सिंह और धनु राशि वालों के जीवन में 2027-28 में होंगे बड़े बदलाव, शनि की चाल बदलेगी हालात

लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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सिंह और धनु राशि वालों के लिए 2027 में शनि की ढैय्या के लिहाज से बड़ा बदलाव होगा। ज्योतिषीय गणना के अनुसार 3 जून 2027 को शनि के मेष राशि में जाने से दोनों राशियों को कुछ महीनों के लिए ढैय्या से राहत मिलेगी। लेकिन 20 अक्टूबर 2027 को शनि के वापस मीन राशि में आने से ढैय्या फिर शुरू हो जाएगी।

शनि देव
shani dev

शनि की ढैय्या: ज्योतिष में शनि को कर्म और न्याय का ग्रह माना जाता है। शनि की चाल बाकी ग्रहों के मुकाबले धीमी होती है, इसलिए इसके राशि बदलने का असर लंबे समय तक रहने वाला माना जाता है। अभी शनि मीन राशि में हैं और इसी वजह से सिंह और धनु राशि वालों पर शनि की ढैय्या चल रही है। दोनों राशियों के लिए आने वाला समय खास रहने वाला है, क्योंकि 2027 में शनि राशि बदलेंगे और कुछ महीनों के लिए ढैय्या से राहत मिलेगी। इसके बाद शनि फिर मीन राशि में लौटेंगे और ढैय्या का असर दोबारा शुरू हो जाएगा।

जून 2027 में मिलेगी कुछ समय के लिए राहत

शनि 3 जून 2027 को मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करेंगे। शनि के मेष में जाते ही सिंह और धनु राशि वालों पर चल रही ढैय्या का दौर कुछ समय के लिए खत्म हो जाएगा। यानी इन दोनों राशियों के लोगों को जून से अक्टूबर 2027 के बीच शनि के इस खास प्रभाव से राहत मिलेगी।इस दौरान कामकाज में आ रही रुकावटें कम होने की उम्मीद की जा सकती है। जिन लोगों को लंबे समय से किसी काम के पूरा होने का इंतजार है, उन्हें आगे बढ़ने का मौका मिल सकता है। खर्च और जिम्मेदारियों को संभालने में भी पहले के मुकाबले आसानी महसूस हो सकती है। हालांकि यह राहत लंबे समय तक नहीं रहने वाली है।

अक्टूबर में फिर लौटेगी शनि की ढैय्या

शनि 2027 में ही अपनी चाल बदलेंगे। मेष राशि में जाने के बाद शनि वक्री होंगे और 20 अक्टूबर 2027 को वापस मीन राशि में प्रवेश करेंगे। शनि के मीन में लौटते ही सिंह और धनु राशि वालों पर ढैय्या का असर फिर शुरू हो जाएगा। यही 2027-28 का सबसे खास बदलाव है। सिंह और धनु राशि वालों को पहले कुछ महीनों के लिए राहत मिलेगी और फिर शनि के वापस मीन में आने से वही दौर दोबारा शुरू हो जाएगा।

सिंह राशि वालों के लिए क्या बदलेगा

सिंह राशि के लिए मीन राशि आठवें भाव में आती है। इसी वजह से शनि के मीन में रहने पर अष्टम शनि की स्थिति बनती है, जिसे शनि की ढैय्या से जोड़ा जाता है। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार इस दौरान अचानक आने वाले बदलाव, काम में देरी और जिम्मेदारियों का दबाव बढ़ सकता है। 3 जून से 20 अक्टूबर 2027 तक शनि मेष में रहेंगे। इस दौरान सिंह राशि वालों को अष्टम शनि के असर से राहत मिलेगी। लेकिन अक्टूबर में शनि के मीन में लौटते ही यह स्थिति फिर बन जाएगी। इसलिए सिंह राशि वालों के लिए 2027 का समय एक जैसा नहीं रहेगा। कुछ महीने राहत वाले होंगे तो कुछ महीनों में फिर सावधानी से आगे बढ़ना होगा।

धनु राशि वालों के लिए भी बदलेगा समय

धनु राशि से मीन चौथी राशि है। इसलिए मीन राशि में शनि का गोचर धनु राशि वालों के लिए कंटक शनि की स्थिति बनाता है। ज्योतिष में इसे भी ढैय्या का एक रूप माना जाता है। इस दौरान घर-परिवार, संपत्ति, वाहन और जिम्मेदारियों से जुड़े मामलों पर ध्यान देना पड़ सकता है। जून 2027 में शनि के मेष में जाने से धनु राशि वालों को कुछ समय के लिए राहत मिलेगी। इस दौरान घरेलू मामलों में तनाव कम होने और रुके कामों को आगे बढ़ाने के मौके मिल सकते हैं। लेकिन 20 अक्टूबर को शनि के मीन में लौटते ही ढैय्या का असर फिर शुरू हो जाएगा।

फरवरी 2028 के बाद स्थिति फिर बदलेगी

शनि 20 अक्टूबर 2027 को मीन में लौटने के बाद कुछ समय तक वहीं रहेंगे। इसके बाद फरवरी 2028 में शनि दोबारा मेष राशि में प्रवेश करेंगे। इसके साथ सिंह और धनु राशि वालों की ढैय्या फिर खत्म हो जाएगी। इस तरह देखा जाए तो 2027-28 सिंह और धनु राशि वालों के लिए बदलाव का समय रहेगा। पहले शनि की ढैय्या से राहत मिलेगी, फिर कुछ महीनों बाद शनि वापस मीन में आएंगे और ढैय्या दोबारा शुरू होगी। इसके बाद फरवरी 2028 में एक बार फिर राहत मिलेगी।

ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार शनि की ढैय्या को केवल परेशानी से जोड़कर नहीं देखना चाहिए। शनि मेहनत, अनुशासन और जिम्मेदारी का फल देने वाले ग्रह माने जाते हैं। इसलिए इस दौरान धैर्य के साथ काम करने और बिना सोचे-समझे बड़े फैसले लेने से बचने की सलाह दी जाती है।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Yogesh Joshi

लेखक के बारे में

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योगेश जोशी डिजिटल पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। ज्योतिष और धार्मिक विषयों पर उनका लेखन पाठक-केंद्रित और व्यावहारिक दृष्टिकोण के लिए जाना जाता है। राशिफल, ग्रह-गोचर, दशा-महादशा, अंकज्योतिष, सामुद्रिक शास्त्र, वास्तु, फेंगशुई और पूजा-विधि जैसे विषय उनके काम का प्रमुख हिस्सा हैं।


परिचय और अनुभव


योगेश जोशी ने डिजिटल मीडिया में काम करते हुए खबर और कंटेंट के बदलते स्वरूप को नजदीक से समझा है। पत्रकारिता में 8 वर्षों के अनुभव के साथ वह फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर की भूमिका निभा रहे हैं।


न्यूज़ और फीचर कंटेंट से शुरू हुआ उनका सफर आज ज्योतिष और धार्मिक विषयों तक पहुंच चुका है, जहां वह पारंपरिक ज्ञान को मौजूदा समय और डिजिटल पाठक की जरूरतों के हिसाब से प्रस्तुत करते हैं। उनका फोकस हमेशा इस बात पर रहता है कि कंटेंट जानकारी दे, उलझाए नहीं।


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योगेश ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अमर उजाला के डिजिटल प्लेटफॉर्म से की। यहां उन्होंने डिजिटल न्यूज़, कंटेंट राइटिंग और एडिटिंग पर काम करते हुए मजबूत आधार तैयार किया। इसके बाद डिजिटल मीडिया में लगातार काम करते हुए उन्होंने एस्ट्रोलॉजी और धार्मिक विषयों से जुड़े कंटेंट में विशेषज्ञता विकसित की।
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