आज का पंचांग 25 जुलाई 2026: देवशयनी एकादशी, चातुर्मास का आरंभ, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और भद्रा का समय

लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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Aaj Ka Panchang Devshayani Ekadashi 2026 Today: 25 जुलाई को देवशयनी एकादशी का व्रत रखा जाएगा। इसी दिन से चातुर्मास की शुरुआत मानी जाती है, जब धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान विष्णु योगनिद्रा में चले जाते हैं। इस अवधि में विवाह, गृहप्रवेश और अन्य मांगलिक कार्य नहीं किए जाते। 

aaj ka panchang
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Aaj Ka Panchang Devshayani Ekadashi 2026 Today: 25 जुलाई, शनिवार, शक संवत् : 03,श्रावण (सौर) 1948, पंजाब पंचांग: 10, श्रावण मास प्रविष्टे 2083 इस्लाम: 10, सफर, 1448, विक्रमी संवत्: आषाढ़ शुक्ल एकादशी तिथि प्रातः 11.35 मिनट तक पश्चात द्वादशी तिथि, ज्येष्ठा नक्षत्र (दिन-रात), विष्टि (भद्रा) करण प्रातः 11.35 मिनट तक, चन्द्रमा वृश्चिक राशि में (दिन-रात)। सूर्य दक्षिणायन। प्रातः 09 बजे से प्रातः 10.30 मिनट तक राहुकालम्। भद्रा प्रातः 11.35 बजे तक। हरिशयनी एकादशी व्रत। गण्डमूल विचार। चातुर्मास्य व्रत नियमादि प्रारंभ।

देवशयनी एकादशी व्रत आज, शुरू हुआ चातुर्मास

हिंदू धर्म में एकादशी का व्रत महत्वपूर्ण स्थान रखता है। प्रत्येक वर्ष चौबीस एकादशियां होती हैं। जब अधिकमास या मलमास आता है तब इनकी संख्या बढ़कर 26 हो जाती है। आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को ही देवशयनी एकादशी कहा जाता है। कहीं-कहीं इस तिथि को 'पद्मनाभा' भी कहते हैं। सूर्य के मिथुन राशि में आने पर ये एकादशी आती है। इसी दिन से चातुर्मास का आरंभ माना जाता है। इस दिन से भगवान श्री हरि विष्णु क्षीरसागर में शयन करते हैं और फिर लगभग चार माह बाद तुला राशि में सूर्य के जाने पर उन्हें उठाया जाता है। उस दिन को देवोत्थानी एकादशी कहा जाता है। इस बीच के अंतराल को ही चातुर्मास कहा गया है। पुराणों में वर्णन आता है कि भगवान विष्णु इस दिन से चार मासपर्यन्त (चातुर्मास) पाताल में राजा बलि के द्वार पर निवास करके कार्तिक शुक्ल एकादशी को लौटते हैं। इसी प्रयोजन से इस दिन को 'देवशयनी' तथा कार्तिकशुक्ल एकादशी को प्रबोधिनी एकादशी कहते हैं। इस काल में यज्ञोपवीत संस्कार, विवाह, दीक्षाग्रहण, यज्ञ, गृहप्रवेश, गोदान, प्रतिष्ठा एवं जितने भी शुभ कर्म है, वे नहीं होते हैं।​

आज का पंचांग

सूर्योदय 06:15 ए एम

सूर्यास्त 09:39 पी एम

चन्द्रोदय 07:29 पी एम

चन्द्रास्त 02:28 ए एम, जुलाई 26

आज के शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त 05:06 ए एम से 05:40 ए एम

प्रातः सन्ध्या 05:23 ए एम से 06:15 ए एम

अभिजित मुहूर्त 01:26 पी एम से 02:28 पी एम

विजय मुहूर्त 04:31 पी एम से 05:32 पी एम

गोधूलि मुहूर्त 09:39 पी एम से 09:56 पी एम

सायाह्न सन्ध्या 09:39 पी एम से 10:31 पी एम

अमृत काल 06:11 पी एम से 07:59 पी एम

निशिता मुहूर्त 01:40 ए एम, जुलाई 26 से 02:15 ए एम, जुलाई 26

आज के अशुभ मुहूर्त

राहुकाल 10:06 ए एम से 12:01 पी एम

यमगण्ड 03:52 पी एम से 05:48 पी एम

गुलिक काल 06:15 ए एम से 08:10 ए एम

दुर्मुहूर्त 06:15 ए एम से 07:16 ए एम

वर्ज्य 07:24 ए एम से 09:12 ए एम 07:16 ए एम से 08:18 ए एम

गण्ड मूल पूरे दिन भद्रा 06:15 ए एम से 08:04 ए एम

बाण रोग - 06:30 ए एम, जुलाई 26 तक

विंछुड़ो 06:15 ए एम से 04:04 ए एम, जुलाई 26

देवशयनी एकादशी व्रत पारण का समय- 26 जुलाई को - 06:16 ए एम से 09:20 ए एम तक

पारण तिथि के दिन द्वादशी समाप्त होने का समय - 10:27 ए एम

Yogesh Joshi

लेखक के बारे में

Yogesh Joshi

योगेश जोशी डिजिटल पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। ज्योतिष और धार्मिक विषयों पर उनका लेखन पाठक-केंद्रित और व्यावहारिक दृष्टिकोण के लिए जाना जाता है। राशिफल, ग्रह-गोचर, दशा-महादशा, अंकज्योतिष, सामुद्रिक शास्त्र, वास्तु, फेंगशुई और पूजा-विधि जैसे विषय उनके काम का प्रमुख हिस्सा हैं।


परिचय और अनुभव


योगेश जोशी ने डिजिटल मीडिया में काम करते हुए खबर और कंटेंट के बदलते स्वरूप को नजदीक से समझा है। पत्रकारिता में 8 वर्षों के अनुभव के साथ वह फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर की भूमिका निभा रहे हैं।


न्यूज़ और फीचर कंटेंट से शुरू हुआ उनका सफर आज ज्योतिष और धार्मिक विषयों तक पहुंच चुका है, जहां वह पारंपरिक ज्ञान को मौजूदा समय और डिजिटल पाठक की जरूरतों के हिसाब से प्रस्तुत करते हैं। उनका फोकस हमेशा इस बात पर रहता है कि कंटेंट जानकारी दे, उलझाए नहीं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि


योगेश जोशी ने मास कम्युनिकेशन में स्नातक की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की इस पढ़ाई ने उन्हें तथ्यों के साथ जिम्मेदारी और संतुलन बनाए रखने की समझ दी, जो उनके लेखन में साफ झलकती है।


करियर की शुरुआत और प्रोफेशनल सफर


योगेश ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अमर उजाला के डिजिटल प्लेटफॉर्म से की। यहां उन्होंने डिजिटल न्यूज़, कंटेंट राइटिंग और एडिटिंग पर काम करते हुए मजबूत आधार तैयार किया। इसके बाद डिजिटल मीडिया में लगातार काम करते हुए उन्होंने एस्ट्रोलॉजी और धार्मिक विषयों से जुड़े कंटेंट में विशेषज्ञता विकसित की।
पाठक किस भाषा में बात समझता है और किस तरह की जानकारी उसके लिए उपयोगी होती है—यह समझ उनके प्रोफेशनल सफर की सबसे बड़ी ताकत रही है।

एस्ट्रोलॉजी लेखन और उद्देश्य


योगेश के लिए ज्योतिष केवल भविष्य बताने का जरिया नहीं है। वह इसे आत्मचिंतन और सही फैसलों में मदद करने वाले एक मार्गदर्शक के रूप में देखते हैं। इसी सोच के साथ वह राशिफल और अन्य ज्योतिषीय विषयों को संतुलित, व्यावहारिक और भरोसेमंद तरीके से प्रस्तुत करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों को डराना नहीं, बल्कि जानकारी के जरिए उन्हें सोचने और समझने की दिशा देना है।


व्यक्तिगत रुचियां


काम के अलावा योगेश को सामाजिक विषयों पर पढ़ना, लिखना और भारतीय परंपराओं को समझना पसंद है। उनका मानना है कि एक पत्रकार के लिए सीखना और खुद को अपडेट रखना सबसे जरूरी है।


विशेषज्ञता (Areas of Expertise):

राशिफल (डेली एवं वीकली)
ग्रह-गोचर
दशा-महादशा
अंकज्योतिष
सामुद्रिक शास्त्र
वास्तु शास्त्र
फेंगशुई
रत्न-उपाय
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