Aaj Ka Panchang: 1 मार्च 2026, रविवार का पंचांग, रवि प्रदोष व्रत आज, जानें सभी-अशुभ मुहूर्त

Mar 01, 2026 05:41 am ISTYogesh Joshi लाइव हिन्दुस्तान
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Aaj Ka Panchang 1 March 2026, Panchang Today : Aaj Ka Panchang 9 February 2026, Panchang Today : हिन्दू पंचांग का उपयोग प्राचीन काल से होता आ रहा है। पंचांग शब्द का अर्थ है , पांच अंगो वाला। पंचांग में समय गणना के पांच अंग हैं- वार, तिथि, नक्षत्र, योग और करण। आइए जानते हैं आज के शुभ, अशुभ मुहूर्त…

Aaj Ka Panchang: 1 मार्च 2026, रविवार का पंचांग, रवि प्रदोष व्रत आज, जानें सभी-अशुभ मुहूर्त

Aaj Ka Panchang 1 March 2026, आज का पंचांग: 01 मार्च, रविवार, शक संवत् : 10 फाल्गुन (सौर) 1947, पंजाब पंचांग : 18 फाल्गुन मास प्रविष्टे 2082, इस्लाम : 11 रमजान, 1447, विक्रमी संवत् : फाल्गुन शुक्ल त्रयोदशी तिथि सायं 07.10 मिनट तक। आश्लेषा नक्षत्र, शोभन योग दोपहर 02.33 मिनट तक पश्चात अतिगंड योग, कौलव करण। चंद्रमा कर्क राशि में (दिन-रात)। सूर्य उत्तरायण। सूर्य दक्षिण गोल। सायं 04.30 मिनट से सायं 06 बजे तक राहुकालम्। प्रदोष व्रत। महेश्वर व्रत। गंडमूल प्रातः 08.35 मिनट से।

रवि प्रदोष व्रत- हिंदू पंचांग के अनुसार, हर महीने की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत आता है। भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए विविध व्रतों का उल्लेख है। उनमें प्रमुख व्रत प्रदोष का है। चन्द्रमास के दोनों पक्षों में प्रदोष व्यापिनी त्रयोदशी तिथि पर यह व्रत रखा जाता है। रविवार के दिन पड़ने वाले प्रदोष व्रत को रवि प्रदोष व्रत के नाम से जानते हैं। यह तिथि भगवान शिव को समर्पित होती है। इस दिन भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए विधि-विधान से पूजा-अराधना की जाती है। प्रदोष व्रत में प्रदोष काल में पूजा का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि प्रदोष काल में भगवान शंकर कैलाश पर्वत पर नृत्य करते हैं और देवतागण उनके गुणगान करते हैं। मान्यता है कि प्रदोष व्रत रखने से भगवान शिव अपने भक्त के सभी दुख दूर करते हैं।

सूर्योदय 06:38 ए एम

सूर्यास्त 06:11 पी एम

चन्द्रोदय 04:06 पी एम

चन्द्रास्त 05:52, मार्च 02 पी एम

आज के शुभ मुहूर्त-

ब्रह्म मुहूर्त 04:58 से 05:48

प्रातः सन्ध्या 05:23 से 06:38

अभिजित मुहूर्त 12:02 से 12:48

विजय मुहूर्त 14:20 से 15:07

गोधूलि मुहूर्त 18:09 से 18:34

सायाह्न सन्ध्या 18:11 से 19:26

अमृत काल 06:18, मार्च 02 से 07:51, मार्च 02

निशिता मुहूर्त 23:59 से 00:49, मार्च 02

रवि पुष्य योग 06:38 से 08:34

सर्वार्थ सिद्धि योग 06:38 से 08:34

रवि योग 08:34 से 06:37, मार्च 02

आज के अशुभ मुहूर्त-

राहुकाल 16:45 से 18:11

यमगण्ड 12:25 से 13:51

गुलिक काल 15:18 से 16:45

विडाल योग 08:34 से 06:37, मार्च 02

वर्ज्य 20:59 से 22:32

दुर्मुहूर्त 16:39 से 17:25

गण्ड मूल 08:34 से 06:37, मार्च 02

बाण रोग - 01:10, मार्च 02 से पूर्ण रात्रि तक

Yogesh Joshi

लेखक के बारे में

Yogesh Joshi

संक्षिप्त विवरण


योगेश जोशी डिजिटल पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। ज्योतिष और धार्मिक विषयों पर उनका लेखन पाठक-केंद्रित और व्यावहारिक दृष्टिकोण के लिए जाना जाता है। राशिफल, ग्रह-गोचर, दशा-महादशा, अंकज्योतिष, सामुद्रिक शास्त्र, वास्तु, फेंगशुई और पूजा-विधि जैसे विषय उनके काम का प्रमुख हिस्सा हैं।


विस्तृत बायो


परिचय और अनुभव


योगेश जोशी ने डिजिटल मीडिया में काम करते हुए खबर और कंटेंट के बदलते स्वरूप को नजदीक से समझा है। पत्रकारिता में 8 वर्षों के अनुभव के साथ वह फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर की भूमिका निभा रहे हैं।


न्यूज़ और फीचर कंटेंट से शुरू हुआ उनका सफर आज ज्योतिष और धार्मिक विषयों तक पहुंच चुका है, जहां वह पारंपरिक ज्ञान को मौजूदा समय और डिजिटल पाठक की जरूरतों के हिसाब से प्रस्तुत करते हैं। उनका फोकस हमेशा इस बात पर रहता है कि कंटेंट जानकारी दे, उलझाए नहीं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि


योगेश जोशी ने मास कम्युनिकेशन में स्नातक की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की इस पढ़ाई ने उन्हें तथ्यों के साथ जिम्मेदारी और संतुलन बनाए रखने की समझ दी, जो उनके लेखन में साफ झलकती है।


करियर की शुरुआत और प्रोफेशनल सफर


योगेश ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अमर उजाला के डिजिटल प्लेटफॉर्म से की। यहां उन्होंने डिजिटल न्यूज़, कंटेंट राइटिंग और एडिटिंग पर काम करते हुए मजबूत आधार तैयार किया। इसके बाद डिजिटल मीडिया में लगातार काम करते हुए उन्होंने एस्ट्रोलॉजी और धार्मिक विषयों से जुड़े कंटेंट में विशेषज्ञता विकसित की।
पाठक किस भाषा में बात समझता है और किस तरह की जानकारी उसके लिए उपयोगी होती है—यह समझ उनके प्रोफेशनल सफर की सबसे बड़ी ताकत रही है।

एस्ट्रोलॉजी लेखन और उद्देश्य


योगेश के लिए ज्योतिष केवल भविष्य बताने का जरिया नहीं है। वह इसे आत्मचिंतन और सही फैसलों में मदद करने वाले एक मार्गदर्शक के रूप में देखते हैं। इसी सोच के साथ वह राशिफल और अन्य ज्योतिषीय विषयों को संतुलित, व्यावहारिक और भरोसेमंद तरीके से प्रस्तुत करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों को डराना नहीं, बल्कि जानकारी के जरिए उन्हें सोचने और समझने की दिशा देना है।


व्यक्तिगत रुचियां


काम के अलावा योगेश को सामाजिक विषयों पर पढ़ना, लिखना और भारतीय परंपराओं को समझना पसंद है। उनका मानना है कि एक पत्रकार के लिए सीखना और खुद को अपडेट रखना सबसे जरूरी है।


विशेषज्ञता (Areas of Expertise):

राशिफल (डेली एवं वीकली)
ग्रह-गोचर
दशा-महादशा
अंकज्योतिष
सामुद्रिक शास्त्र
वास्तु शास्त्र
फेंगशुई
रत्न-उपाय
व्रत-त्योहार एवं पूजा-विधि

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