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Hindi News विधानसभा चुनाव तेलंगाना चुनाव 2023पहले मारपीट फिर रोए-गिड़गिड़ाए; तेलंगाना चुनाव में बागियों ने कांग्रेस नेताओं को दिखाए तेवर

पहले मारपीट फिर रोए-गिड़गिड़ाए; तेलंगाना चुनाव में बागियों ने कांग्रेस नेताओं को दिखाए तेवर

तेलंगाना में कांग्रेस के लिए राहत की बात यह है कि नामांकन वापस लेने के आखिरी दिन कांग्रेस नौ बागियों को मनाने में कामयाब रही। इस मान-मनौव्वल में कांग्रेस के नेताओं को पापड़ बेलने पड़े।

पहले मारपीट फिर रोए-गिड़गिड़ाए; तेलंगाना चुनाव में बागियों ने कांग्रेस नेताओं को दिखाए तेवर
Gaurav Kalaलाइव हिन्दुस्तान,हैदराबादThu, 16 Nov 2023 08:16 AM
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तेलंगाना विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस भले ही अपनी जीत के दावे कर रही हो लेकिन, बागियों ने उसकी मुश्किलें लगातार बनाकर रखी हुई हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि नामांकन वापस लेने के आखिरी दिन कांग्रेस नौ बागियों को मनाने में कामयाब रही। इस मान-मनौव्वल में कांग्रेस के नेताओं को पापड़ बेलने पड़े। मीडिया रिपोर्ट है कि एक बागी को मनाने  के लिए पहुंचे कांग्रेस के नेताओं को काफी कुछ झेलना पड़ा। उनके साथ मारपीट हुई। बागी नेता परिवार संग नेताओं के सामने रोते-गिड़गिड़ाते देखे गए। हालांकि एक सीट ऐसी भी रही, जिसमें कांग्रेस बागी को मना नहीं सकी। 

आदिलाबाद सीट से बागी संजीव रेड्डी ने कांग्रेस प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव से अपनी वापस लेने से साफ इनकार कर दिया। पार्टी नेताओं ने उन्हें मनाने की लाख कोशिश की लेकिन वो नहीं माने। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि कर्नाटक और अन्य राज्यों से मिले अनुभवों के बाद पार्टी ने बागी उम्मीदवारों से बात करने और उन्हें पीछे हटने के लिए मनाने के लिए विशिष्ट टीमें गठित की थी। उन्हें संगठन में पद या अन्य चुनाव में लड़ने के लिए उम्मीदवार बनाने का वादा किया गया है। 

कितना मुश्किल था बागियों को मनाना
सूर्यापेट से नामांकन दाखिल करने वाले बागी नेता पटेल रमेश रेड्डी उन बागी नेताओं में एक थे, जिन्होंने आसानी से अपनी उम्मीदवारी नहीं छोड़ी। मीडिया रिपोर्ट है कि जब एआईसीसी के राष्ट्रीय सचिव रोहित चौधरी और वरिष्ठ कांग्रेस नेता मल्लू रवि उनसे मिलने पहुंचे तो रमेश रेड्डी के समर्थक काफी गुस्से में थे। कांग्रेस का इरादा उनसे दौड़ से हटने और पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार रामरेड्डी दामोदर रेड्डी का समर्थन करने का था। लेकिन समझाने के बीच पटेल रमेश रेड्डी के समर्थक हिंसक हो गए और 73 वर्षीय मल्लू रवि पर हमला कर दिया लेकिन मल्लू रवि और उनकी टीम ने हार नहीं मानी। तमाम जद्दोजहद के बाद रेड्डी अंततः दौड़ से हट गए जब उन्हें बताया गया कि उन्हें संसद चुनाव लड़ने का अवसर दिया जाएगा। हालांकि इससे पहले रेड्डी अपनी पत्नी के साथ मल्लू के आगे रोते और गिड़गिड़ाते हुए भी दिखे।

पटेल रमेश रेड्डी को 2018 में भी टिकट नहीं दिया गया था। इस बार जब उम्मीदवारों की घोषणा की गई, तो एक वीडियो वायरल हो गया था, जिसमें वह और उनका परिवार रोते-बिलखते नजर आ रहे थे और विलाप कर रहे थे कि यह उनके साथ फिर से हो रहा है। 2018 में भी, रेड्डी को बताया गया था कि उन्हें नलगोंडा से संसदीय चुनाव लड़ने का अवसर दिया जाएगा। लेकिन इसके बजाय, हुजूरनगर विधायक उत्तम कुमार रेड्डी ने चुनाव लड़ा और जीत हासिल की।

2018 के विधानसभा चुनाव से पहले पटेल रमेश रेड्डी रेवंत रेड्डी के साथ तेलुगु देशम पार्टी से कांग्रेस में शामिल हो थे। उन्हें टिकट न देने के कदम को उनके आगमन से पहले से कांग्रेस में रेवंत रेड्डी खेमे और रेड्डी नेताओं के बीच वर्चस्व की लड़ाई के रूप में भी देखा जा रहा है।

गौरतलब है कि तेलंगाना में 30 नवंबर को मतदान होना है। जबकि, 3 दिसंबर को मतगणना की जाएगी। चुनाव अधिकारियों ने बताया कि उम्मीदवारों के 2,898 नामांकन को वापसी से पहले वैध पाया और जांच के दौरान 606 उम्मीदवारों के नामांकन खारिज कर दिए।

चुनाव आयोग द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, तेलंगाना में 3.26 करोड़ से अधिक मतदाता हैं जिनमें पुरुषों और महिलाओं की संख्या लगभग बराबर है। सेरिलिंगमपल्ली  में 7.32 लाख से अधिक वोटर्स के साथ सबसे अधिक मतदाता हैं, जबकि भद्राचलम में 1.49 लाख वोटर्स के साथ सबसे कम मतदाता हैं।

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