आज है वरदा चतुर्थी, करें इन चीजों का दान, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त और उपाय
Aaj hai Varada Chaturthi time date : आज का दिन भगवान श्री गणेश को समर्पित है, जिन्हें 'वरद' यानी वरदान देने वाला कहा जाता है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से गणेश जी की उपासना करने पर बप्पा भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं।

Aaj hai Varada Chaturthi time date, आज है वरदा चतुर्थी: आज ज्येष्ठ महीने के शुक्ल पक्ष की वरद चतुर्थी है। यह दिन भगवान श्री गणेश को समर्पित है, जिन्हें 'वरद' यानी वरदान देने वाला कहा जाता है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से गणेश जी की उपासना करने पर बप्पा भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार, चतुर्थी तिथि 19 मई 2026 को दोपहर 02:18 बजे से प्रारंभ होगी, जिसका समापन 20 मई 2026 की सुबह 11:06 बजे तक होगा। चतुर्थी तिथि का आरंभ और पूजन का सबसे श्रेष्ठ समय मध्याह्न (दोपहर) काल माना जाता है। ऐसे में आइए जानते हैं वरदा चतुर्थी पर पूजा के शुभ मुहूर्त, उपाय, दान क्या करें, और पूजा विधि-
आज है वरदा चतुर्थी, करें इन चीजों का दान, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त और उपाय
पूजा का शुभ मुहूर्त: सुबह 10:56 बजे से दोपहर 01:38 बजे तक।
चतुर्थी मध्याह्न मुहूर्त - सुबह 10:56 बजे से सुबह 11:06 बजे तक
अवधि - 00 घण्टे 10 मिनट्स
एक दिन पूर्व, वर्जित चन्द्रदर्शन का समय - दोपहर 02:18 बजे से रात 10:13, मई 19
अवधि - 07 घण्टे 55 मिनट्स
वर्जित चन्द्रदर्शन का समय - सुबह 08:43 बजे से सुबह 11:08 बजे तक
अवधि - 14 घण्टे 25 मिनट्स
वरदा चतुर्थी पर इन चीजों का करें दान
वरद चतुर्थी के दिन दान का विशेष महत्व है। अपनी सामर्थ्य के अनुसार इन वस्तुओं का दान करने से घर में सुख-समृद्धि आती है-
- अन्न का दान- जरूरतमंदों को चावल, गेहूं या आटा दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
- तिल और गुड़- भगवान गणेश को तिल और गुड़ प्रिय हैं, इनका दान करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं।
- पीले वस्त्र- इस दिन ब्राह्मणों या निर्धनों को पीले रंग के वस्त्र भेंट करना सौभाग्य बढ़ाता है।
- तांबे के बर्तन- धातु का दान (विशेषकर तांबा) ग्रहों के दोषों को शांत करने में मदद करता है।
- मोदक या लड्डू- पूजा के बाद बूंदी के लड्डू या मोदक का वितरण बच्चों में करने से गणेश जी प्रसन्न होते हैं।
कैसे करें वरदा चतुर्थी की पूजा?
भगवान गणेश को लाल सिंदूर का तिलक लगाएं और स्वयं भी लगाएं।
बप्पा को 21 दूर्वा की गांठ ॐ गं गणपतये नमः मंत्र के साथ अर्पित करें।
चतुर्थी के दिन चंद्र दर्शन से बचना चाहिए, क्योंकि इससे मिथ्या कलंक लगने का भय रहता है।
उपाय
- आज के दिन गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ करना मानसिक शांति और कार्य सिद्धि के लिए विशेष फलदायी होता है।
- ॐ गं गणपतये नमः: इस मंत्र का 108 बार जाप करें।
- गणेश जी को 5 या 11 मोदक का भोग लगाएं।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
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