Aaj Ka Panchang 4 June: आज अधिक मास की चतुर्थी तिथि, विष्णु पूजा की आसान विधि, शुक्ल योग में करें शुभ काम
Aaj Ka Panchang 4 June 2026: द्रिक पंचांग के अनुसार आज ज्येष्ठ अधिकमास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि है। आज गुरुवार है तो विष्णु जी की पूजा जरूर करें। शुक्ल योग का संयोग आज के दिन को खास बना रहा है। नीचे पढ़ें गुरुवार के शुभ मुहूर्त।

Aaj Ka Panchang Shubh Muhurat 4 June 2026: पं. ऋभुकांत गोस्वामी, 04 जून, गुरुवार, शक संवत्: 14,ज्येष्ठ, (सौर) 1948 पंजाब पंचांग: 21, ज्येष्ठ मास प्रविष्टे 2083, इस्लाम: 17, जिल्हिजा, 1447, विक्रमी संवत: द्वितीय (अधिक) ज्येष्ठ कृष्ण चतुर्थी तिथि रात्रि 11.31 मिनट तक, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र रात्रि 03.42 मिनट तक पश्चात श्रवण नक्षत्र, शुक्ल योग प्रातः 09.03 मिनट तक पश्चात ब्रह्म योग। चन्द्रमा धनु राशि में प्रातः 07.42 मिनट तक, उपरांत मकर राशि। सूर्य उत्तरायण। सूर्य उत्तर गोल। ग्रीष्म ऋतु। दोपहर 01.30 मिनट से अपराह्न 03 बजे तक राहुकालम्।
4 जून को बन रहा है खास संयोग
दिक्र पंचांग के अनुसार आज अधिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि है। आज गुरुवार के दिन उत्तराषाढ़ा नक्षत्र के साथ-साथ शुक्ल योग का अच्छा संयोग बन रहा है। बता दें कि शुक्ल योग को काफी सकारात्मक माना जाता है। ऐसे में इस समय अच्छा काम करना शुभ होगा। पंचांग के हिसाब से शुक्ल योग आज सुबह 8 बजकर 11 मिनट से शुरु होकर 9 बजकर 2 मिनट तक रहेगा। साथ ही आज गुरुवार के दिन विष्णु जी की पूजा करने से खूब लाभ मिलेंगे। सही विधि विधान से आज पूजा की जाए तो भगवान विष्णु की कृपा मिलती है।
ऐसे करें विष्णु पूजा
आज गुरुवार के दिन भगवान विष्णु की पूजा के लिए सुबह स्नान कर लें और फिर पीले रंग के साफ कपड़े पहनें। पूजा घर में विष्णु जी की मूर्ति या फिर फोटो के सामने दीया जलाएं। इसके बाज चंदन, पीले फूल और तुलसी अर्पित करें। अब ॐ नमो भगवते वासुदेवाय का 108 बार मंत्र का जाप करने के बाद आरती करें। भगवान से अपनी मनोकामना पूरी होने की प्रार्थना करें। इसके बाद भोग लगाते हुए पूजा खत्म करें। आखिरी में भूल चूक के लिए जरूर माफी मांगें।
सूर्योदय-सूर्यास्त का समय
सूर्योदय सुबह 05:23 बजे
सूर्यास्त शाम 07:16 बजे
चंद्रोदय-चंद्रास्त का समय
चन्द्रोदय रात 10:43 बजे
चन्द्रास्त सुबह 08:17 बजे
आज का पूरा पंचांग
तिथि चतुर्थी रात 11:30 बजे तक
नक्षत्र उत्तराषाढ़ा सुबह 03:41 बजे, 5 जून
योग शुक्ल सुबह 09:03 बजे तक
करण बव सुबह 10:27 बजे तक, बालव रात 11:30 बजे तक
वार गुरुवार
पक्ष कृष्ण पक्ष
गुरुवार के शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04:02 बजे से 04:43 बजे तक
प्रातः संध्या सुबह 04:22 बजे से 05:23 बजे तक
अभिजित मुहूर्त सुबह 11:52 बजे से दोपहर 12:47 बजे तक
विजय मुहूर्त दोपहर 02:38 बजे से 03:34 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त शाम 07:15 बजे से 07:35 बजे तक
सायाह्न संध्या शाम 07:16 बजे से रात 08:17 बजे तक
अमृत काल रात 08:34 बजे से 10:21 बजे तक
निशिता मुहूर्त रात 11:59 बजे से 12:40 बजे तक
गुरुवार के अशुभ मुहूर्त
राहुकाल दोपहर 02:04 बजे से 03:48 बजे तक
यमगण्ड सुबह 05:23 बजे से 07:07 बजे तक
गुलिक काल सुबह 08:51 बजे से 10:35 बजे तक
दुर्मुहूर्त सुबह 10:01 बजे से सुबह 10:56 बजे तक, दोपहर 03:34 बजे से शाम 04:29 बजे तक
वर्ज्य सुबह 09:53 बजे से 11:40 बजे तक
बाण रात 02:04 बजे तक
अग्नि रात 02:04 बजे से पूरी रात
दिन का चौघड़िया मुहूर्त
शुभ (उत्तम) सुबह 05:23 बजे से 07:07 बजे तक
रोग (अमंगल) सुबह 07:07 बजे से 08:51 बजे तक
उद्वेग (अशुभ) सुबह 08:51 बजे से 10:35 बजे तक
चर (सामान्य) सुबह 10:35 बजे से दोपहर 12:20 बजे तक
लाभ (उन्नति) दोपहर 12:20 बजे से 02:04 बजे तक
अमृत (सर्वोत्तम) दोपहर 02:04 बजे से 03:48 बजे तक
काल (हानि) शाम 03:48 बजे से 05:32 बजे तक
शुभ (उत्तम) शाम 05:32 बजे से 07:16 बजे तक
रात का चौघड़िया मुहूर्त
अमृत (सर्वोत्तम) शाम 07:16 बजे से 08:32 बजे तक
चर (सामान्य) रात 08:32 बजे से 09:48 बजे तक
रोग (अमंगल) रात 09:48 बजे से 11:04 बजे तक
काल (हानि) रात 11:04 बजे से 12:19 बजे तक
लाभ (उन्नति) रात 12:19 बजे से 01:35 बजे तक
उद्वेग (अशुभ) रात 01:35 बजे से 02:51 बजे तक
शुभ (उत्तम) सुबह 02:51 बजे से 04:07 बजे तक
अमृत (सर्वोत्तम) सुबह 04:07 बजे से सुबह 05:23 बजे तक
लेखक के बारे में
Garima Singhशॉर्ट बायो:
गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, अंक शास्त्र, रत्न शास्त्र, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।
परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। इस समय वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।
करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।
एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।
व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।
विशेषज्ञता (Areas of Expertise)
वास्तु शास्त्र
अंक शास्त्र
रत्न शास्त्र
फेंगशुई
हस्तरेखा शास्त्र


