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हिंदी न्यूज़ विधानसभा चुनाव हिमाचल प्रदेश चुनाव 2022हिमाचल: कांग्रेस 7, भाजपा 4 और 1 बार निर्दलीय प्रत्याशी की हुई जीत, 2022 में मां चिंतपूर्णी की किस पर होगी कृपा

हिमाचल: कांग्रेस 7, भाजपा 4 और 1 बार निर्दलीय प्रत्याशी की हुई जीत, 2022 में मां चिंतपूर्णी की किस पर होगी कृपा

चिंतपूर्णी विधानसभा सीट पर साल 1967 से लेकर 1977 तक ओंकार चंद कांग्रेस पार्टी से लगातार दो बार विधायक रहे। 1977 में हुए विधानसभा चुनाव में यहां पर जनता पार्टी के हंसराज 1581 बोर्ड से जीते थे।

हिमाचल: कांग्रेस 7, भाजपा 4 और 1 बार निर्दलीय प्रत्याशी की हुई जीत, 2022 में मां चिंतपूर्णी की किस पर होगी कृपा
Swati Kumariलाइव हिंदुस्तान,ऊनाWed, 26 Oct 2022 11:25 PM

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हिमाचल में विधानसभा चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज होती जा रही है। चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र की बात करें तो इस क्षेत्र का इतिहास देखने पर पता चलता है कि इस विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस का बोलबाला ज्यादा रहा है। कुल 10 विधानसभा चुनावों में पांच बार कांग्रेस, चार बार भाजपा और एक बार निर्दलीय को जीत हाथ में लगी है।

बता दें कि चिंतपूर्णी विधानसभा सीट जिला ऊना के अंतर्गत आती है। यहां फिलहाल बीजेपी काबिज है। इस क्षेत्र से 2017 विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के बलवीर सिंह को जीत हासिल हुई थी। उन्होंने राष्ट्रीय कांग्रेस के कुलदीप कुमार को 8,579 वोटों के मार्जिन से हराया था।

चिंतपूर्णी विधानसभा सीट पर साल 1967 से लेकर 1977 तक ओंकार चंद कांग्रेस पार्टी से लगातार दो बार विधायक रहे। 1977 में हुए विधानसभा चुनाव में यहां पर जनता पार्टी के हंसराज 1581 बोर्ड से जीते थे। 1982 के विधानसभा चुनावों में हंसराज अकोट ने 1705 वोटों से पहली बार कांग्रेस को इस विधानसभा क्षेत्र में जीत दिलाई थी। 1987 में हुए विधानसभा चुनावों में गणेश दत्त फिर कांग्रेस को दूसरी बार विधानसभा की सीट 2025 वोटों से जीती। इसके बाद साल 1990 में भाजपा 10 सालों के बाद दोबारा इस विधानसभा सीट पर जीत हासिल कर पाई। 

2017 में बलवीर चौधरी ने 15 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद इस विधानसभा क्षेत्र से विधायक बने। 8579 वोटों का मार्जन रहा जो कि चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र भाजपा के किसी विधायक द्वारा सबसे ज्यादा रहा।