Sawan Somwar, दूसरा सावन सोमवार: सुबह 4:22 बजे से शिव अभिषेक मुहूर्त, जानें सावन दूसरे सोमवार का पूजा मंत्र, प्रदोष काल

लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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2 Sawan Monday, sawan somwar muhurta : उदया तिथि और प्रदोष काल में 10 अगस्त को सावन दूसरा सोमवार और सावन सोम प्रदोष व्रत- पूजन किया जाएगा। जानें, सावन सोमवार पर सुबह से शाम तक जल अभिषेक का मुहूर्त -  

2 Sawan Monday: sawan somwar muhurta starts at 4:22 AM Pradosh muhurat at 7:05 PM sawan ka dusra somwar time
दूसरा सावन सोमवार: शिव अभिषेक का मुहूर्त

2 Sawan Monday sawan ka dusra somwar : इस साल द्वादशी तिथि और त्रयोदशी तिथि के संयोग में सावन का दूसरा सोमवार है। सावन का दूसरा सोमवार और सावन का प्रदोष व्रत एक ही दिन पड़ रहे हैं। सावन के दूसरे सोमवार पर भगवान शिव के साथ माता पार्वती की पूजा का भी विशेष महत्व है। हिंदू पंचांग के अनुसार, सावन के दूसरे सोमवार पर सुबह 8:01 मिनट से त्रयोदशी तिथि शुरू हो जाएगी, जो अगले दिन सुबह 04:54 मिनट तक रहेगी। ऐसे में उदया तिथि और प्रदोष काल में 10 अगस्त को सावन दूसरा सोमवार और सावन सोम प्रदोष व्रत- पूजन किया जाएगा। शिव जी की पूजा में जलाभिषेक का अत्यधिक महत्व माना गया है। मान्यता है सिर्फ अभिषेक मात्र से भी शिव जी प्रसन्न हो जाते हैं। आइए जानते हैं सावन के दूसरे सोमवार पर पूजा का शुभ मुहूर्त, विधि, अभिषेक विधि, मंत्र और एक खास उपाय-

दूसरा सावन सोमवार: सुबह 4:22 बजे से शिव अभिषेक मुहूर्त, जानें सावन दूसरे सोमवार का पूजा मंत्र, प्रदोष काल

कैसे करें दूसरे सावन सोमवार की पूजा?

दूसरे सावन सोमवार के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें। स्नान करने के बाद साफ वस्त्र पहने। इसके बाद मंदिर या घर में स्थापित शिवलिंग का गंगाजल से अभिषेक करें। फिर जल, दूध, दही, शहद और घी से रुद्राभिषेक करें। भगवान शिव को बेलपत्र, धतूरा, भांग, आंक का फूल, सफेद चंदन और मौसमी फल अर्पित करें। पूजा के दौरान ओम नमः शिवाय या महामृत्युंजय मंत्र का जाप करे और अंत में शिव आरती करके क्षमा मांगे।

सावन सोमवार व्रत लाभ

मान्यता है कि सावन सोमवार का व्रत रखने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं। करियर और कारोबार में आने वाली रुकावटें दूर होती हैं। इससे वैवाहिक जीवन में मधुरता आती है। परिवार में सुख शांति बनी रहती है। कई शिव भक्त पूरे दिन व्रत रखकर शाम की पूजा के बाद फलाहार करते हैं।

सावन दूसरे सोमवार का पूजा मंत्र

दूसरे सोमवार को महाकालेश्वर शिव की विशेष पूजा करने का विधान है। ‘ऊं महाशिवाय वरदाय हीं ऐं काम्य सिद्धि रुद्राय नम:’ मंत्र का रुद्राक्ष की माला से कम से कम 11 बार जाप करना चाहिए। महाकालेश्वर की पूजा से सुखी गृहस्थ जीवन, पारिवारिक कलह से मुक्ति, पितृ दोष व तांत्रिक दोष से मुक्ति मिलती है।

सावन के दूसरे सोमवार पर सुबह के मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त- 04:22 बजे से 05:05 बजे (सुबह)

प्रातः सन्ध्या- 04:43 बजे से 05:47 बजे (सुबह)

अमृत - सर्वोत्तम 05:47 बजे से 07:27 बजे (सुबह)

शुभ - उत्तम 09:07 बजे से 10:47 बजे (सुबह)

सावन के दूसरे सोमवार पर दोपहर के मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त- 12:00 बजे से 12:53 बजे (दोपहर)

विजय मुहूर्त- 02:39 बजे से 03:32 बजे (दोपहर)

चर - सामान्य 02:06 बजे से 03:46 बजे (दोपहर)

सावन के दूसरे सोमवार पर शाम के मुहूर्त

गोधूलि मुहूर्त- 07:05 बजे से 07:27 बजे (शाम)

सायाह्न सन्ध्या- 07:05 बजे से 08:09 बजे (शाम)

अमृत - सर्वोत्तम 05:25 बजे से 07:05 बजे (शाम)

चर - सामान्य 07:05 बजे से 08:26 बजे (शाम)

निशिता मुहूर्त- रात 12:05 बजे, अगस्त 11 से रात 12:48 बजे, अगस्त 11

प्रदोष काल मुहूर्त- 07:05 बजे से 09:14 बजे (शाम)

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियां धार्मिक मान्यता, शास्त्रीय मत व हिंदू पंचांग पर आधारित हैं। हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सटीक हैं। अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Shrishti Chaubey

लेखक के बारे में

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सृष्टि चौबे पत्रकारिता जगत में 4 वर्षों का अनुभव रखती हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर कार्यरत हैं। वह ज्योतिष, ग्रह गोचर, राशिफल, नक्षत्र परिवर्तन, अंकज्योतिष, रत्न, और वास्तु से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। पाठक-केंद्रित व आसान भाषा में जानकारी पेश करना इनके लेखन की पहचान है। धार्मिक ग्रंथों को पढ़कर लोगों तक सही जानकारी पहुंचाना और उन पर शोध करना इनकी विशेष पसंद है।

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