आज का पंचांग 30 जून: आज से आषाढ़ माह शुरू, यहां देखें मंगलवार के पूजन के शुभ-अशुभ मुहूर्त
Aaj ka panchang 30 June 2026, ashad month 2026 start date: आज 30 जून 2026, मंगलवार को आषाढ़ कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि है। यहां देखें आषाढ़ माह के पहले दिन पूजन के शुभ-अशुभ मुहूर्त।

Today panchang 30 June 2026, आषाढ़ माह का पहला दिन आज का पंचांग: आज 30 जून 2026, मंगलवार को आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि है। इस बार आषाढ़ का महीना 30 जून-29 जुलाई 2026 तक रहेगा। इस माह में मां दुर्गा, भगवान विष्णु और सूर्यदेव की आराधना का विधान है। इस माह में देवशयनी एकादशी आती है और चातुर्मास की शुरुआत होती है। चातुर्मास के चार महीने भगवान विष्णु योग निद्रा में चले जाते हैं और इस दौरान सृष्टि का संचालन भगवान शिव करते हैं। आइए जानते हैं आषाढ़ महीने का पहला दिन पूजन के शुभ-अशुभ मुहूर्त।
देखें 30 जून का विस्तृत पंचांग:
पं. ऋभुकांत गोस्वामी के अनुसार, 30 जून, मंगलवार, शक संवत् : 09 आषाढ़ (सौर) 1948, पंजाब पंचांग : 16 आषाढ़ मास प्रविष्टे 2083, इस्लाम : 14 मोहर्रम, 1448, विक्रमी संवत् : आषाढ़ कृष्ण प्रतिपदा (दिन-रात), पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (दिन-रात), ब्रह्म योग अपराह्न 03.19 मिनट तक पश्चात ऐंद्र योग, बालव करण। चंद्रमा धनु राशि में (दिन-रात)।
सूर्य उत्तरायण। सूर्य उत्तर गोल। ग्रीष्म ऋतु। अपराह्न 03 बजे से सायं 04.30 मिनट तक राहुकालम्। आषाढ़ कृष्ण पक्ष प्रारंभ।
सूर्य और चंद्रमा का समय-
सूर्योदय- सुबह 05:51 बजे
सूर्यास्त- रात 09:58 बजे
चंद्रोदय- रात 10:58 बजे
चंद्रास्त- नहीं होगा
आज के शुभ मुहूर्त-
ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 04:48 बजे से सुबह 05:19 बजे तक।
प्रातः सन्ध्या- सुबह 05:03 बजे से सुबह 05:51 बजे तक।
अभिजित मुहूर्त- दोपहर 01:22 बजे से दोपहर 02:26 पी एम
विजय मुहूर्त - शाम 04:35 बजे से शाम 05:40 बजे तक।
गोधूलि मुहूर्त- रात 09:56 बजे से रात 10:12 बजे तक।
सायाह्न सन्ध्या- रात 09:58 बजे से रात 10:45 बजे तक।
अमृत काल- रात 09:59 बजे से रात 11:47 बजे तक।
आज के अशुभ मुहूर्त-
राहुकाल- शाम 05:56 बजे से रात 07:57 बजे तक।
यमगण्ड- सुबह 09:52 बजे से सुबह 11:53 बजे तक
गुलिक काल- दोपहर 01:54 बजे से दोपहर 03:55 बजे तक।
आषाढ़ माह में क्या करना चाहिए:
आषाढ़ महीने में भगवान विष्णु के वामन अवतार की पूजा करनी चाहिए। ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' और 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करना चाहिए। भगवान शिव की नित्य आराधना करें। इस महीने में छाता, अन्न, जल, वस्त्र और फलों का दान शुभ माना जाता है।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
लेखक के बारे में
Saumya Tiwariसंक्षिप्त विवरण
सौम्या तिवारी लाइव हिन्दुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा हैं और इस संस्थान के साथ करीब 5 वर्षों से अधिक समय से जुड़ी हैं। इन्हें डिजिटल पत्रकारिता में करीब 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। यहां वह ग्रह राशि परिवर्तन, टैरो, वैदिक ज्योतिष, फेंगशुई, अंकराशि, रत्न शास्त्र और व्रत-त्योहार आदि से जुड़ी खबरें लिखती हैं।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव
सौम्या तिवारी की ग्रह राशि परिवर्तन, व्रत-त्योहार, सामुद्रिक शास्त्र, अंकज्योतिष, वास्तु शास्त्र एवं फेंगशुई, कथा-कहानी जैसे विषयों पर अच्छी पकड़ है। उन्हें ज्योतिष एवं धार्मिक विषयों में करीब 6 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में बतौर डिप्टी कंटेंट प्रोड्यूसर कार्यरत हैं और धर्म व ज्योतिष (एस्ट्रोलॉजी) सेक्शन का हिस्सा हैं।
इसके अलावा उन्होंने मनोरंजन (एंटरटेनमेंट) और राजनीतिक (पॉलिटिक्स) विषयों पर भी विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम किया है। लाइव हिन्दुस्तान में सौम्या की टॉप परफॉर्मेंस रही है, जिसके लिए उन्हें कई बार पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। खाली समय में वह धार्मिक ग्रंथों और पुराणों का अध्ययन करना और पाठकों तक सही जानकारी पहुंचाना पसंद करती हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
सौम्या तिवारी ने कानपुर विश्वविद्यालय से स्नातक (बीए) किया है और जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से जनसंचार एवं पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा प्राप्त किया है। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान ही उन्हें हैदराबाद की लोकल न्यूज वेबसाइट इंडिलिक्स से पहली नौकरी का प्रस्ताव मिला।
इसके बाद वह जनसत्ता (द इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप), द क्विंट और जी न्यूज जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों से जुड़ी रहीं। साल 2020 में वह लाइव हिन्दुस्तान के धर्म व ज्योतिष सेक्शन का हिस्सा बनीं।
व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले की रहने वाली सौम्या तिवारी को धार्मिक और ज्योतिषीय विषयों की जानकारी जुटाना पसंद है। इसके अलावा उन्हें नई-नई जगहों पर घूमने का भी शौक है।
विशेषज्ञता
ग्रह और नक्षत्रों का राशि पर असर
फेंगशुई
वास्तु शास्त्र
अंक शास्त्र
रत्न विज्ञान


