Feng Shui Tips: मेनडोर से जुड़े ये हैं 5 सबसे जरूरी नियम, घर में नहीं आएगी नेगेटिविटी, आप तो नहीं कर रहे गलती?
फेंगशुई के अनुसार मेनडोर हमारे घर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। ऐसे में यहां की एनर्जी को हमेशा सही रखना जरूरी है। चलिए जानते हैं कि आखिर मेनडोर से जुड़े फेंगशुई के क्या नियम हैं?

Feng Shui Tips for Main Door: किसी भी घर की खुशहाली वहां के लोगों पर डिपेंड करती है। लोग कैसे हैं और उनकी वजह से माहौल कैसा है? ये बहुत ही जरूरी होता है लेकिन घर का वास्तु भी सही होना जरूरी है। वहीं फेंगशुई के हिसाब से घर की कुछ चीजों का बैलेंस सही होना सबसे जरूरी है। फेंगशुई की बात की जाए तो उसके नियम के हिसाब से घर में किसी भी सामान का प्लेसमेंट सही होना चाहिए। आज जानेंगे उन 5 बातों को जोकि किसी भी घर के लिए जरूरी है। अगर इन 5 नियमों का पालन सही तरीके से कर लिया जाए तो घर में बुरी एनर्जी का खात्मा अपने आप ही हो जाएगा।
1. मेनडोर के आगे ना लगाएं शीशा
आजकल तमाम लोग मेनडोर के आगे डेकॉर के नाम पर शीशा लगा देते हैं जोकि दिखने में तो सुंदर ही दिखता है। हालांकि फेंगशुई के हिसाब से मेनडोर पर इसे लगाने से बचना चाहिए। फेंगशुई के अनुसार शीशा भले ही नाजुक हो लेकिन इसकी एनर्जी काफी पावरफुल होती है। अगर इसे मेनडोर के एकदम सामने ही शीशा हो तो ये अपने रिफ्लेक्शन से सारी पॉजिटिव एनर्जी को वापस बाहर भेज सकता है। अगर आपको बाहर शीशा लगाना ही है तो इसे साइड की ओर रखें। अगर पास में कोई पौधा रखेंगे तो इसका प्रभाव थोड़ा कम हो सकता है।
2. मेनडोर का रास्ता हो साफ
फेंगशुई के अनुसार मेनडोर का रास्ता हमेशा साफ होना चाहिए। ध्यान रखें कि मेनडोर से घर के अंदर आने के रास्ते के बीच कोई सामान ना रखा हो। ऐसी कोई भी चीज ना हो जो अंदर आने में अवरोध पैदा करता है। अगर ऐसा होता है तो अच्छी एनर्जी का प्रवाह अंदर आने के लिए रुक जाएगा। ऐसे में रास्ते में कोई भी ऐसी चीज नहीं रखनी चाहिए।
3. मेनडोर के सामने ना हो सीढ़ियां
फेंगशुई के नियम के हिसाब से घर के मेनडोर के आगे कभी भी सीढ़ियां नहीं होनी चाहिए। ऐसा माना जाता है कि सीढ़ियां होने की वजह से घर में आने वाली सारी ऊर्जा ऊपर-नीचे चली जाती है। ऐसे में सवाल है कि अब क्या किया जाए? इस चीज में बैलेंस लाने के लिए मेनडोर के पास कोई गोल पायदान रख दें। आप चाहें तो कोई पौधा भी दरवाजे के पास लगा सकते हैं।
4. ना रखें ज्यादा चीजें
एनर्जी को बैलेंस करने के लिए कोशिश करें कि मेनडोर पर ज्यादा सामान ना रखा हो। कई लोग मेनडोर पर ही जूते-चप्पल का ढेर लगा देते हैं जोकि सही नहीं है। ये जगह जितनी साफ रहेगी, घर में अच्छी एनर्जी का फ्लो उतना ही होगा।
5. मेनडोर के आसपास ना हो गंदगी
कोशिश करें कि मेनडोर हमेशा साफ रहे। यहां पर गंदगी होने का साफ-साफ मतलब है कि घर में एनर्जी अच्छी जा ही नहीं सकती है। मेनडोर की लाइटिंग भी अच्छी होनी चाहिए। यहां पर अंधेरा रहने से एनर्जी भी डल हो जाएगी। ऐसे में मेनडोर हमेशा साफ-सुथरा और रोशनी से भरपूर होना चाहिए।
डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए फेंगशुई विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)
लेखक के बारे में
Garima Singhशॉर्ट बायो:
गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, अंक शास्त्र, रत्न शास्त्र, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।
परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। इस समय वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।
करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।
एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।
व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।
विशेषज्ञता (Areas of Expertise)
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