मंगलवार की शाम करें ये काम, शनिदेव का बुरा प्रभाव होगा कम नहीं पहुंचेगा नुकसान

Jan 06, 2026 10:39 am ISTNavaneet Rathaur लाइव हिन्दुस्तान
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धर्म ग्रंथों में वर्णित है कि शनिदेव स्वयं हनुमान जी से भयभीत रहते हैं। इसलिए मंगलवार को हनुमान जी की पूजा और कुछ विशेष उपाय करने से शनि दोष, साढ़ेसाती, ढैय्या या शनि की क्रूर दृष्टि का प्रभाव कम होता है। जीवन में रुके काम बनते हैं, संकट दूर होते हैं और सुख-शांति आती है।

मंगलवार की शाम करें ये काम, शनिदेव का बुरा प्रभाव होगा कम नहीं पहुंचेगा नुकसान

हिंदू शास्त्रों में मंगलवार का दिन हनुमान जी को समर्पित है। मान्यता है कि हनुमान जी की भक्ति करने वाले भक्तों को शनिदेव का अशुभ प्रभाव नहीं छूता। धर्म ग्रंथों में वर्णित है कि शनिदेव स्वयं हनुमान जी से भयभीत रहते हैं। इसलिए मंगलवार को हनुमान जी की पूजा और कुछ विशेष उपाय करने से शनि दोष, साढ़ेसाती, ढैय्या या शनि की क्रूर दृष्टि का प्रभाव कम होता है। जीवन में रुके काम बनते हैं, संकट दूर होते हैं और सुख-शांति आती है। मंगलवार की शाम ये उपाय विशेष फलदायी हैं। श्रद्धा से करने पर शनिदेव का बुरा प्रभाव कम हो जाता है और नुकसान नहीं पहुंचता है। आइए जानते हैं ये 5 प्रभावी उपाय।

हनुमान जी को सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित करें

मंगलवार की शाम नजदीकी हनुमान मंदिर जाएं। हनुमान जी की मूर्ति पर सिंदूर और चमेली का तेल चढ़ाएं। सिंदूर हनुमान जी को बहुत प्रिय है और चमेली का तेल शनि को शांत करता है। पूजा करते समय 'ॐ हं हनुमते नमः' जपें। यह उपाय करने से शनि दोष शांत होता है, आत्मविश्वास बढ़ता है और नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं। जीवन में आने वाली बाधाएं कम होती हैं और शनिदेव की कृपा मिलती है।

शनि मंत्र का जाप करें

मंगलवार शाम स्नान करके शुद्ध हो जाएं। काले आसन पर बैठकर शनि मंत्र का जाप करें - 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' या 'ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः'। कम से कम 108 बार जपें। सामने हनुमान जी या शनिदेव की तस्वीर रखें और दीपक जलाएं। यह जाप शनि की क्रूर दृष्टि को शांत करता है। जीवन में स्थिरता आती है, तनाव कम होता है और प्रगति के मार्ग खुलते हैं। हनुमान भक्ति से शनि प्रभाव अपने आप कम हो जाता है।

पीपल के नीचे काले तिल और सरसों तेल का दीपक जलाएं

मंगलवार शाम पीपल वृक्ष के नीचे सरसों के तेल में काले तिल डालकर दीपक जलाएं। दीपक जलाते समय शनिदेव से कष्ट दूर करने की प्रार्थना करें और 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' जपें। यह उपाय शनि के अशुभ प्रभाव को बहुत कम करता है। कोर्ट-कचहरी, दुर्घटना या रोग की बाधाएं दूर होती हैं। अगर तरक्की रुकी है, तो यह दीपक जलाने से मार्ग खुलता है। शनि और हनुमान दोनों प्रसन्न होते हैं।

शनि चालीसा या दशरथकृत शनि स्तोत्र का पाठ करें

मंगलवार शाम शांत जगह पर बैठकर शनि चालीसा या दशरथकृत शनि स्तोत्र का पाठ करें। दीपक जलाकर शनिदेव का ध्यान करें। पाठ में श्रद्धा रखें। यह उपाय शनि से जुड़े भय और कठिनाइयां कम करता है। मानसिक शांति मिलती है और जीवन में सकारात्मक बदलाव आता है। हनुमान जी की भक्ति से यह पाठ और भी फलदायी होता है। नियमित करने से शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या का प्रभाव बहुत कम हो जाता है।

काली गाय या काले कुत्ते को भोजन कराएं

मंगलवार शाम काली गाय को गुड़ मिश्रित रोटी या काले कुत्ते को तेल लगी रोटी खिलाएं। शनिदेव काले पशुओं के अधिष्ठाता हैं। उन्हें भोजन कराना शनिदेव को बहुत प्रिय है। यह उपाय संकट, दुर्घटना और शत्रु बाधा से रक्षा करता है। पुण्य बढ़ता है और आत्मिक संतोष मिलता है। हनुमान जी की कृपा से यह सेवा शनि दोष को शांत करती है।

मंगलवार शाम ये उपाय श्रद्धा से करें तो शनिदेव का बुरा प्रभाव कम हो जाता है और जीवन में नुकसान नहीं पहुंचता। हनुमान जी की भक्ति से शनि भी प्रसन्न होते हैं। नियमितता रखें तो हर परेशानी दूर हो जाएगी।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Navaneet Rathaur

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संक्षिप्त विवरण

नवनीत राठौर नए युग के डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें इस क्षेत्र में करीब 7 साल का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन के हिस्सा हैं। यहां वह अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष से जुड़ी खबरें लिखते हैं।


विस्तृत बायो परिचय और अनुभव

डिजिटल मीडिया में अपनी अलग पहचान बना रहे नवनीत राठौर धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा में पाठकों के लिए परोसते हैं। वो अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और करीब 5 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान नवनीत ने वेबस्टोरी, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।


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नवनीत ने शारदा विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा से जनसंचार एवं पत्रकारिता में स्नातक और शुभारती विश्वविद्यालय से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।


नवनीत राठौर ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत जनतंत्र न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने सूर्या समाचार और अमर उजाला जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद नवनीत लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। पाठकों को सरल, विश्वसनीय और प्रेरणादायक जानकारी प्रदान करना ही नवनीत राठौर का मुख्य उद्देश्य है।


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