Chandra Grahan 2026: चंद्र ग्रहण के चलते बनारस की गंगा आरती की टाइमिंग में हुआ बड़ा बदलाव, कब खुलेंगे मंदिर के कपाट?

Mar 03, 2026 08:34 am ISTGarima Singh लाइव हिन्दुस्तान
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3 March Chandra Grahan Ganga Aarti Timing: चंद्र ग्रहण की वजह से कई धार्मिक गतिविधियों में विशेष रूप से बदलाव किया जा रहा है। इसी कड़ी में काशी की गंगा आरती में भी आज बदलाव देखने को मिल रहा है। जानें आज के लिए दशाश्वमेध और अस्सी घाट की गंगा आरती की टाइमिंग क्या है?

Chandra Grahan 2026: चंद्र ग्रहण के चलते बनारस की गंगा आरती की टाइमिंग में हुआ बड़ा बदलाव, कब खुलेंगे मंदिर के कपाट?

Ganga Aarti Timing Today 3 March 2026: ज्योतिष और धार्मिक दृष्टि से 3 मार्च 2026 यानी आज का दिन बहुत खास माना जा रहा है। आज साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण लग रहा है। चंद्र ग्रहण से कुछ घंटे पहले ही सूतक काल शुरू हो जाता है और ऐसे में कई धार्मिक गतिविधियों में बदलाव किया गया है। आज काशी की प्रसिद्ध गंगा आरती के समय में भी परिवर्तन देखने को मिल रहा है। रोज होने वाली संध्या गंगा आरती आज लगभग सवा एक घंटे की देरी से होने वाली है। यानी दशाश्वमेध घाट से लेकर अस्सी घाट तक आरती का समय बदला रहेगा। इसके अलावा आज के दिन श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के कपाट भी आज लगभग पौने तीन घंटे के लिए बंद रहेंगे। नीचे जानें इससे जुड़ी डिटेल्स-

3 मार्च को कितने बजे होगी गंगा आरती?

आज सूतक काल के दौरान काशी के सभी मंदिरों के कपाल बंद रहेंगे। सामान्य रूप से काशी की गंगा आरती हर शाम 6:15 बजे से शुरू हो जाती है। हालांकि आज चंद्र ग्रहण के दिन ये 7 बजकर 30 मिनट से शूरू होगी। ग्रहण के मोक्ष काल के बाद से ही आरती की शुरुआत की जाएगी। गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्रा ने बताया कि चंद्रग्रहण के चलते ही काशी में मां गंगा की आरती के समय में बदलाव किया गया है। भारतीय समयानुसार चंद्रग्रहण 3 मार्च को दोपहर 3 बजकर 20 मिनट पर शुरू होगा और शाम 6 बजकर 46-47 मिनट के आसपास समाप्त होगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण का सूतक काल 9 घंटे पहले से लागू हो जाता है, इसी कारण आरती का समय बदला गया है। ऐसे में आज दशाश्वमेध घाट से लेकर अस्सी घाट की आरती नए समय पर होगी। बता दें कि हर दिन इस गंगा आरती को देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग आते हैं। इस दौरान का माहौल काफी डिवाइन होता है।

अस्सी घाट पर कब होगी आरती?

काशी के प्रसिद्ध घाटों में से एक अस्सी घाट की गंगा आरती में भी कई लोग शामिल होते हैं। यहां पर रोजाना शाम को 6 बजकर 30 मिनट पर आरती होती है। लेकिन आज के दिन यानी 3 मार्च को यहां पर 7 बजकर 30 मिनट पर आरती होगी। चंद्र ग्रहण के चलते आरती का समय में बदलाव हर जगह देखने को मिलने वाला है।

कब खुलेंगे काशी विश्वनाथ के कपाट?

बता दें कि आज शाम को 4 बजकर 30 मिनट पर काशी विश्वनाथ के कपाट बंद हो जाएंगे। इस दौरान श्रद्धालु दर्शन नहीं कर पाएंगे। मंदिर के कपाट रात में 7 बजकर 15 मिनट पर दर्शन के लिए खोल दिए जाएंगे। कपाट बंद होने के दौरान मंदिर में किसी भी तरह के दर्शन की मनाही है।

चंद्र ग्रहण क्या होता है?

अब समझते हैं कि आखिर चंद्र ग्रहण क्या होता है। आसान सी भाषा में समझा जाए तो जब चंद्रमा और सूर्य के बीच में पृथ्वी आता है तो उसकी छाटा चंद्रमा पर दिखती है। इसे ही पूर्ण रूप से चंद्र ग्रहण कहा जाता है। इस दौरान चंद्रमा एकदम लाल रंग का हो जाता है। इसे लोग ब्लड मून के नाम से भी जानते हैं। ज्योतिषीय दुनिया में इसका महत्व देखते ही बनता है। माना जाता है कि इस एक खगोलीय घटना का असर हर किसी पर दिखता है। राशिचक्र की कुल 12 राशियां इससे कहीं ना कहीं प्रभावित जरूर होचती है।

भारत में इस समय दिखेगा चंद्र ग्रहण

बता दें कि आज जब चंद्रमा का उदय होगा तो वह ग्रहण ही की अवस्था में होगा और इस रूप को ग्रस्तोदित कहा जाता है। आंशिक ग्रहण की शुरुआत आज दोहर में 3 बजकर 20 मिनट से ही शुरू होने वाला है। हालांकि ज्योतिषीय गणना के आधार पर पूर्ण रूप से ग्रहण 4 बजकर 34 मिनट से लगेगा। ये 5 बजकर 32 मिनट तक रहने वाला है लेकिन भारत में ये हमें शाम को 6 बजकर 22 मिनट से लेकर 6 बजकर 47 मिनट के बीच दिखेगा। ग्रहण का समय 25 मिनट के लिए रहेगा।

क्या है सूतक और इसकी टाइमिंग?

बात की जाए सूतक की तो चंद्र ग्रहण से लगभग 9 घंटे पहले ही इसकी अवधि शुरू हो जाती है। इस दौरान शांत और संयम के साथ रहने की सलाह दी जाती है। साथ ही कुछ काम विशेष रूप से नहीं किए जाते हैं। सूतक का समय आज सुबह 6 बजकर 20 मिनट से शुरू हो चुका है। वहीं इसका समापन शाम को 6 बजकर 47 मिनट पर होगा।

डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)

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गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।


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गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। वह पिछले 8 महीनों से लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।


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गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।


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