Mangla Gauri Vrat Katha: आज पढ़ें मंगला गौरी व्रत कथा, नियम

लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
Follow us on Google News
share

Mangla Gauri Vrat Katha: 18 अगस्त के दिन सावन का तृतीया मंगला गौरी व्रत रखा जाएगा। मंगला गौरी व्रत रखने से माता पार्वती खुश होती हैं और अपने भक्तों को सुखी वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद देती हैं।

18 August ko Mangla Gauri Vrat Time shiva parvati katha Mangla Gauri Vrat kahani pooja muhurat
मंगला गौरी व्रत मुहूर्त और कथा

Mangla Gauri Vrat katha : सावन का तीसरा मंगला गौरी व्रत सावन मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि पर पड़ेगी। 18 अगस्त के दिन सावन का तृतीया मंगला गौरी व्रत मंगलवार को है। मान्यता है कि मंगला गौरी व्रत रखने से माता पार्वती खुश होती हैं और अपने भक्तों को सुखी वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद देती हैं। जिन युवतियों का हाल ही में विवाह हुआ है और उसके बाद यह उनका पहला सावन है तो मंगला गौरी के लिए विशेष नियम माने गए हैं, जिनका पालन करना चाहिए। सावन के मंगला गौरी व्रत पर कथा का पाठ करना जरूरी माना गया है। आइए जानते हैं सावन के तीसरे मंगला गौरी व्रत का पूजा मुहूर्त, विधि, नियम और कथा -

मंगला गौरी व्रत कथा

मंगला गौरी व्रत कथा

पौराणिक कथा के अनुसार, प्राचीन समय की बात है। एक नगर में धर्मपाल नाम का सेठ अपनी पत्नी के साथ रहता था। उनके पास धन-धान्य की कोई कमी नहीं थी, परंतु संतान न होने के कारण उनका जीवन अधूरा लगता था। दोनों पति-पत्नी प्रतिदिन देवी-देवताओं की पूजा करते और संतान प्राप्ति के लिए प्रार्थना करते। एक दिन एक साधु उनके द्वार पर भिक्षा मांगने आए। सेठानी ने बड़े आदर से उनका स्वागत किया, लेकिन साधु ने कहा कि उनके भाग्य में संतान का सुख नहीं है। यह सुनकर दोनों बहुत दुखी हुए और साधु के चरणों में गिरकर उपाय पूछने लगे।

साधु ने उन्हें मां मंगला गौरी का व्रत करने को कहा। उन्होंने कहा, श्रद्धा, संयम और पूर्ण विश्वास के साथ मां मंगला गौरी का व्रत करने से देवी अवश्य प्रसन्न होंगी। पति-पत्नी ने पूरी निष्ठा से श्रावण मास के प्रत्येक मंगलवार को व्रत रखना शुरू किया। वे प्रातः स्नान करके मां गौरी की प्रतिमा या चित्र के सामने दीपक जलाते, लाल पुष्प अर्पित करते, सुहाग का श्रृंगार समान अर्पित करें और विधि-विधान से पूजा करें। वे निर्धनों को भोजन कराते तथा यथाशक्ति दान भी देते।

कुछ समय बाद मां मंगला गौरी उनकी भक्ति से प्रसन्न हुईं। देवी ने सपने में दर्शन देकर आशीर्वाद दिया कि शीघ्र ही उनके घर एक तेजस्वी पुत्र का जन्म होगा। कुछ ही समय में उनके घर पुत्र का जन्म हुआ। पूरे नगर में आनंद का वातावरण छा गया। सभी ने इसे मां मंगला गौरी की कृपा माना। जब पुत्र बड़ा हुआ तो उसका विवाह एक सुशील कन्या से हुआ। विवाह के बाद एक ज्योतिषी ने भविष्यवाणी की कि युवक के जीवन पर अल्पायु का संकट है। यह सुनकर परिवार चिंतित हो गया, परंतु उसकी पत्नी ने साहस नहीं खोया। उसने पूरे विश्वास के साथ मां मंगला गौरी का व्रत करना प्रारंभ किया और हर मंगलवार देवी से अपने पति की दीर्घायु की प्रार्थना करती रही।

एक रात जब पति पर संकट आने वाला था, तब मां मंगला गौरी ने सपने में बहू को संकेत दिया कि वह सावधानी बरते। देवी की कृपा से संकट टल गया और युवक का जीवन सुरक्षित बच गया। परिवार ने इसे मां की असीम कृपा माना। मान्यता है कि जो श्रद्धापूर्वक मंगला गौरी व्रत करता है, व्रत कथा का श्रवण करता है और मां की आराधना करता है, उसके वैवाहिक जीवन में सुख बना रहता है। परिवार पर आने वाले संकट दूर होते हैं और मां मंगला गौरी की कृपा सदैव बनी रहती है।

मंगला गौरी व्रत पूजा कैसे करें?

इस दिन सुबह स्नान करने के बाद व्रत का संकल्प लें। पूरे दिन माता गौरी की पूजा-अर्चना करें। शिवलिंग का गंगाजल से अभिषेक करें। इसके साथ ही भगवान शिव और माता पार्वती की विधिवत पूजा करें। सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल के शुभ मुहूर्त में दूध, दही, घी, गंगाजल और शहद से शिवलिंग का अभिषेक करें। देवी पार्वती को शृंगार का सामान अर्पित करें। भगवान शिव को बेलपत्र, सफेद अक्षत, भांग, धतूरा, सफेद रंग का फूल, काला तिल और सफेद चंदन अर्पित करें। इसके बाद पूरे शिव परिवार की पूजा करें। भगवान शिव और माता पार्वती की पूरी श्रद्धा के साथ आरती करें। अंत में क्षमा मांगे।

सुबह से शाम तक के शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त: 04:25 बजे से 05:08 बजे (सुबह)

प्रातः सन्ध्या: 04:46 बजे से 05:52 बजे (सुबह)

चर - सामान्य: 09:08 बजे से 10:47 बजे (सुबह)

लाभ - उन्नति: 10:47 सुबह से 12:25 बजे (दोपहर)

अमृत - सर्वोत्तम: 12:25 बजे से 02:03 बजे (दोपहर)

अभिजित मुहूर्त: 11:59 बजे से 12:51 बजे (दोपहर)

विजय मुहूर्त: 02:36 बजे से 03:28 बजे (दोपहर)

गोधूलि मुहूर्त: 06:58 बजे से 07:20 बजे (शाम)

सायाह्न सन्ध्या: 06:58 बजे से 08:03 बजे (शाम)

अमृत काल: 09:19 पी एम से 11:02 बजे (रात)

निशिता मुहूर्त: 12:03 बजे, अगस्त 19 से 12:47 बजे, अगस्त 19 (रात)

रवि योग: पूरे दिन

मंगला गौरी व्रत के नियम

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जिन युवतियों का इस साल विवाह हुआ है और यह उनका पहला सावन है तो उनको इस साल मंगला गौरी का व्रत अपने मायके में रखना चाहिए। फिर बाकी के 4 साल यह व्रत अपने ससुराल में करना चाहिए। मंगला गौरी का व्रत विवाह के 5 साल तक जरूर करना चाहिए।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Shrishti Chaubey

लेखक के बारे में

Shrishti Chaubey

संक्षिप्त विवरण
सृष्टि चौबे पत्रकारिता जगत में 4 वर्षों का अनुभव रखती हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर कार्यरत हैं। वह ज्योतिष, ग्रह गोचर, राशिफल, नक्षत्र परिवर्तन, अंकज्योतिष, रत्न, और वास्तु से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। पाठक-केंद्रित व आसान भाषा में जानकारी पेश करना इनके लेखन की पहचान है। धार्मिक ग्रंथों को पढ़कर लोगों तक सही जानकारी पहुंचाना और उन पर शोध करना इनकी विशेष पसंद है।

विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव
सृष्टि पिछले ढाई साल से लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। ज्योतिष से जुड़े किसी भी टॉपिक को पाठकों तक आसान, प्रामाणिक और आकर्षक भाषा में पहुंचाना, सृष्टि बखूबी जानती हैं। डिजिटल मीडिया में काम करते हुए सृष्टि ने रीडर बिहेवियर,बदलते कंटेंट फॉर्मेट पर अच्छी पकड़ हासिल की है। पाठकों की रुचियों व जरूरतों को समझते हुए वे फैक्ट आधारित उपयोगी जानकारी पहुंचाने की कोशिश करती हैं।
अपने करियर की शुरुआत इन्होंने हिन्दी दैनिक समाचार पत्र से की। इसके बाद इन्होंने डिजिटल मीडिया में कदम रखा। सृष्टि वेब स्टोरी, यूट्यूब शॉर्ट्स व इंस्टाग्राम रील्स जैसे विभिन्न डिजिटल स्टोरीटेलिंग फॉर्मेट का अनुभव रखती हैं। मनोरंजन, खेल व सेहत पर अच्छी पकड़ के साथ अब सृष्टि ज्योतिष और धार्मिक विषयों को कवर कर अपनी पहचान बना रही हैं।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
सृष्टि ने जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। पोस्ट ग्रेजुएशन के दौरान बतौर संपादक इन्होंने कैम्पस समाचार पत्र प्रकाशित किया, लाइव रिपोर्टिंग की। डाटा स्टोरी और फैक्ट चेकिंग की भी अच्छी समझ रखती हैं। सामाजिक मुद्दे पर डॉक्यूमेंट्री भी बना चुकी हैं।

एस्ट्रोलॉजी लेखन और दृष्टिकोण
सृष्टि का मानना है कि एस्ट्रोलॉजी का उद्देश्य फैक्ट आधारित उपयोगी जानकारी को आसान भाषा में लोगों तक पहुंचाना है। इनका फोकस रहता है कि ज्योतिषीय जानकारी को आसान भाषा में रचनात्मक तरीके से पेश करें।

व्यक्तिगत रुचियां
सृष्टि को ट्रैवल करना, किताबें पढ़ना, म्यूजिक सुनना, लिखना और नई चीजें सीखने का शौक है। इनका मानना है कि पर्सनल ग्रोथ के लिए खुद को अपडेट रखना चाहिए।

विशेषज्ञता
राशिफल
साप्ताहिक राशिफल
ग्रह गोचर
नक्षत्र परिवर्तन
अंकज्योतिष
व्रत-त्योहार, पूजा-विधि
रत्न विज्ञान
ज्योतिषीय उपाय
वास्तु शास्त्र
हस्तरेखा

और पढ़ें
जानें Sawan 2026, Rashifal और Panchang की सटीक जानकारी। रोजाना पूजा-पाठ के लिए पढ़ें Shiv Chalisa, Shiv Aarti, Shiv Mahamrityunjaya Mantra, Shiv Stuti, Hanuman Chalisa और Bajrang Baan
Hindi Newsधर्म न्यूज़Mangla Gauri Vrat Katha: आज पढ़ें मंगला गौरी व्रत कथा, नियम