रोज के छोटे-छोटे तकरार बढ़ा रहे हैं आपके वैवाहिक जीवन में परेशानी, तो जरूर आजमाएं वास्तु के ये 5 उपाय
रोज के छोटे-छोटे तकरार वैवाहिक जीवन को खराब कर रहे हैं? वास्तु शास्त्र के अनुसार शयन कक्ष की दिशा, पलंग की स्थिति और कुछ सरल उपायों से पति-पत्नी के बीच के झगड़े कम किए जा सकते हैं। जानिए वैवाहिक कलह दूर करने के 5 प्रभावी वास्तु उपाय, जो घर में प्रेम, शांति और सामंजस्य बढ़ाएंगे।

वैवाहिक जीवन में छोटी-छोटी बातों पर तकरार, बार-बार झगड़े और मधुरता का अभाव अक्सर वास्तु दोष के कारण होता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, शयन कक्ष की दिशा, पलंग की स्थिति और कमरे में रखी वस्तुएं पति-पत्नी के रिश्ते पर गहरा प्रभाव डालती हैं। अगर आप भी रोज छोटी-छोटी बातों पर बहस करते हैं और रिश्ते में तनाव बढ़ता जा रहा है, तो वास्तु के कुछ सरल उपाय अपनाकर वैवाहिक जीवन में मधुरता और शांति ला सकते हैं।
सही दिशा में सोएं
वास्तु शास्त्र के अनुसार, पति-पत्नी को सोते समय सिर पूर्व दिशा की ओर और पैर पश्चिम दिशा की ओर रखकर सोना चाहिए। यदि यह संभव ना हो, तो सिर दक्षिण और पैर उत्तर दिशा में रखें। इस दिशा में सोने से नींद गहरी आती है और पति-पत्नी के बीच मानसिक तालमेल बना रहता है। उत्तर-पूर्व दिशा में सिर करके कभी न सोएं, क्योंकि यह देवताओं की दिशा है। इस दिशा में सोने से धन हानि और वैवाहिक कलह बढ़ सकती है।
शयन कक्ष की सही दिशा चुनें
बेडरूम घर की दक्षिण-पश्चिम या उत्तर-पश्चिम दिशा में होना सबसे शुभ माना जाता है। इस दिशा में शयन कक्ष होने से पति-पत्नी को कठिन परिस्थितियों से निपटने की शक्ति मिलती है और पारिवारिक विवाद आसानी से सुलझ जाते हैं। उत्तर-पूर्व दिशा में बेडरूम बनाने से बचें, क्योंकि इससे आर्थिक संकट और रिश्तों में तनाव बढ़ सकता है।
पहली और आखिरी रोटी का नियम
रोटी बनाते समय पहली रोटी गाय को या किसी जरूरतमंद को देना चाहिए। इससे घर में बरकत बनी रहती है। आखिरी रोटी कुत्ते को देनी चाहिए। वास्तु के अनुसार, ऐसा करने से घर में नकारात्मक ऊर्जा दूर रहती है और वैवाहिक जीवन में सकारात्मकता बनी रहती है।
बेडरूम में राधा-कृष्ण या हंस जोड़े का फोटो लगाएं
अगर शयन कक्ष गलत दिशा में है, तो कमरे में राधा-कृष्ण का प्रेममय फोटो या हंसों के जोड़े का चित्र लगाएं। इससे वास्तु दोष कम होता है और पति-पत्नी के बीच प्रेम और समझ बढ़ती है। फेंगशुई के अनुसार जोड़े में मछलियां रखना भी वैवाहिक सामंजस्य बढ़ाने का अच्छा उपाय है।
पलंग और अन्य चीजों की सही स्थिति
पलंग के ठीक ऊपर छत पर बीम नहीं होनी चाहिए। यदि हो तो पलंग का स्थान बदल दें। पलंग के पैरों की ओर क्रिस्टल बॉल या तराशा हुआ क्रिस्टल रखें, इससे वैवाहिक रिश्तों में मधुरता आती है। अलमारी को उत्तर-पश्चिम या दक्षिण दिशा में रखें। इलेक्ट्रॉनिक सामान दक्षिण-पूर्व कोने में और ड्रेसिंग टेबल पूर्व या उत्तर दिशा में रखनी चाहिए।
वैवाहिक जीवन में छोटी-छोटी तकरारें अक्सर वास्तु दोष के कारण बढ़ जाती हैं। ऊपर बताए गए सरल वास्तु उपायों को अपनाकर आप घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर सकते हैं। सही दिशा, सही वस्तुओं की स्थिति और सकारात्मक भाव रखने से पति-पत्नी के रिश्ते में प्रेम, समझ और शांति बनी रहेगी।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
लेखक के बारे में
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नवनीत राठौर नए युग के डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें इस क्षेत्र में करीब 7 साल का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन के हिस्सा हैं। यहां वह अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
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नवनीत ने शारदा विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा से जनसंचार एवं पत्रकारिता में स्नातक और शुभारती विश्वविद्यालय से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।
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