Jharkhand Assembly Elections 2019: Naxalite made challenge on 15 seats in 20 in second phage - झारखंड विधानसभा चुनाव 2019 में 20 में 15 सीटों पर नक्सली बने चुनौती DA Image
15 दिसंबर, 2019|8:35|IST

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

झारखंड विधानसभा चुनाव 2019 में 20 में 15 सीटों पर नक्सली बने चुनौती

jharkhand assembly elections 2019  naxali made challenge on 15 seats in 20 in second phage

1 / 2रांची, झारखंड विधानसभा चुनाव, विधानसभा चुनाव, झारखंड चुनाव 2019, झारखंड विधानसभा चुनाव 2019, नक्सली बने चुनौती,

ranchi  jharkhand assembly elections  assembly elections  jharkhand elections 2019  jharkhand legisl

2 / 2रांची, झारखंड विधानसभा चुनाव, विधानसभा चुनाव, झारखंड चुनाव 2019, झारखंड विधानसभा चुनाव 2019, नक्सली बने चुनौती,

PreviousNext

झारखंड विधानसभा के दूसरे चरण में कोल्हान व दक्षिणी छोटानागपुर जोन की 20 सीटों पर चुनाव होना है। 20 में से 15 सीटे गंभीर नक्सल प्रभाव क्षेत्र में हैं। सरायकेला इलाके में पोस्टर लगाकर नक्सली वोट बहिष्कार का ऐलान कर चुके हैं। दूसरे चरण में वह इलाका आता है जहां अभी भाकपा माओवादियों के शीर्ष चार एक करोड़ के ईनामी उग्रवादियों के अलावे महाराज प्रमाणिक, अमित मुंडा, जीवन कंडुलना जैसे बड़े उग्रवादी चुनौती बन सक्रिय हैं। महाराज प्रमाणिक के दस्ते के साथ पहले चरण के चुनाव के पूर्व कुचाई में पुलिस के साथ मुठभेड़ भी हो चुकी है।

दूसरे चरण में कौन कौन से इलाके नक्सल प्रभावित
दूसरे चरण के चुनाव में पश्चिमी सिंहभूम के चक्रधरपुर, मनोहरपुर, चाईबासा, जगन्नाथपुर, मझगांव, सरायकेला- खरसावां जिले के खरसावां, सरायकेला, पूर्वी सिंहभूम के बहरागोड़ा, घाटशिला, पोटका व जुगसलाई, रांची के तमाड़ व मांडर, खूंटी के तोरपा व खूंटी का ग्रामीण इलाका नक्सल प्रभाव वाले इलाके में आता है। पश्चिमी सिंहभूम के पौड़ाहाट, सारंडा में लगातार नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिली है। यहां भी भाकपा माओवादियों का मोटरसाइकिल दस्ता पुलिस के लिए चुनौती बन रहा है। सारंडा के इलाके में एक करोड़ के ईनामी प्रशांत बोस का दस्ता उसकी प्रोटेक्शन टीम के साथ है। पौड़ाहाट में जीवन कंडुलना जैसे खतरनाक माओवादी की मौजूदगी रही है। वह इलाके में काफी असरदार भी रहा है। सारंडा में ही भाकपा माओवादियों के टेक्निकल एक्सपर्ट टेक विश्वनाथ उर्फ संतोष की मौजूदगी को लेकर विशेष शाखा लगातार रिपोर्ट करते रही है। विश्वनाथ ने कई नक्सल प्रभाव वाले इलाकों की आईइडी से घेराबंदी की है, साथ ही युवाओं को भी आईइडी के इस्तेमाल की ट्रेनिंग दी है।

सरायकेला- खरसांवा में सर्वाधिक चिंता
पुलिस को सरायकेला- खरसांवा में शांतिपूर्ण चुनाव कराने की सर्वाधिक चिंता है। सरायकेला- खरसांवा में बीते लोकसभा चुनाव में कुल नौ विस्फोट हुए थे। खरसावां में भाजपा के कार्यालय को भी माओवादियों ने उड़ाया था। इस बार भी सरायकेला में चुनाव बहिष्कार का पोस्टर लगाकर माओवादियों ने अपने इरादे जता दिये हैं। सरायकेला में एक करोड़ का इनामी पतिराम मांझी उर्फ अनल अपने दस्ते के साथ है। पतिराम के साथ ही अलग अलग गांवों में महाराज व अमित का दस्ता घूम रहा है। अमित के दस्ते की सक्रियता सरायकेला जिले के कुचाई से सटे रांची के तमाड़ में रही है। बीते चुनाव में रातों रात माओवादियों के डर से तमाड़ के अरहंजा का बूथ रिलोकेट किया गया था। जिसकी वजह से माओवादियों ने बाद में चुनाव के दिन ही एक ट्रैक्टर को आग के हवाले कर दिया था।
 
पीएलएफआई के गढ़ में भी होना है चुनाव

दूसरे चरण में भाकपा माओवादियों के अलावे पीएलएफआई के गढ़ में भी चुनाव होना है। इसका प्रभाव खूंटी, सिमडेगा जिले में सर्वाधिक है। खूंटी के तोरपा, तपकरा,कर्रा, मुरहू के अलावे सिमडेगा पीएलएफआई के प्रभाव में है। पीएलएफआई उग्रवादियों के निशाने पर भी राष्ट्रीय पार्टी के लोग होते हैं। 

पश्चिम बंगाल से मंगाई गई है चार कंपनी, चल रहा अभियान
पश्चिम बंगाल से विशेष तौर पर अभियान चलाने के लिए सीआरपीएफ की चार  कंपनियों को सरायकेला में लगाया गया है। इसके अलावे 70 से अधिक स्थानीय सशस्त्र बलों की तैनाती भी कोल्हान इलाके में की गई है। दूसरे चरण में 150 से भी अधिक बूथों को रिलोकेट किया गया है। 

पुलिस मुख्यालय ने बूथ स्तर पर किये सुरक्षा के इंतजाम
दूसरे चरण के चुनाव में राज्य पुलिस मुख्यालय ने 1844 मतदान केंद्रों को अतिसंवेदनशील की श्रेणी में रखा है। सर्वाधिक अतिसंवेदनशील सीटें चाईबासा व सरायकेला- खरसांवा जिले में है। दूसरे चरण के लिए भी 2113 अतिसंवेदनशील सीटों को चिन्हित किया गया है। 
 

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Jharkhand Assembly Elections 2019: Naxalite made challenge on 15 seats in 20 in second phage