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हिंदी न्यूज़ विधानसभा चुनावगोवा में ममता की एंट्री का दिखने लगा असर, TMC में शामिल हुईं अभिनेत्री नफीसा अली

गोवा में ममता की एंट्री का दिखने लगा असर, TMC में शामिल हुईं अभिनेत्री नफीसा अली

लाइव हिन्दुस्तान,पणजीShankar Pandit
Fri, 29 Oct 2021 12:06 PM
गोवा में ममता की एंट्री का दिखने लगा असर, TMC में शामिल हुईं अभिनेत्री नफीसा अली

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बंगाल विधानसभा में शानदार जीत हासिल करने के बाद ममता बनर्जी की निगाहें अब गोवा में हैं। गोवा चुनाव से ठीक पहले टीएमसी और मजबूत होती जा रही है। जानी-मानी अभिनेत्री नफीसा अली ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मौजूदगी में तृणमूल कांग्रेस का दामन थाम लिया है। इतना ही नहीं, मृणालिनी देशप्रभु भी टीएमसी में शामिल हुए हैं। बता दें कि गोवा में अगले साल विधानसभा चुनाव है और मुख्यमंत्री ममता खुद यहां तीन दिवसीय दौरे पर पहुंची हैं। 

टीएमसी ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया, 'हमें यह बताते हुए खुशी हो रही है कि नफीसा अली और मृणालिनी देशप्रभु आज पार्टी अध्यक्ष ममता बनर्जी की मौजूदगी में गोवा तृणमूल कांग्रेस परिवार में शामिल हो गए हैं।' नफीसा अली एक भारतीय बंगाली अभिनेत्री और सामाजिक कार्यकर्ता हैं। हालांकि, वह इससे पहले भी राजनीति में अपनी किस्मत आजमा चुकी हैं। वह पहले कांग्रेस में थीं, मगर साल 2009 के करीब उन्होंने राजनीति से किनारा कर लिया था।

हालांकि, नफीसा के टीएमसी में शामिल होने की सुगबुगाहट उसी वक्त हो गई थी, जब कुछ दिन पहले टीएमसी नेता डेकेन ओब्रायन ने उनसे मुलाकात की थी। माना जा रहा है कि गोवा में नफीसा टीएमसी की स्टार प्रचारक हो सकती हैं। दरअसल, ममता बनर्जी बृहस्पतिवार को गोवा पहुंचीं, जहां विधानसभा चुनाव होने हैं। ममता बनर्जी ने दिन में कुर्सियोंग में स्थानीय बच्चों एवं पर्यटकों से बातचीत की और फिर वह सिलीगुड़ी के बागडोगरा हवाई अड्डे के लिए रवाना हो गईं। 

ममता बनर्जी की गोवा यात्रा पर भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने तंज कसते हुए कहा था कि वह निश्चित ही वहां पर्यटक के रूप जा सकती हैं और वहां की मनोहारी दृश्य का आनंद ले सकती हैं लेकिन उन्हें 'भाजपा को अपदस्थ करने की अपनी महत्वाकांक्षा का परित्याग करना होगा। उन्होंने कहा कि वह अहसास करेंगी कि उनकी पार्टी के विपरीत भाजपा विपक्षी दलों को जगह देती है, न कि उसके नेताओं पर हमला करती है। उनके शासन में तृणमूल के लोगों के हमले में हमारे सैंकड़ों कार्यकर्ताओं की जान चली गयी। 

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