Rang Panchami 2026: रंग पंचमी आज, जानें पूजा विधि, महत्व और उपाय

Mar 08, 2026 08:21 am ISTDheeraj Pal लाइव हिन्दुस्तान
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Rang Panchami 2026: आज यानी 8 मार्च को रंग पंचमी का त्योहार मनाया जा रहा है। इस पर्व का खास महत्व है। यह पर्व हर साल होली के बाद 5वें दिन यानी चैत्र कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है।

Rang Panchami 2026: रंग पंचमी आज, जानें पूजा विधि, महत्व और उपाय

आज यानी 8 मार्च को रंग पंचमी का त्योहार मनाया जा रहा है। इस पर्व का खास महत्व है। यह पर्व हर साल होली के बाद 5वें दिन यानी चैत्र कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। इस होली की तरह ही लोग एक दूसरों को रंग-गुलाल लगाते हैं। इसके अलावा रंग पंचमी पर भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी को रंग-गुलाल अर्पित किया जाता है। इसके अलावा इस दिन माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की भी पूजा अर्चना की जाती है और उन्हें भी अबीर और गुलाल अर्पित किया जाता है। चलिए रंग पंचमी का महत्व, पूजा विधि और उपाय के बारे में जानते हैं।

रंग पंचमी का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक रंग पंचमी के दिन ही भगवान श्री कृष्ण और राधा रानी ने एक दूसरे को रंग-गुलाल लगाया था। राधा रानी और भगवान श्री कृष्ण को होली खेलता देख आसमान से देवी-देवताओं ने पुष्पों की वर्षा की थी। साथ ही एक मान्यता यह भी है कि इस दिन देवी-देवता भक्तों संग पृथ्वी पर होली खेलने के लिए आते हैं। इसलिए रंग पंचमी को देवताओं की होली भी कहा जाता है। मान्यता है कि इस दिन देवी-देवताओं को अबीर-गुलाल अर्पित करने से कुंडली दोष कम होते हैं और सुख-समृद्धि बढ़ती है। इस दिन कई जगहों पर धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं।

रंग पंचमी 2026 शुभ मुहूर्त
सुबह का मुहूर्त: 08:07 ए एम से 11:04 ए एम
दोपहर का मुहूर्त: 12:32 पी एम से 02:00 पी एम
शाम का मुहूर्त: 06:25 पी एम से 09:28 पी एम

परंपरा
रंग पंचमी के दिन सूखे गुलाल को हवा में उड़ाने की परंपरा है। मान्यता है कि जब रंगीन अबीर वातावरण में फैलता है, तो यह नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर सकारात्मक और सात्विक ऊर्जा का संचार करता है। इसी वजह से कई स्थानों पर रंग पंचमी को देवताओं की होली भी कहा जाता है।

रंग पंचमी पूजा विधि

रंग पंचमी के दिन सुबह स्नान करें और साफ कपड़े पहनें। इसके बात एक लकड़ी की चौकी लें और उस पर पीले रंग का साफ कपड़ा बिछाएं और राधा-कृष्ण की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें। इसके पास एक कलश स्थापित करें और उस पर स्वास्तिक बना कर साफ पानी भरें। इसके बाद श्री राधा-कृष्ण को पंचामृत और गंगाजल से स्नान कराएं। फिर उन्हें स्वच्छ या नए वस्त्र अर्पित करें और फूल, माला आदि से उनका सुंदर शृंगार करें। इसके बाद भगवान को गुलाल, पीला चंदन, अक्षत अर्पित करें और भोग लगाएं। घी का दीपक और धूप जलाकर मंत्रों का जाप करें। फिर रंग पंचमी की पूजा के बाद कृष्ण जी और राधा रानी जी की आरती जरूर करें।

रंग पंचमी पर करें उपाय

सुख-समृद्धि के लिए उपाय
रंग पंचमी पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करें और उन्हें कमल का फूल अवश्य अर्पित करना चाहिए। साथ ही मां लक्ष्मी को लाल गुलाब भी अर्पित कर सकते हैं। इस उपाय से भगवान विष्णुजी और मां लक्ष्मी की कृपा से जीवन व घर में सुख-समृद्धि बनी रह सकती है।

अर्पित करें ये रंग-गुलाल
साथ ही भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण को पीला रंग अत्यंत प्रिय माना जाता है। इसलिए रंग पंचमी के दिन उनकी पूजा में पीले रंग का गुलाल या पुष्प अर्पित करना शुभ माना जाता है।

दान
रंग पंचमी के दिन माता लक्ष्मी की पूजा में खीर, सफेद मिष्ठान, बताशा आदि अर्पित कर सकते हैं। साथ ही जरूरतमंद लोगों को चावल और शक्कर का दान कर सकते हैं। इससे घर में धन की कभी कमी नहीं होती है।

डिस्क्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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धीरज पाल एक डिटिजल पत्रकार है, जिन्हें इस क्षेत्र में 7 से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का हिस्सा हैं। यहां वह ग्रह गोचर, वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, रत्न शास्त्र से जुड़ी खबरें लिखते हैं।

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धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।

धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद वो लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। अब इनका एकमात्र उद्देश्य ज्योतिषीय जानकारी को रुचिगत, सरल, प्रमाणिक रूप में प्रस्तुत करना है।

व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।

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