इस तरह के लोग जल्दी हो जाते हैं बर्बाद, चाणक्य की ये 10 बातें आज भी हैं प्रासंगिक

Mar 01, 2026 12:09 pm ISTDheeraj Pal लाइव हिन्दुस्तान
share Share
Follow Us on

चाणक्य ने व्यक्ति के जीवन को लेकर काफी गहराई से अध्ययन किया है और फिर अपनी नीतियों के जरिए बड़ी से बड़ी बातें बताई हैं। चलिए आज हम आपको उनकी 10 ऐसी बातें बताएंगे, जिनका अनुसरण करने से जीवन को सुखी बनाया जा सकता है। साथ ही कई तरह के संकट से भी बचा जा सकता है और सफलता हासिल कर सकते हैं।

इस तरह के लोग जल्दी हो जाते हैं बर्बाद, चाणक्य की ये 10 बातें आज भी हैं प्रासंगिक

आचार्य चाणक्य एक महान शिक्षक, दार्शनिक, अर्थशास्त्री, न्यायविद और शाही सलाहकार थे। वर्षों पुरानी उनकी नीतियां आज के समय में भी बेहद प्रासंगिक हैं। उन्होंने अपनी नीतियों में कई ऐसे बातें बताई हैं, जिनके पालन से व्यक्ति अपने जीवन में सुखी और खूब तरक्की पा सकत है। चाणक्य ने व्यक्ति के जीवन को लेकर काफी गहराई से अध्ययन किया है और फिर अपनी नीतियों के जरिए बड़ी से बड़ी बातें बताई हैं। चलिए आज हम आपको उनकी 10 ऐसी बातें बताएंगे, जिनका अनुसरण करने से जीवन को सुखी बनाया जा सकता है। साथ ही कई तरह के संकट से भी बचा जा सकता है और सफलता हासिल कर सकते हैं।

1. ऐसे लोग जल्दी हो जाते हैं बर्बाद

आचार्य चाणक्य के मुताबिक नदी के किनारे वृक्ष, दूसरों के घर में रहने वाले लोग, मंत्री के बिना राजा बहुत जल्दी नष्ट हो जाते हैं।

2. इन घरों में मां लक्ष्मी नहीं करती हैं वास
आचार्य चाणक्य के मुताबिक जहां पर मूर्खों को अधिक महत्व दिया जाता है। थाली में खाना छोड़ दिया जाता है, परिवार में लोग प्रेम से नहीं रहते। ऐसे स्थान पर लक्ष्मी का वास नहीं होता है।

3. कभी भूखा नहीं रहते हैं ये लोग
आचार्य चाणक्य के मुताबिक बुद्धिमान व्यक्ति कभी भूखा नहीं रहता है। बुद्धि अज्ञानता को नष्ट करती है और बुद्धि से बड़ी से बड़ी परेशानियों को आसानी से दूर किया जा सकता है।

4. जिंदगी भर गरीब रहते हैं ये लोग
मूर्खशिष्योपदेशेन दुष्टास्त्रीभरणेन च।
दु:खिते सम्प्रयोगेण पण्डितोऽप्यवसीदति।।
आचार्य चाणक्य ने इस श्लोक में जिंदगी भर गरीब रहने वाले लोगों की चर्चा की है। आचार्य चाणक्य के मुताबिक मूर्खों को उदेश देने वाले गुरु हमेशा दुखी रहते हैं। उन्हें जीवन में कभी सुख नहीं मिलता है। मूर्ख शिष्य ज्ञान का गलत इस्तेमाल कर गुरु को दुख देते हैं।

5. संतान के लिए शत्रु होते हैं ऐसे माता-पिता
आचार्य चाणक्य कहते हैं कि ऐसे माता-पिता बच्चों के लिए शत्रु की तरह होते हैं, जो अपनी संतान को पढ़ाते नहीं है। अज्ञानी व्यक्ति सभा में ऐसा लगता है जैसे हंसो के बीच बगुला। इसलिए हर व्यक्ति को अपना ज्ञान बढ़ाना चाहिए।

6. आचार्य चाणक्य कहते हैं कि शक्तिशाली शत्र, कमजोर मित्र, ये दोनों हमेशा दुख देते हैं। इनसे हमेशा सतर्क रहना चाहिए।

7. जिस जगह आदर नहीं मिलता है, जहां कमाई के साधन नहीं है, जहां ज्ञान के साधन नहीं है, जहां कोई मित्र और रिश्तेदार नहीं है, जहां स्वास्थ्य संबंधी सेवाएं नहीं है, वहां रहने से कोई लाभ नहीं है, ऐसी जगह को तुरंत छोड़ दो।

8. आचार्य चाणक्य कहते हैं कि अगर ये 4 लोग आपके साथ रहते हैं, तो आपका जीवन मृत्यु के समान हो सकता है।
-एक गुस्सैल पत्नी
- कड़वे वचन बोलने वाली महिला
- धोखा देने वाली स्त्री
- धूर्त दोस्त

9. आचार्य चाणक्य कहते हैं कि जिस देश में न आदर, न जीविका, न बन्धु, न विद्या का लाभ है वहां वास नहीं करना चाहिए।

10. चाणक्य नीति के मुताबिक व्यक्ति को किसी भी परिस्थिति में अपना धैर्य नहीं खोना चाहिए।

डिस्क्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Dheeraj Pal

लेखक के बारे में

Dheeraj Pal

संक्षिप्त विवरण
धीरज पाल एक डिटिजल पत्रकार है, जिन्हें इस क्षेत्र में 7 से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का हिस्सा हैं। यहां वह ग्रह गोचर, वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, रत्न शास्त्र से जुड़ी खबरें लिखते हैं।

विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव

धीरज पाल डिजिटल मीडिया में उभरता एक ऐसा नाम है, जो पाठक को धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा परोसते हैं। वो ग्रह नक्षत्रों, वास्तु शास्त्र, अंक ज्योतिष,रत्न शास्त्र जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और पिछले 4 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने समाचार, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।

धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद वो लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। अब इनका एकमात्र उद्देश्य ज्योतिषीय जानकारी को रुचिगत, सरल, प्रमाणिक रूप में प्रस्तुत करना है।

व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।

विशेषज्ञता (Areas of Expertise):
ग्रह और नक्षत्रों का असर
वास्तु शास्त्र
न्यूमरोलॉजी
रत्न विज्ञान

और पढ़ें
जानें लेटेस्ट Dharm News, Aaj ka Rashifal और सटीक Panchang की जानकारी। अपनी डेली पूजा के लिए यहाँ पढ़ें Shiv Chalisa, Hanuman Chalisa और Bajrang Baanहिंदू कैलेंडर 2026 की शुभ तिथियों के साथ अपने हर दिन को खास बनाएं!