Aaj Ka Panchang: चंद्रमा जाएंगे कन्या से तुला में, दिनभर रहेगा भद्रा का साया, जानें आज के सभी शुभ-अशुभ मुहूर्त
Aaj Ka Panchang 7 February 2026, Panchang Today : हिन्दू पंचांग का उपयोग प्राचीन काल से होता आ रहा है। पंचांग शब्द का अर्थ है , पांच अंगो वाला। पंचांग में समय गणना के पांच अंग हैं- वार, तिथि, नक्षत्र, योग और करण। आइए जानते हैं आज के शुभ, अशुभ मुहूर्त…

Aaj Ka Panchang: 07 फरवरी, शनिवार, शक संवत्: 18,माघ (सौर)1947, पंजाब पंचांग: 25, माघ मास प्रविष्टे 2082 इस्लाम: 18, शब्बान, 1447, विक्रमी संवत्: फाल्गुन कृष्ण षष्ठी तिथि रात्रि 02.55 मिनट तक पश्चात सप्तमी तिथि, चित्रा नक्षत्र रात्रि 02.29 मिनट तक पश्चात स्वाती नक्षत्र, शूल योग रात्रि 11.41 मिनट तक पश्चात गण्ड योग। चंद्रमा कन्या राशि में दोपहर 01.32 मिनट तक उपरांत तुला राशि। सूर्य उत्तरायण। शिशिर ऋतु। प्रातः 09 बजे से प्रातः 10.30 मिनट तक राहुकालम्। भद्रा रात्रि 02.55 मिनट से।
सूर्योदय 07:06 ए एम
सूर्यास्त 06:05 पी एम
चन्द्रोदय 11:27 पी एम
चन्द्रास्त 10:03 ए एम
आज के शुभ मुहूर्त-
ब्रह्म मुहूर्त 05:22 ए एम से 06:14 ए एम
प्रातः सन्ध्या 05:48 ए एम से 07:06 ए एम
अभिजित मुहूर्त 12:13 पी एम से 12:57 पी एम
विजय मुहूर्त 02:25 पी एम से 03:09 पी एम
गोधूलि मुहूर्त 06:03 पी एम से 06:29 पी एम
सायाह्न सन्ध्या 06:05 पी एम से 07:23 पी एम
अमृत काल 07:31 पी एम से 09:15 पी एम
निशिता मुहूर्त 12:09 ए एम, फरवरी 08 से 01:01 ए एम, फरवरी 08
सर्वार्थ सिद्धि योग 02:28 ए एम, फरवरी 08 से 07:05 ए एम, फरवरी 08
रवि योग 02:28 ए एम, फरवरी 08 से 07:05 ए एम, फरवरी 08
आज के अशुभ मुहूर्त-
राहुकाल 09:51 ए एम से 11:13 ए एम
यमगण्ड 01:58 पी एम से 03:20 पी एम
गुलिक काल 07:06 ए एम से 08:28 ए एम
विडाल योग 02:28 ए एम, फरवरी 08 से 07:05 ए एम, फरवरी 08
वर्ज्य 09:05 ए एम से 10:49 ए एम
दुर्मुहूर्त 07:06 ए एम से 07:50 ए एम
बाण चोर - 05:40 ए एम, फरवरी 08 तक, 07:50 ए एम से 08:34 ए एम
भद्रा 02:54 ए एम, फरवरी 08 से 07:05 ए एम, फरवरी 08
लेखक के बारे में
Yogesh Joshiसंक्षिप्त विवरण
योगेश जोशी डिजिटल पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। ज्योतिष और धार्मिक विषयों पर उनका लेखन पाठक-केंद्रित और व्यावहारिक दृष्टिकोण के लिए जाना जाता है। राशिफल, ग्रह-गोचर, दशा-महादशा, अंकज्योतिष, सामुद्रिक शास्त्र, वास्तु, फेंगशुई और पूजा-विधि जैसे विषय उनके काम का प्रमुख हिस्सा हैं।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव
योगेश जोशी ने डिजिटल मीडिया में काम करते हुए खबर और कंटेंट के बदलते स्वरूप को नजदीक से समझा है। पत्रकारिता में 8 वर्षों के अनुभव के साथ वह फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर की भूमिका निभा रहे हैं।
न्यूज़ और फीचर कंटेंट से शुरू हुआ उनका सफर आज ज्योतिष और धार्मिक विषयों तक पहुंच चुका है, जहां वह पारंपरिक ज्ञान को मौजूदा समय और डिजिटल पाठक की जरूरतों के हिसाब से प्रस्तुत करते हैं। उनका फोकस हमेशा इस बात पर रहता है कि कंटेंट जानकारी दे, उलझाए नहीं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
योगेश जोशी ने मास कम्युनिकेशन में स्नातक की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की इस पढ़ाई ने उन्हें तथ्यों के साथ जिम्मेदारी और संतुलन बनाए रखने की समझ दी, जो उनके लेखन में साफ झलकती है।
करियर की शुरुआत और प्रोफेशनल सफर
योगेश ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अमर उजाला के डिजिटल प्लेटफॉर्म से की। यहां उन्होंने डिजिटल न्यूज़, कंटेंट राइटिंग और एडिटिंग पर काम करते हुए मजबूत आधार तैयार किया। इसके बाद डिजिटल मीडिया में लगातार काम करते हुए उन्होंने एस्ट्रोलॉजी और धार्मिक विषयों से जुड़े कंटेंट में विशेषज्ञता विकसित की।
पाठक किस भाषा में बात समझता है और किस तरह की जानकारी उसके लिए उपयोगी होती है—यह समझ उनके प्रोफेशनल सफर की सबसे बड़ी ताकत रही है।
एस्ट्रोलॉजी लेखन और उद्देश्य
योगेश के लिए ज्योतिष केवल भविष्य बताने का जरिया नहीं है। वह इसे आत्मचिंतन और सही फैसलों में मदद करने वाले एक मार्गदर्शक के रूप में देखते हैं। इसी सोच के साथ वह राशिफल और अन्य ज्योतिषीय विषयों को संतुलित, व्यावहारिक और भरोसेमंद तरीके से प्रस्तुत करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों को डराना नहीं, बल्कि जानकारी के जरिए उन्हें सोचने और समझने की दिशा देना है।
व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा योगेश को सामाजिक विषयों पर पढ़ना, लिखना और भारतीय परंपराओं को समझना पसंद है। उनका मानना है कि एक पत्रकार के लिए सीखना और खुद को अपडेट रखना सबसे जरूरी है।
विशेषज्ञता (Areas of Expertise):
राशिफल (डेली एवं वीकली)
ग्रह-गोचर
दशा-महादशा
अंकज्योतिष
सामुद्रिक शास्त्र
वास्तु शास्त्र
फेंगशुई
रत्न-उपाय
व्रत-त्योहार एवं पूजा-विधि



