फोटो गैलरी

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

हिंदी न्यूज़ विधानसभा चुनाव उत्तराखंड चुनाव 2022BJP में 59 उम्मीदवारों की घोषणा के साथ बगावत शुरू,काशीपुर मेयर ऊषा समेत 400 भाजपाइयों ने दिए इस्तीफे

BJP में 59 उम्मीदवारों की घोषणा के साथ बगावत शुरू,काशीपुर मेयर ऊषा समेत 400 भाजपाइयों ने दिए इस्तीफे

विधायक हरभजन सिंह चीमा के पुत्र त्रिलोक सिंह चीमा को काशीपुर विधानसभा से प्रत्याशी घोषित किए जाने का विरोध शुरू हो गया है। इससे नाराज मेयर ऊषा चौधरी समेत करीब 400 भाजपा कार्यकर्ताओं ने पार्टी की...

BJP में 59 उम्मीदवारों की घोषणा के साथ बगावत शुरू,काशीपुर मेयर ऊषा समेत 400 भाजपाइयों ने दिए इस्तीफे
Himanshu Kumar Lallकार्यालय संवाददाता, काशीपुर Sat, 22 Jan 2022 07:01 PM

इस खबर को सुनें

0:00
/

विधायक हरभजन सिंह चीमा के पुत्र त्रिलोक सिंह चीमा को काशीपुर विधानसभा से प्रत्याशी घोषित किए जाने का विरोध शुरू हो गया है। इससे नाराज मेयर ऊषा चौधरी समेत करीब 400 भाजपा कार्यकर्ताओं ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। एक दो दिन में सहमति के बाद किसी एक प्रत्याशी को निर्दलीय मैदान में उतारने का ऐलान किया गया है।

बाजपुर रोड स्थित एक होटल में शनिवार को काशीपुर के असंतुष्ट भाजपाइयों की बैठक हुई। इसमें भाजपा से मेयर ऊषा चौधरी, पीसीयू चेयरमैन राम मेहरोत्रा समेत, प्रदेश कार्यकारिणी और विभिन्न मंडलों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। बैठक में निवर्तमान विधायक हरभजन सिंह चीमा के पुत्र त्रिलोक सिंह चीमा को काशीपुर सीट से भाजपा का उम्मीदवार बनाए जाने पर कड़ा विरोध जताया गया।

पार्टी हाईकमान से प्रत्याशी बदलने की मांग की गई। इसके साथ ही मेयर समेत करीब 400 भाजपाइयों ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से सामूहिक इस्तीफा दे दिया। बैठक में निर्णय लिया गया कि अगर प्रत्याशी को लेकर भाजपा प्रदेश नेतृत्व कोई फैसला नहीं लेता है तो किसी एक को निर्दलीय मैदान में उताकर चुनाव लड़ाया जाएगा। बैठक में प्रदेश उपाध्यक्ष खिलेंद्र चौधरी, अभिषेक गोयल, डा.गिरीश चंद्र तिवारी, मोहन बिष्ट, गुरविंदर सिंह चंडोक आदि मौजूद रहे।

दो दिन पहले टिकट का वितरण हुआ है। टिकट वितरण को लेकर असंतोष है। बैठक कर रोष प्रकट करते हुए प्राथमिक सदस्यता से सामूहिक इस्तीफा दिया गया है।
ऊषा चौधरी, मेयर, काशीपुर

पार्टी ने जिसे टिकट दिया है उसे न कार्यकर्ता जानते हैं और न शहर की जनता पहचानती है। विधायक भी भाजपा के कंधों पर ही चुनाव जीतते आए हैं। भाजपा उनके खिलाफ है। कार्यकर्ताओं की भावनाओं को नहीं दबाया जा सकता है। शीष नेतृत्व को इसमें विचार करना चाहिए।
राम मेहरोत्रा, चेयरमैन, पीसीयू

epaper