Quote of the Day: दुष्टों से सख्ती, मूर्खों से परहेज...चाणक्य नीति के अनुसार सफलता के लिए जरूरी हैं ये 9 चीजें
दुष्टों से सख्ती, मूर्खों से दूरी, विद्वानों का आदर आदि, चाणक्य नीति के अनुसार सफलता और सम्मान पाने के लिए ये 8 गुण बहुत जरूरी हैं। जानें इन गुणों को अपनाकर कैसे बनें सफल और सम्मानित व्यक्ति।

1 जून 2026 - आज का दिन हमें याद दिलाता है कि सफलता कोई संयोग नहीं, बल्कि सही व्यवहार और समझदारी का परिणाम है। जो लोग अपनी हर स्थिति में संतुलन बनाए रखते हैं, वही जीवन में आगे बढ़ते हैं।
आचार्य चाणक्य ने चाणक्य नीति के 12वें अध्याय के तीसरे श्लोक में सफल इंसान की खासियतें बताई हैं:
दाक्षिण्यं स्वजने दया परजने शाठ्यं सदा दुर्जने।
प्रीतिः साधुजने स्मय खलजने विद्वज्जने चार्जवम्।
शौर्यं शत्रुजने क्षमा गुरुजने नारीजने धूर्तताः।
इत्थं ये पुरुषा कलासु कुशलास्तेष्वेव लोकस्थितिः।।
अर्थ: अपने लोगों के साथ नम्रता, परायों पर दया, दुष्टों के साथ सख्ती, सज्जनों से प्रेम, दुष्टों पर तिरस्कार, विद्वानों के साथ सरलता, शत्रुओं के साथ बहादुरी, गुरुजनों के साथ क्षमा और स्त्रियों के साथ चतुराई रखने वाले व्यक्ति ही जीवन में सफल होते हैं। ऐसे लोग ही संसार को संभाले रखते हैं।
चाणक्य कहते हैं कि सफलता के लिए सिर्फ मेहनत काफी नहीं है, बल्कि हर स्थिति में सही व्यवहार करना भी जरूरी है। आइए जानते हैं चाणक्य नीति के अनुसार सफलता के ये 8 खास नियम:
1. अपने लोगों के साथ नम्रता और प्रेम
चाणक्य कहते हैं कि परिवार और अपने करीबियों के साथ हमेशा नरम और प्यार भरा व्यवहार करना चाहिए। ये लोग आपके सबसे बड़े सहारे होते हैं। उनकी भावनाओं का सम्मान करें, उनकी मदद करें और उनके साथ विनम्र रहें। अपने ही लोगों से कठोर व्यवहार करने वाले बाहर भी सफल नहीं हो पाते हैं।
2. परायों पर दया और सहानुभूति
अजनबियों या परायों के साथ दया रखनी चाहिए। जरूरतमंद की मदद करना, किसी की तकलीफ समझना और बिना स्वार्थ के सहायता करना एक अच्छे इंसान की पहचान है। जीवन में सफल होने के लिए अच्छा इंसान बनना जरूरी है। चाणक्य कहते हैं कि दया ही इंसान को महान बनाती है।
3. दुष्टों के साथ सख्ती
दुष्ट, धोखेबाज और बुरे इरादे रखने वाले लोगों के साथ कभी नरमी ना बरतें। आचार्य चाणक्य स्पष्ट कहते हैं कि ऐसे लोगों के साथ कठोर और सख्त व्यवहार करना चाहिए, वरना वे आपको नुकसान पहुंचाएंगे।
4. सज्जनों के साथ प्रेम और आदर
सच्चे, अच्छे और नैतिक इंसानों के साथ प्रेम और सम्मान रखें। उनकी संगत आपको भी बेहतर बनाएगी। आचार्य चाणक्य कहते हैं कि साधु पुरुषों से दोस्ती करना सफलता का एक बड़ा कारण है।
5. विद्वानों के साथ सरलता और सीधापन
चाणक्य नीति के अनुसार, ज्ञानी और विद्वान लोगों के साथ सरल और सीधा व्यवहार रखें। उनसे घुमा-फिराकर बात ना करें। विद्वानों का आदर करने वाला व्यक्ति खुद भी ज्ञान प्राप्त करता है। जीवन में सफलता के लिए ज्ञान बहुत जरूरी है।
6. शत्रुओं के साथ बहादुरी
शत्रु के सामने कभी कमजोरी ना दिखाएं। बहादुरी और साहस के साथ उनका सामना करें। आचार्य चाणक्य कहते हैं कि डर दिखाने वाला व्यक्ति कभी सम्मान नहीं पा सकता है।
7. गुरुजनों के साथ क्षमा और सम्मान
गुरु, माता-पिता और बड़े-बुजुर्गों के साथ हमेशा क्षमा और सम्मान का भाव रखें। उनकी गलती को भी माफ करें और उनका आदर करें। गुरुजनों का आशीर्वाद सफलता का सबसे बड़ा आधार होता है।
8. स्त्रियों के साथ चतुराई
आचार्य चाणक्य कहते हैं कि स्त्रियों के साथ चतुराई और समझदारी से पेश आएं। उनकी भावनाओं का सम्मान करें, लेकिन भावुकता में बहकर कभी भी गलत फैसले ना लें।
चाणक्य नीति का सार
चाणक्य नीति हमें सिखाती है कि सफलता सिर्फ काम करने से नहीं आती, बल्कि हर इंसान के साथ सही व्यवहार करने से आती है। जो व्यक्ति ऊपर बताए गए 8 नियमों को अपने जीवन में अपनाता है, वह हर क्षेत्र में सफल होता है। आज का दिन इन नियमों को समझने और अपनाने का है।
अगर हम आचार्य चाणक्य की इस सीख को अपने जीवन में उतार लें, तो ना सिर्फ हम खुद सफल होंगे बल्कि दूसरों के लिए भी प्रेरणा बनेंगे।
लेखक के बारे में
Navaneet Rathaurसंक्षिप्त विवरण
नवनीत राठौर नए युग के डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें इस क्षेत्र में करीब 7 साल का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन के हिस्सा हैं। यहां वह अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
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नवनीत ने शारदा विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा से जनसंचार एवं पत्रकारिता में स्नातक और शुभारती विश्वविद्यालय से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।
नवनीत राठौर ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत जनतंत्र न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने सूर्या समाचार और अमर उजाला जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद नवनीत लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। पाठकों को सरल, विश्वसनीय और प्रेरणादायक जानकारी प्रदान करना ही नवनीत राठौर का मुख्य उद्देश्य है।
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