आज का पंचांग (24 अगस्त): सावन के आखिरी सोमवार पर बन रहे ये शुभ-अशुभ मुहूर्त, देखें विस्तृत पंचांग
Aaj ka panchang 24 august 2026: आज 24 अगस्त को सावन का आखिरी सोमवार है। यहां देखें सावन के आखिरी सोमवार पर भगवान शिव के पूजन के शुभ-अशुभ मुहूर्त।

Aaj ka panchang 24 august 2026, आज का पंचांग: आज 24 अगस्त 2026 को सावन का आखिरी सोमवार है। सावन माह के सोमवार का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा करने और व्रत रखने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है और भोलेनाथ की कृपा से मनवांछित फल की प्राप्ति होती है। इस बार सावन के आखिरी सोमवार पर आयुष्मान योग का शुभ संयोग बन रहा है। मान्यता है कि इस योग में किए गए कार्यों का उत्तम फल प्राप्त होता है। सावन सोमवार को शिवलिंग का जलाभिषेक करना भी अति उत्तम माना जाता है।
आज 24 अगस्त का पंचांग:
24 अगस्त, सोमवार, शक संवत् : 02 भाद्रपद (सौर) 1948, पंजाब पंचांग : 08 भाद्रपद मास प्रविष्टे 2083, इस्लाम : 10 रबि-उल्लावल, 1448, विक्रमी संवत् : श्रावण शुक्ल द्वादशी तिथि (दिन-रात), पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र रात्रि 08.28 बजे तक, प्रीति योग प्रातः 07.05 बजे तक पश्चात आयुष्मान योग, बव करण। चंद्रमा धनु राशि में रात्रि 03.06 मिनट तक उपरांत मकर राशि में। सूर्य दक्षिणायन। सूर्य उत्तर गोल। वर्षा ऋतु। प्रातः 07.30 बजे से प्रातः 09 बजे तक राहुकालम्। पवित्रा एकादशी व्रत (वैष्णव)।
सूर्य और चंद्रमा का समय:
सूर्योदय: सुबह 05:54 बजे
सूर्यास्त: शाम 06:50 बजे
चंद्रोदय: शाम 04:34 बजे
चंद्रास्त: 25 अगस्त को सुबह 01:59 बजे
24 अगस्त के पूजा-पाठ के शुभ मुहूर्त:
ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 05:35 बजे से सुबह 06:16 बजे तक।
प्रातः सन्ध्या- सुबह 05:55 बजे से सुबह 06:56 बजे तक।
अभिजित मुहूर्त- दोपहर 01:25 बजे से दोपहर 02:20 बजे तक।
विजय मुहूर्त- शाम 04:11 बजे से शाम 05:07 बजे तक।
गोधूलि मुहूर्त- रात 08:49 बजे से रात 09:09 बजे तक।
सायाह्न सन्ध्या- रात 08:49 बजे से रात 09:50 बजे तक।
अमृत काल- सुबह 11:37 बजे से दोपहर 01:24 बजे तक।
24 अगस्त के पूजा-पाठ के अशुभ मुहूर्त:
राहुकाल- सुबह 08:40 बजे से सुबह 10:24 बजे तक।
यमगण्ड- दोपहर 12:08 बजे से दोपहर 01:52 बजे तक।
गुलिक काल- दोपहर 03:37 बजे से शाम 05:21 बजे तक।
दुर्मुहूर्त- दोपहर 02:20 बजे से दोपहर 03:16 बजे तक।
आज का दिशा शूल:
आज दिशाशूल पूर्व दिशा में है। मान्यता है कि दिशाशूल की दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए। अगर किसी कारण वश यात्रा करना अति आवश्यक हो तो कुछ ज्योतिषीय उपायों को अपनाकर यात्रा की जा सकती है।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।


