Vyatipat Yog: आज पद्मिनी एकादशी पर बना व्यतिपात योग, इन 3 राशि वालों की बढ़ सकती है टेंशन

Saumya Tiwari लाइव हिन्दुस्तान
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Vyatipata yoga 27 may 2026 on Ekadashi: पद्मिनी एकादशी पर व्यतिपात योग बन रहा है। ज्योतिष शास्त्र में व्यतिपात योग अशुभ योगों में से एक माना गया है, जिसका असर कुछ राशियों पर नकारात्मक पड़ेगा। जानें व्यतिपात योग से किन 3 राशि वालों की बढ़ेगी टेंशन।

Vyatipat Yog: आज पद्मिनी एकादशी पर बना व्यतिपात योग, इन 3 राशि वालों की बढ़ सकती है टेंशन

Vyatipata yoga 27 May 2026: आज 27 मई 2026, बुधवार को पद्मिनी एकादशी पर व्यतिपात योग का संयोग बन रहा है। ज्योतिष शास्त्र में व्यतिपात योग को विनाशकारी कार्यों का कारक माना जाता है। मान्यता है कि इस दौरान किए गए कार्यों में सफलता नहीं मिलने के बराबर होती है। इस योग के प्रभाव से मानसिक तनाव, भ्रम, कार्यों में बाधाएं, दुर्घटना और विवाद की आशंका बढ़ जाती है। द्रिक पंचांग के अनुसार, व्यतिपात योग 27 मई को सुबह 03 बजकर 11 मिनट पर यह योग बनेगा और 28 मई को सुबह 03 बजकर 25 मिनट तक प्रभावी रहेगा। ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि व्यतिपात योग मानव जीवन को प्रभावित करता है। ज्योतिष गणना के अनुसार, पद्मिनी एकादशी पर बनने वाले व्यतिपात योग कुछ राशि वालों की मुश्किलें बढ़ा सकता है। जानें व्यतिपात योग से किन राशियों को मिल सकते हैं अशुभ फल।

व्यतिपात योग से इन 3 राशियों की बढे़गी टेंशन-

1. वृषभ राशि- इस समय सूर्य वृषभ राशि में ही हैं और उनके ठीक सामने चंद्र देव विराजमान हैं। सूर्य-चंद्र की यह स्थिति आपके लिए आर्थिक मुश्किलें ला सकती है। इस समय अचानक खर्चें सामने आ सकके हैं और आर्थिक बजट हिल सकता है। इस समय आपको धन से जुड़े मामलों और लेन-देन में बहुत सावधानी बरतनी चाहिए। धन से जुड़ा कोई बड़ा फैसला नहीं लें और किसी नए निवेश से भी बचना चाहिए।

2. सिंह राशि- सिंह राशि के लिए यह समय करियर के लिहाज से थोड़ा कठिनाई भरा हो सकता है। इस समय आपकी मान-प्रतिष्ठा प्रभावित हो सकती है। कार्यस्थल पर विरोधी सक्रिय हो सकते हैं। इस समय सहकर्मी या उच्च अधिकारियों के साथ वाद-विवाद से बचने की सलाह दी जाती है। कार्यों में अड़चनों का सामना करना पड़ सकता है। ऑफिस की राजनीति से दूरी बनाए रखें और किसी नए काम की शुरुआत से बचें।

3. कन्या राशि- 27 मई को चंद्रमा कन्या राशि में ही गोचर कर रहे हैं, जिसके कारण व्यतिपात योग का प्रभाव आपकी वाणी देखने को मिल सकता है। इस दिन आपका मन अचानक अशांत हो सकता है। किसी करीबी की बात बुरी लगने से रिश्ते बिगड़ सकते हैं। इसलिए इस समय अपने शब्दों का चयन बहुत सोच-समझ कर करें।

व्यतिपात योग के अशुभ प्रभाव से बचाव के लिए करें उपाय-

1. शुभ फलों की प्राप्ति के लिए इस दिन किसी नए काम की शुरुआत नहीं करें। मांगलिक कार्य से बचें।

2. 27 मई को पद्मिनी एकादशी का भी संयोग है, इसलिए इस दिन भगवान विष्णु की विधिवत पूजा करना लाभकारी रहेगा। मानसिक शांति के लिए भगवान शिव की आराधना लाभकारी रहने वाली है।

व्यतिपात योग कैसे बनता है:

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब सूर्य और चंद्रमा का अयन एक जैसा होता है लेकिन उनकी दिशाएं अलग-अलग होती हैं, तब व्यतिपात योग का निर्माण होता है। आसान भाषा कहें तो, जब सूर्य और चंद्रमा की क्रांति आपस में मिलती है, तो एक उथल-पुथल वाली ऊर्जा बनती है।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Saumya Tiwari

लेखक के बारे में

Saumya Tiwari

संक्षिप्त विवरण

सौम्या तिवारी लाइव हिन्दुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा हैं और इस संस्थान के साथ करीब 5 वर्षों से अधिक समय से जुड़ी हैं। इन्हें डिजिटल पत्रकारिता में करीब 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। यहां वह ग्रह राशि परिवर्तन, टैरो, वैदिक ज्योतिष, फेंगशुई, अंकराशि, रत्न शास्त्र और व्रत-त्योहार आदि से जुड़ी खबरें लिखती हैं।


विस्तृत बायो


परिचय और अनुभव

सौम्या तिवारी की ग्रह राशि परिवर्तन, व्रत-त्योहार, सामुद्रिक शास्त्र, अंकज्योतिष, वास्तु शास्त्र एवं फेंगशुई, कथा-कहानी जैसे विषयों पर अच्छी पकड़ है। उन्हें ज्योतिष एवं धार्मिक विषयों में करीब 6 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में बतौर डिप्टी कंटेंट प्रोड्यूसर कार्यरत हैं और धर्म व ज्योतिष (एस्ट्रोलॉजी) सेक्शन का हिस्सा हैं।


इसके अलावा उन्होंने मनोरंजन (एंटरटेनमेंट) और राजनीतिक (पॉलिटिक्स) विषयों पर भी विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम किया है। लाइव हिन्दुस्तान में सौम्या की टॉप परफॉर्मेंस रही है, जिसके लिए उन्हें कई बार पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। खाली समय में वह धार्मिक ग्रंथों और पुराणों का अध्ययन करना और पाठकों तक सही जानकारी पहुंचाना पसंद करती हैं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

सौम्या तिवारी ने कानपुर विश्वविद्यालय से स्नातक (बीए) किया है और जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से जनसंचार एवं पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा प्राप्त किया है। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान ही उन्हें हैदराबाद की लोकल न्यूज वेबसाइट इंडिलिक्स से पहली नौकरी का प्रस्ताव मिला।


इसके बाद वह जनसत्ता (द इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप), द क्विंट और जी न्यूज जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों से जुड़ी रहीं। साल 2020 में वह लाइव हिन्दुस्तान के धर्म व ज्योतिष सेक्शन का हिस्सा बनीं।


व्यक्तिगत रुचियां

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले की रहने वाली सौम्या तिवारी को धार्मिक और ज्योतिषीय विषयों की जानकारी जुटाना पसंद है। इसके अलावा उन्हें नई-नई जगहों पर घूमने का भी शौक है।


विशेषज्ञता

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