए तुरंत भरोसा? जरूर पढ़ें आचार्य चाणक्य का ये श्लोक

आचार्य चाणक्य ने अपनी नीतियों में जिंदगी से जुड़ी कई ऐसी बातें बताई हैं जिनको समझने से काफी चीजें आसान हो सकती हैं। उनके अनुसार हर व्यक्ति वैसा नहीं होता जैसा वोहमें सामने से दिखाई देता है। लोग मीठी बातें करके दूसरों का विश्वास तो जीत लेते हैं लेकिन उनके मन में कुछ और ही चल रहा होता है। ऐसे में किसी भी इंसान पर भरोसा करने से पहले उसके स्वभाव और कर्मों को सही से समझना और देखना जरूरी है। इसी बात को चाणक्य ने अपने एक श्लोक में समझाने की कोशिश की है। आचार्य चाणक्य का ये श्लोक लोगों की सही पहचान करने की सीख देता है। चाणक्य कहते हैं कि सिर्फ मीठी-मीठी बातें करने वाले इंसान पर जल्दी भरोसा नहीं करना चाहिए। हर वो इंसान जो आपकी तारीफ करे या फिर आपसे अच्छे से बात करें जरूरी नहीं होता है कि वह आपके हित में ही सोच रहा हो।

आचार्य चाणक्य का श्लोक

दुर्जनः प्रियवादी च नैतद्विश्वासकारणम्।

मधु तिष्ठति जिह्वाग्रे हृदये तु हलाहलम्॥

दिल में विष जीभ पर शहद

इस श्लोक से चाणक्य ने यही बताने की कोशिश की है कि कि कुछ लोगों की जुबान पर शहद होता है लेकिन उनके दिल में लोगों के लिए सिर्फ और सिर्फ जहर भरा होता है। ऐसे लोग सामने से दोस्ती और अपनापन तो बहुत दिखाते हैं लेकिन अंदर ही अंदर अपने स्वार्थ के बारे में सोचते हैं और किसी का भी अच्छा देखते ही मन ही मन उसके पतन का सोचने लगते हैं। मौका मिलने पर ऐसे लोगों विश्वास तोड़ने में बिल्कुल भी पीछे नहीं हटते हैं।

आज के जमाने में जरूरी है ये सीख

आजकल आमतौर पर लोग अक्सर दूसरों का भरोसा जीतने के लिए मीठी और दिल को लुभाने वाली बातें करते हैं। कई बार तो सामने वाला इंसान इतनी अच्छी तरह से पेश आता है कि उसकी असली नीयत को समझना मुश्किल होता है। ऐसे में किसी की बातों में ना आकर उसके व्यवहार और कर्मों पर भी ध्यान देना चाहिए। चाणक्य की ये नीति कहती है कि इंसान वाकई में हमारा भला चाहता है वो हर परिस्थिति में हमारा साथ देता है। इसलिए किसी पर भरोसा करने से पहले उसकी नीयत और व्यवहार को पहले अच्छे से समझना चाहिए।

कर्मों से असली पहचान

चाणक्य का मानना था कि किसी भी इंसान का असली चरित्र उसके कामों से पहचाना जाता है। जो लोग मुश्किल समय में साथ दें और हमारी सफलता पर खुश हो। बिना स्वार्थ के मदद करें असल में वही अपने लोग होते हैं। सिर्फ अच्छी-अच्छी बातें करने वाला इंसान भरोसेमंद नहीं हो सकता है। हालांकि इस श्लोग का मतलब हर किसी पर शक करना भी नहीं है बल्कि ये हमें सभी से सतर्क रहने की सीख देता है।

Garima Singh

लेखक के बारे में

Garima Singh

शॉर्ट बायो: गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, अंक शास्त्र, रत्न शास्त्र, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।

परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। इस समय वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।

करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।

एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।

व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।

विशेषज्ञता (Areas of Expertise)
वास्तु शास्त्र
अंक शास्त्र
रत्न शास्त्र
फेंगशुई
हस्तरेखा शास्त्र

और पढ़ें
जानें लेटेस्ट Dharm News, Aaj ka Rashifal और सटीक Panchang की जानकारी। अपनी डेली पूजा के लिए यहाँ पढ़ें Shiv Chalisa, Hanuman Chalisa और Bajrang Baanहिंदू कैलेंडर 2026 की शुभ तिथियों के साथ अपने हर दिन को खास बनाएं!