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हिंदी न्यूज़ विधानसभा चुनाव उत्तराखंड चुनाव 2022बहू अनुकृति गुसाईं के बाद हरक सिंह रावत को मिलेगा विधानसभा टिकट! एक परिवार-एक टिकट फॉर्मूले पर अड़ी कांग्रेस

बहू अनुकृति गुसाईं के बाद हरक सिंह रावत को मिलेगा विधानसभा टिकट! एक परिवार-एक टिकट फॉर्मूले पर अड़ी कांग्रेस

विधानसभा चुनाव 2022 के लिए कांग्रेस ने सोमवार देर रात दूसरी सूची जारी कर दी है। 53 प्रत्याशियों की पहली सूची के बाद कांग्रेस ने 11 प्रत्याशियों को चुनावी मैदान में उतारा है, जबकि छह सीटों...

बहू अनुकृति गुसाईं के बाद हरक सिंह रावत को मिलेगा विधानसभा टिकट! एक परिवार-एक टिकट फॉर्मूले पर अड़ी कांग्रेस
Himanshu Kumar Lallलाइव हिन्दुस्तान, देहरादूनMon, 24 Jan 2022 10:52 PM

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विधानसभा चुनाव 2022 के लिए कांग्रेस ने सोमवार देर रात दूसरी सूची जारी कर दी है। 53 प्रत्याशियों की पहली सूची के बाद कांग्रेस ने 11 प्रत्याशियों को चुनावी मैदान में उतारा है, जबकि छह सीटों पर अभी भी स्थिति साफ नहीं है। भाजपा से निष्कासन के बाद कांग्रेस से जुड़े हरक सिंह रावत की बहू अनुकृति गुसाईं को चुनावी मैदान में उतारा गया है।

गुसाईं लैंसडाउन विधानसभा सीट से भाजपा के दिलीप सिंह रावत सहित अन्य उम्मीदवारों के खिलाफ चुनाव लड़ेंगी। ऐसे में यह देखना बहुत ही दिलचस्प होगा कि कांग्रेस हरक सिंह रावत को विधानसभा चुनाव -2022 के लिए  टिकट देती है कि नहीं। वजह भी साफ है क्योंकि कांग्रेस ‘एक परिवार-एक टिकट’ फार्मूले पर चुनावी मैदान में उतरी है।

हालांकि, सभी को चौंकाते हुए कांग्रेस की 53 प्रत्याशियों की लिस्ट में पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष यशपाल आर्य को बाजपुर और उनके बेटे संजीव आर्य को नैनीताल से टिकट दिया गया है। बाजपुर विधानसभा सीट से बीजेपी के प्रत्याशी राजेश कुमार के खिलाफ यशपाल आर्य तो नैनीताल विधानसभा सीट में बीजपी प्रत्याशी सरिता आर्य के खिलाफ संजीव आर्य को चुनावी मैदान में उतारा गया है। 

कांग्रेस की पहली लिस्ट में परिवारवाद से परहेज किया गया है। इस लिस्ट में यशपाल आर्य - संजीव आर्य के अलावा एक परिवार में दो टिकट किसी को भी नहीं दिया गया है। जबकि कई दिग्गज अपने परिजनों को टिकट देने के लिए जोर मार रहे थे।  चूंकि दोनों पूर्व से इन सीटों पर विधायक हैं, इस कारण कांग्रेस इन दोनों के टिकट को एक हद तक न्यायसंगत करार दे सकती है।

इसके अलावा पार्टी ने किसी भी नेता को एक से अधिक सीटों पर टिकट नहीं लेने दिया है। जबकि पूर्व सीएम हरीश रावत खुद अपनी बेटी अनुपमा रावत के साथ टिकट की लाइन में थे। लेकिन पहली लिस्ट में इन दोनों का नाम नहीं है। इसी तरह हाई वोल्टेस ड्रामे के बाद कांग्रेस में आए पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत और उनकी पुत्रवधु अनुकृति रावत का नाम भी इसमें शामिल नहीं था, लेकिन दूसरी लिस्ट में अनुकृति गुसाईं पर दांव खेला गया है। 

वहीं, रणजीत रावत और उनके बेटे भी अलग अलग सीटों से टिकट के दावेदार थे, लेकिन इन दोनों के नाम भी इस लिस्ट में नहीं है। हालांकि इन नामों के अनुकूल सीटों के लिए अभी पार्टी ने प्रत्याशी घोषित नहीं किए हैं। इस कारण कांग्रेस के परिवार के खिलाफ स्टैंड की असली परीक्षा अभी दूसरी लिस्ट के बाद ही साफ हो पाएगी।

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