यूपी को पसंद आएगी अखिलेश-जयंत की जोड़ी? भाईचारे के नाम पर मांग रहे वोट, बीजेपी पर निगेटिव पॉलिटिक्स के आरोप

Feb 03, 2022 06:29 am ISTHimanshu Jha लाइव हिन्दुस्तान, लखनऊ।
share Share
Follow Us on

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और राष्ट्रीय लोक दल के अध्यक्ष जयंत चौधरी लगातार भाईचारे के नाम पर अपने वोट बैंक को मजबूत करने और "नकारात्मक" राजनीति के लिए भाजपा को घेरने की कोशिश...

यूपी को पसंद आएगी अखिलेश-जयंत की जोड़ी? भाईचारे के नाम पर मांग रहे वोट, बीजेपी पर निगेटिव पॉलिटिक्स के आरोप

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और राष्ट्रीय लोक दल के अध्यक्ष जयंत चौधरी लगातार भाईचारे के नाम पर अपने वोट बैंक को मजबूत करने और "नकारात्मक" राजनीति के लिए भाजपा को घेरने की कोशिश कर रहे हैं। दोनों नेताओं ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए अपनी पार्टी के उम्मीदवारों के लिए प्रचार करने के लिए शामली जिले के कैराना और गाजियाबाद का दौरा किया।

कैराना हमेशा ध्यान आकर्षित करता है क्योंकि भाजपा राज्य में सपा शासन के दौरान क्षेत्र से हिंदुओं के पलायन का मुद्दा उठाती रही है।

अखिलेश यादव ने बुधवार को शामली में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान कहा, "कैराना पलायन की बात करने वालों को विधानसभा चुनाव के बाद उत्तर प्रदेश से पलायन करना होगा। वे (भाजपा) केवल नकारात्मकता की राजनीति कर रहे हैं।" उन्होंने कहा, "सपा-रालोद का गठबंधन भाईचारे के लिए है। यह यूपी में भाईचारा बनाम भाजपा के बीच की लड़ाई है।"

रालोद नेता जयंत चौधरी ने किसानों का मुद्दा उठाया और कहा कि मंगलवार को केंद्रीय बजट में यूपी के किसानों को कुछ भी नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा, "आमतौर पर, बजट में चुनाव वाले राज्यों के लिए कुछ होता है। लेकिन इस बजट में किसान, युवाओं और राज्य को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया गया है।"

गाजियाबाद के लोनी में में जनसंपर्क कार्यक्रम के दौरान दोनों नेताओं के हाथों में गन्ने थे। यह इलाका गन्ना उत्पादक किसानों के लिए जाना जाता है। अखिलेश यादव ने वादा किया कि अगर सपा के नेतृत्व वाला गठबंधन सत्ता में आता है तो वह 15 दिनों के भीतर गन्ने का बकाया चुका देंगे। अखिलेश ने अपनी विजय रथ यात्रा के दौरान गाजियाबाद में कहा, "यह एक गन्ना क्षेत्र है और किसान अपने गन्ने का समय पर भुगतान और बेहतर मूल्य चाहते हैं। उन्हें सपा-रालोद पर भरोसा है और हम उन्हें बकाया देंगे।"

Himanshu Jha

लेखक के बारे में

Himanshu Jha

बिहार के दरभंगा जिले से ताल्लुक रखने वाले हिमांशु शेखर झा डिजिटल मीडिया जगत का एक जाना-माना नाम हैं। विज्ञान पृष्ठभूमि से होने के बावजूद (BCA और MCA), पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून के कारण उन्होंने IGNOU से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया और मीडिया को ही अपना कर्मक्षेत्र चुना।


एक दशक से भी अधिक समय का अनुभव रखने वाले हिमांशु ने देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों जैसे दैनिक भास्कर, न्यूज़-18 और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दी हैं। वर्तमान में, वे वर्ष 2019 से लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े हुए हैं।


हिमांशु की पहचान विशेष रूप से राजनीति के विश्लेषक के तौर पर होती है। उन्हें बिहार की क्षेत्रीय राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति की गहरी और बारीक समझ है। एक पत्रकार के रूप में उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों और कई विधानसभा चुनावों को बेहद करीब से कवर किया है, जो उनके वृहद अनुभव और राजनीतिक दृष्टि को दर्शाता है।


काम के इतर, हिमांशु को सिनेमा का विशेष शौक है। वे विशेष रूप से सियासी और क्राइम बेस्ड वेब सीरीज़ देखना पसंद करते हैं, जो कहीं न कहीं समाज और सत्ता के समीकरणों को समझने की उनकी जिज्ञासा को भी प्रदर्शित करता है।

और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।