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हिंदी न्यूज़ विधानसभा चुनाव पंजाब चुनाव 2022कैप्टन अमरिंदर का जाना न कर दे चुनाव में नुकसान, लेफ्ट पार्टियों को साथ लाने में जुटे सीएम चन्नी; दिल्ली में आलाकमान को दे सकते हैं रिपोर्ट

कैप्टन अमरिंदर का जाना न कर दे चुनाव में नुकसान, लेफ्ट पार्टियों को साथ लाने में जुटे सीएम चन्नी; दिल्ली में आलाकमान को दे सकते हैं रिपोर्ट

लाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीPriyanka
Tue, 23 Nov 2021 10:49 AM
कैप्टन अमरिंदर का जाना न कर दे चुनाव में नुकसान, लेफ्ट पार्टियों को साथ लाने में जुटे सीएम चन्नी; दिल्ली में आलाकमान को दे सकते हैं रिपोर्ट

पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने राज्य में आगामी विधानसभा चुनावों के लिए लेफ्ट पार्टियों से गठबंधन की संभावनाएं तलाशनी शुरू कर दी हैं। इसके लिए सीएम चन्नी ने सीपीआई और सीपीएम के नेताओं से संपर्क भी साधा है। दरअसल, पूर्व सीएम अमरिंदर सिंह की नई पार्टी आने से कांग्रेस को पंजाब में दो फाड़ का सामना करना पड़ सकता है। 

अमरिंदर सिंह के पार्टी लॉन्च करने के बीच लेफ्ट नेताओं से संपर्क साधने के सीएम चन्नी के कदम को कांग्रेस की उन कोशिशों का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके तहत वह राज्य में एक सी विचारधारा वाली अधिकतर पार्टी को एक साथ लाने की योजना बना रही है। पंजाब में अगले साल फरवरी-मार्च में विधानसभा चुनाव होने हैं। 

इकोनॉमिक टाइम्स की खबर के मुताबिक, चन्नी ने सीपीआई के पंजाब सचिव बंत सिंह बराड़ और उनके सीपीएम समकक्ष सुखविंदर सिंह सेखो से अपने सरकारी आवास पर कुछ दिन पहले ही बैठक बुलाई थी और संभावित गठबंधन को लेकर चर्चा की थी। इस बैठक में ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के पंजाब प्रभारी हरीश चौधरी भी मौजूद थे। खबरों के मुताबिक, इस बैठक के दौरान लेफ्ट नेताओं ने कहा कि वे लोकतांत्रिक और निष्पक्ष पार्टियों की एकता का स्वागत करते हैं।

एक कांग्रेस नेता के मुताबिक, फिलहाल पंजाब में पार्टी सीपीआई और सीपीएम नेताओं के साथ बातचीत कर रही है। इसके बाद नेताओं का फीडबैक लेकर गठबंधन पर विचार किया जाएगा।

सोमवार शाम दिल्ली आए पंजाब सीएम चन्नी अपने दो दिवसीय दौरे पर कांग्रेस आलाकमान से मुलाकात कर के उन्हें कृषि कानूनों की वापसी के बाद राज्य में उभरती राजनीतिक स्थितियों, कांग्रेस की चुनावी तैयारी और किसानों की अन्य मांगों से अवगत करा सकते हैं। 

खबर के मुताबिक, बराड़ और सेखो पहले ही अपने केंद्रीय नेतृत्व से मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक के बारे में चर्चा कर चुके हैं। हालांकि, साल 2017 के विधानसभा चुनावों में सीपीआई और सीपीएम दोनों ही पंजाब में अपना खाता तक नहीं खोल पाए थे लेकिन राज्य में कुछ इलाके ऐसे हैं जहां इन दोनों पार्टियों का असर है। हालांकि, पंजाब विधानसभा चुनाव फिलहाल कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, अकाली दल, बीएसपी और बीजेपी के बीच माना जा रहा है लेकिन हर बड़ी पार्टी छोटे दलों को अपने पाले में जुटी हुई है। बता दें कि मणिपुर कांग्रेस ने भी लेफ्ट पार्टियों से बातचीत शुरू कर दी है। 

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