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हिंदी न्यूज़ विधानसभा चुनावयूपी में मोदी 'डोज' के साथ योगी के 'बूस्टर शॉट' का मैजिक, जानिए कैसे हुआ मुमकिन

यूपी में मोदी 'डोज' के साथ योगी के 'बूस्टर शॉट' का मैजिक, जानिए कैसे हुआ मुमकिन

उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ की जोड़ी ने डबल इंजन बनकर भारतीय जनता पार्टी के सपनों को हकीकत कर दिखाया है। भाजपा एक बार फिर यूपी में राज...

यूपी में मोदी 'डोज' के साथ योगी के 'बूस्टर शॉट' का मैजिक, जानिए कैसे हुआ मुमकिन
Dheeraj Palलाइव हिंदुस्तान,नई दिल्लीFri, 11 Mar 2022 12:07 AM

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उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ की जोड़ी ने डबल इंजन बनकर भारतीय जनता पार्टी के सपनों को हकीकत कर दिखाया है। भाजपा एक बार फिर यूपी में राज करने के लिए तैयार है। चुनाव में 250 से अधिक सीटें जीतकर यूपी में फिर से कमल खिला है। एक बार फिर साबित हो गया कि मोदी का जादू लगातार चौथी बार यूपी में काम कर रहा है लेकिन, इस बार योगी के 'बूस्टर शॉट' के साथ काम और असरदार रहा।

यूपी चुनाव फतह की राह उतनी आसान नहीं थी, जितनी जीतने के बाद लग रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने राज्य में लगभग दो दर्जन रैलियां कीं और अपने लोकसभा क्षेत्र वाराणसी में एक विशाल रोड शो भी किया, यहां उन्होंने दो दिनों तक डेरा डालकर रखा, यह उन कारणों में से एक है, जिसके बूते योगी आदित्यनाथ की लगातार दूसरी बार ताजपोशी मुमकिन हुई है। 

योगी भी है जरूरी

पार्टी में कई लोग योगी को भी जीत का श्रेय देते हुए कहते हैं कि 2017 में भाजपा द्वारा नियुक्त कोई अन्य सीएम उनको टक्कर नहीं दे सकता था। यूपी में जीत का श्रेय जितना मोदी मैजिक को जाता है, उतना योगी को भी जाता है। क्योंकि अक्सर भाजपा को लेकर एक मिथक साल 2014 से चल रहा है कि मोदी लहर के कारण जीत हुई, जो उत्तराखंड में इस बार सही भी साबित हुई।

 पड़ोसी राज्य उत्तराखंड की बात करें तो यहां पुष्कर सिंह धामी के चेहरे के साथ भाजपा मैदान में उतरी थी लेकिन धामी खुद अपनी सीट ही बचा नहीं सके। लेकिन ये बात और है कि यहां भाजपा ने बड़ी जीत हासिल करके फिर सरकार बना ली है। यहां मोदी मैजिक काम आया। 

यूपी में टूटा 37 साल पुराना रिकॉर्ड

भाजपा के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार, पार्टी को शुरू से ही अनुमान था कि यूपी में 250-270 सीटों के साथ जीत होगी। यूपी की गद्दी पर दोबारा काबिज होने वाले योगी के नाम रिकार्ड बना है। कल्याण सिंह से लेकर राजनाथ सिंह, मुलायम सिंह यादव या मायावती तक कोई भी मुख्यमंत्री, चाहे वो कितने भी मजबूत हों, पिछले 37 वर्षों में यूपी में सरकार रिपीट करने में कामयाब नहीं हुआ। लेकिन इस बार योगी-मोदी की जोड़ी ने इसे भी मुमकिन कर दिखाया।

पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता ने कहा कि मोदी का जादू 2014, 2017 और 2019 की तरह फिर से यूपी में काम कर रहा है, लेकिन 2022 में योगी का 'बूस्टर शॉट' भी सिर चढ़कर बोला है। 

योजनाओं को सही ढंग से लागू करना

एक प्रमुख वजह यह भी रही कि योगी ने राज्य में मोदी सरकार की सभी योजनाओं को पूरी तरह से कैसे लागू किया और योगी सरकार के सत्ता में आने से पहले ये योजनाएं राज्य में हमेशा संघर्ष करती रहीं। पीएम के रूप में मोदी 2014 और 2017 के बीच यूपी में केंद्रीय कार्यक्रमों को लागू नहीं करने पर विशेष रूप से निराश थे, जिसे योगी के सरकार में आने के बाद धरातल पर उतारा गया।

भाजपा नेताओं का कहना है कि योगी ने यूपी को भ्रष्टाचार मुक्त और मजबूत और निर्णायक शासन देने की मोदी की इच्छा को पूरा किया, जो अपराधियों और माफियाओं पर कहर बनकर टूटा और राज्य में सुरक्षा की भावना लेकर आया।  

मॉडल राज्य के रूप में उभरा यूपी

भाजपा नेता बताते हैं कि मोदी-योगी के डबल इंजन की सरकार के तहत उत्तर प्रदेश एक मॉडल राज्य के रूप में उभरा है, जैसे गुजरात कभी नरेंद्र मोदी के अधीन था। योगी, जिन्होंने राज्य में 200 से अधिक रैलियां और रोड शो करके मोदी-अमित शाह के साथ भाजपा की शीर्ष तिकड़ी में अपनी जगह पक्की कर ली है और देश की राजनीति में अपना भविष्य उज्जवल कर दिया है।

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