नतीजों के बाद बंगाल के कई जिलों में TMC दफ्तरों में तोड़फोड़; फोर्स को आदेश

Krishna Bihari Singh भाषा, कोलकाता
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पश्चिम बंगाल चुनाव नतीजों के बीच कई स्थानों पर TMC कार्यालयों में तोड़फोड़, आगजनी और नेताओं के साथ मारपीट की घटनाएं हुईं। टीएमसी ने इन हमलों के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया है।

नतीजों के बाद बंगाल के कई जिलों में TMC दफ्तरों में तोड़फोड़; फोर्स को आदेश

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा की विजय के बीच राज्य के विभिन्न हिस्सों में TMC के कार्यालयों में तोड़फोड़ और आगजनी की खबरें आई हैं। दक्षिण 24 परगना, कूच बिहार और पानिहाटी जैसे इलाकों में टीएमसी के बैनर फाड़े गए और कार्यालयों पर कब्जा करने की कोशिश हुई। टीएमसी ने आरोप लगाया है कि इन हमलों के पीछे भाजपा समर्थकों का हाथ है। वहीं भाजपा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे TMC की आपसी गुटबाजी का नतीजा करार दिया है।

इन जगहों पर भीड़ की हिंसा

तृणमूल कांग्रेस ने दावा किया कि दक्षिण 24 परगना के बरुईपुर, कूच बिहार के तूफानगंज और उत्तर 24 परगना के पानिहाटी स्थित उसके कार्यालयों के बाहर भीड़ जमा हो गई और तोड़फोड़ की। वहीं बरुईपुर में स्थानीय तृणमूल नेता ने आरोप लगाया कि भीड़ ने पार्टी कार्यालय में लगे फ्लेक्स बोर्ड और बैनर फाड़ दिए गए और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल महासचिव अभिषेक बनर्जी की तस्वीरें फेंक दीं।

फोर्स तैनात

वहीं एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि इलाके में सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं। पार्टी कार्यालय के बाहर जमा भीड़ को तितर-बितर कर दिया गया है।

आगजनी और दफ्तर पर कब्जा

एक अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि पश्चिम बर्धमान जिले के जमुरिया में अज्ञात लोगों ने तृणमूल कांग्रेस के कार्यालय में आग लगा दी। तृणमूल कांग्रेस के एक नेता के मुताबिक, आसनसोल में भी पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ की गई। पानिहाटी में तृणमूल नेताओं ने आरोप लगाया कि पार्टी कार्यालय पर कब्जा कर लिया गया। वहां लगे टीएमसी के ध्वज और साइनबोर्ड हटाकर उनकी जगह भगवा झंडे और कमल के चित्र लगा दिए गए।

तृणमूल उम्मीदवार को पीटा

उत्तर 24 परगना के नोआपाड़ा से तृणमूल उम्मीदवार त्रिनांकुर भट्टाचार्य को बैरकपुर में एक मतगणना केंद्र से बाहर आते समय विपक्षी समर्थकों ने पीट दिया। हालांकि, वरिष्ठ भाजपा नेता और नोआपाड़ा से पार्टी उम्मीदवार अर्जुन सिंह ने इन आरोपों को खारिज किया और कहा कि ये घटनाएं तृणमूल की आंतरिक कलह का नतीजा थीं।

निर्वाचन आयोग ने जारी किए आदेश

एक अधिकारी ने बताया कि मतगणना केंद्र से बाहर आते समय त्रिनांकुर भट्टाचार्य का भाजपा कार्यकर्ताओं से झगड़ा हो गया। इसके बाद उनके साथ मारपीट की गई। केंद्रीय बलों के कर्मियों और वहां मौजूद अन्य लोगों ने भट्टाचार्य को घटनास्थल से सुरक्षित बाहर निकाला। निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने कहा कि पुलिस और सुरक्षा बलों को किसी भी पार्टी के उम्मीदवार या समर्थकों पर हमले की घटनाओं को रोकने के लिए उचित कदम उठाने का निर्देश दिया गया है।

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Krishna Bihari Singh

कृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )


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कृष्ण बिहारी सिंह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। कृष्ण बिहारी सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। वह स्टेट टीम के साथ काम कर रहे हैं। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय मीडिया जगत में केबी उपनाम से चर्चित हैं। यूपी के मऊ जिले से ताल्लुक रखने वाले केबी महाराष्ट्र और हरियाणा में पत्रकारिता कर चुके हैं। मौजूदा वक्त में वह दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय हैं।


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परिचय और अनुभव: कृष्ण बिहारी सिंह लोकमत, आज समाज, राष्ट्रीय सहारा, अमर उजाला और दैनिक जागरण अखबार में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। उन्होंने साल 2019 में जागरण डॉट कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा। कृष्ण बिहारी सिंह मौजूदा वक्त में भारत के प्रसिद्ध समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) की स्टेट टीम में डिप्टी चीफ एडिटर (कंटेंट क्रिएटर) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि: लॉ (एलएलबी) और साइंस (बी.एससी, बायोलॉजी) से ग्रेजुएट कृष्ण बिहारी सिंह ने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए और एमफिल किया है। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय राजनीति और वैश्विक मामलों के साथ विधि विषय की गहरी समझ रखते हैं। अखबार से लेकर टेलीविजन और अब डिजिटल मीडिया के बदलावों के साक्षी रहे कृष्ण बिहारी सिंह पाठकों की पसंद और बदलते ट्रेंड को बारीकी से समझते हैं।

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