
कांग्रेस नेता और कर्नाटक के मंत्री दशरथैया सुधाकर द्वारा अयोध्या के राम मंदिर को लेकर भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार पर किए गए कटाक्ष के बाद राजस्थान के मंत्री अविनाश गहलोत का गुस्सा फूट पड़ा।

भाजपा की कर्नाटक इकाई ने बृहस्पतिवार को रेणुकाचार्य को उनकी पार्टी विरोधी टिप्पणी के लिए नोटिस जारी किया था।अनुशासन समिति द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस का लिखित में जवाब देने के लिए 1 हफ्ता दिया गया है।

बेंगलुरु में आयोजित समीक्षा बैठकों में हारने वाले बीजेपी उम्मीदवारों ने हार की जवाबदेही की मांग करते हुए आरोप लगाया कि शीर्ष नेताओं ने चुनाव की अंतिम घड़ी में बिना उचित परामर्श के कई फैसले लिए।

कर्नाटक के शिक्षा मंत्री ने कहा है कि राज्य में छात्रों के हित में बदलाव किए जाएंगे। उन्होंने साफ तौर पर हिजाब मामले में टिप्पणी करने से इनकार कर दिया और कहा कि मामला न्यायालय में है।
सिद्धारमैया कैबिनेट के मंत्रियों पर एडीआर की रिपोर्ट सामने आई है। रिपोर्ट से पता लगता है कि 32 मंत्रियों में से 24 पर क्रिमिनल केस हैं। 31 करोड़पति हैं। कई मंत्री सिर्फ आठवीं पास हैं।
पार्टी सूत्रों ने बताया कि दोनों नेताओं के मौजूदा मंत्रियों को विभागों के आवंटन और मंत्रिमंडल विस्तार के मुद्दे पर कांग्रेस आलाकमान से मिलने की संभावना है।
कांग्रेस के एक पद-एक टिकट के वादों के बावजूद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे प्रियांक को मंत्री बनाकर पार्टी ने अपने ही नियमों को ताक पर रख दिया। लेकिन, इसकी भी काट ढूंढ ली है।
सिद्दारमैया कर्नाटक के पहले मुख्यमंत्री रहे हैं, जिन्होंने 40 वर्षों में पूरा पांच साल का कार्यकाल पूरा किया। साथ ही कर्नाटक राज्य के इतिहास में ऐसा करने वाले दूसरे मुख्यमंत्री भी हैं।
चुनाव से पहले कांग्रेस ने घोषणा की थी कि अगर वह सत्ता में आई तो वह कर्नाटक के लोगों को 200 यूनिट मुफ्त बिजली देगी। राज्य में सरकार अभी बनी है लेकिन लोग बिजली का बिल देने से मना कर रहे हैं।
डीके शिवकुमार कर्नाटक के नए डिप्टी सीएम होंगे। उन्होंने बताया कि एक बार जब हम सहमत हो गए कि हम इसे आलाकमान पर छोड़ रहे हैं, तो हमें फैसले को स्वीकार करना होगा।