Aaj Ka Panchang 26 March 2026: आज चैत्र नवरात्रि का आठवां दिन, नोट करें कन्या पूजन और गुरुवार की पूजा के मुहूर्त

Mar 26, 2026 05:42 am ISTGarima Singh लाइव हिन्दुस्तान
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Aaj Ka Panchang 26 March 2026: हिन्दू पंचांग की मदद से हर दिन के लिए पूजा-पाठ या व्रत से जुड़े शुभ मुहूर्त निकलते हैं। साथ ही इससे सूर्योदय और सूर्यास्त के समय का भी पता लगाया जाता है। जानें 26 मार्च 2026 यानी गुरुवार के दिन के शुभ और अशुभ मुहूर्त क्या है?

Aaj Ka Panchang 26 March 2026: आज चैत्र नवरात्रि का आठवां दिन, नोट करें कन्या पूजन और गुरुवार की पूजा के मुहूर्त

Aaj Ka Panchang, 26 मार्च 2026 का पंचांग: पं. ऋभुकांत गोस्वामी, 26 मार्च, गुरुवार, शक संवत्: 05, चैत्र, (सौर) 1948, पंजाब पंचांग: 13, चैत्र मास प्रविष्टे 2083 इस्लाम: 06, शव्वाल, 1447 विक्रमी संवत्: चैत्र शुक्ल अष्टमी तिथि प्रातः 11.49 मिनट तक पश्चात नवमी तिथि, आद्रा नक्षत्र सायं 04.19 मिनट तक पश्चात पुनर्वसु नक्षत्र, शोभन योग रात्रि 12.32 मिनट तक। चंद्रमा मिथुन राशि में (दिन रात)। सूर्य उत्तरायण। दोपहर 01.30 मिनट से अपराह्न 03 बजे तक राहुकालम्। दुर्गाष्टमी। रामनवमी व्रत (स्मार्त) मध्याह्न व्यापिनी नवमी कर्क लग्न में। श्री राम जन्म महोत्सव।

आज है चैत्र नवरात्रि का आठवां दिन

आज चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि है। ऐसे में आज चैत्र नवरात्रि का आठवां दिन पड़ रहा है। इसे महाअष्टमी और दुर्गा अष्टमी के रूप में भी जानते हैं। इस खास दिन पर मां दुर्गा के आठवें सबसे खूबसूरत स्वरूप महागौरी की पूजा की जाती है। बता दें कि नवरात्रि में कुल नौ दिन तक मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूप की पूजा की जाती है। आठवें दिन ही कई लोग कन्या पूजन करते हैं।

अष्टमी को कन्या पूजन का समय

नवरात्रि की अष्टमी पर कन्या पूजन किया जाता है। आज पूजा और हवन के बाद कन्या पूजन करवाया जाएगा। कई लोग कंजक आखिरी दिन यानी नवमी पर पूजते हैं। पंचांग के हिसाब से आज सुबह 6:20 बजे से लेकर सुबह 7:52 बजे के बीच पूजा कर लें। इस बीच भी कन्या पूज सकते हैं। वहीं दूसरे शुभ मुहूर्त सुबह 10:56 बजे से लेकर दोपहर 2:01 बजे के बीच कन्या पूजन करना शुभ होगा।

आज गुरुवार की पूजा

आज गुरुवार भी है और ये दिन भगवान विष्णु को समर्पित होता है। आज के दिन स्नान के बाद पीले रंग के वस्त्र पहनें। इसी के साथ भगवान विष्णु की पूजा करें। आज से ही नवमी तिथि का भी शुरुआत हो जाएगी। इस दिन रामनवमी मनाई जाएगी। रामनवमी वाले दिन आर्द्रा नक्षत्र और शोभना योग का बहुत ही सुंदर संयोग बनने वाला है।

पंचांग

तिथि अष्टमी - 11:48 ए एम तक

नक्षत्र आर्द्रा - 04:19 पी एम तक

योग शोभन - 12:32 ए एम, मार्च 27 तक

करण बव - 11:48 ए एम तक

बालव - 10:55 पी एम तक

वार गुरुवार

पक्ष शुक्ल पक्ष

चन्द्र मास, सम्वत एवं बृहस्पति संवत्सर

विक्रम सम्वत 2083 सिद्धार्थी

बृहस्पति संवत्सर सिद्धार्थी - 03:53 पी एम, अप्रैल 21, 2026 तक

शक सम्वत 1948 पराभव

गुजराती सम्वत 2082 पिङ्गल

राशि तथा नक्षत्र

चन्द्र राशि मिथुन

सूर्य राशि मीन

नक्षत्र पद आर्द्रा - 10:36 ए एम तक

जानें गुरुवार के शुभ-अशुभ मुहूर्त

आज के शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त 04:45 ए एम से 05:31 ए एम

प्रातः सन्ध्या 05:08 ए एम से 06:18 ए एम

अभिजित मुहूर्त 12:02 पी एम से 12:52 पी एम

विजय मुहूर्त 02:30 पी एम से 03:19 पी एम

गोधूलि मुहूर्त 06:34 पी एम से 06:58 पी एम

सायाह्न सन्ध्या 06:36 पी एम से 07:46 पी एम

अमृत काल 06:50 ए एम से 08:21 ए एम

निशिता मुहूर्त 12:03 ए एम, मार्च 27 से 12:50 ए एम, मार्च 27

सर्वार्थ सिद्धि योग 04:19 पी एम से 06:17 ए एम, मार्च 27

रवि योग 04:19 पी एम से 06:17 ए एम, मार्च 27

आज के अशुभ मुहूर्त

राहुकाल 01:59 पी एम से 03:31 पी एम

यमगण्ड 06:18 ए एम से 07:50 ए एम

आडल योग 04:19 पी एम से 06:17 ए एम, मार्च 27

दुर्मुहूर्त 10:24 ए एम से 11:13 ए एम, 03:19 पी एम से 04:08 पी एम

गुलिक काल 09:23 ए एम से 10:55 ए एम

वर्ज्य 03:51 ए एम, मार्च 27 से 05:24 ए एम, मार्च 27

बाण अग्नि - 02:58 ए एम, मार्च 27 तक

सूर्योदय-सूर्यास्त का समय

सूर्योदय 06:18 ए एम

सूर्यास्त 06:36 पी एम

चंद्रोदय-चंद्रास्त का समय

चन्द्रोदय 11:59 ए एम

चन्द्रास्त 02:30 ए एम, मार्च 27

दिन का चौघड़िया मुहूर्त

शुभ - उत्तम 06:18 ए एम से 07:50 ए एम

रोग - अमंगल 07:50 ए एम से 09:23 ए एम

उद्वेग - अशुभ 09:23 ए एम से 10:55 ए एम

चर - सामान्य 10:55 ए एम से 12:27 पी एम

लाभ - उन्नति 12:27 पी एम से 01:59 पी एम

अमृत - सर्वोत्तम 01:59 पी एम से 03:31 पी एम

काल - हानि 03:31 पी एम से 05:03 पी एमकाल वेला

शुभ - उत्तम 05:03 पी एम से 06:36 पी एमवार वेला

रात का चौघड़िया मुहूर्त

अमृत - सर्वोत्तम 06:36 पी एम से 08:03 पी एम

चर - सामान्य 08:03 पी एम से 09:31 पी एम

रोग - अमंगल 09:31 पी एम से 10:59 पी एम

काल - हानि 10:59 पी एम से 12:26 ए एम, मार्च 27

लाभ - उन्नति 12:26 ए एम से 01:54 ए एम, मार्च 27काल रात्रि

उद्वेग - अशुभ 01:54 ए एम से 03:22 ए एम, मार्च 27

शुभ - उत्तम 03:22 ए एम से 04:49 ए एम, मार्च 27

अमृत - सर्वोत्तम 04:49 ए एम से 06:17 ए एम, मार्च 27

Garima Singh

लेखक के बारे में

Garima Singh

शॉर्ट बायो: गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, अंक शास्त्र, रत्न शास्त्र, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।

परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। इस समय वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।

करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।

एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।

व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।

विशेषज्ञता (Areas of Expertise)
वास्तु शास्त्र
अंक शास्त्र
रत्न शास्त्र
फेंगशुई
हस्तरेखा शास्त्र

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