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25 जनवरी, 2020|9:11|IST

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दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले दलबदलुओं का बोलबाला, जानिए किन लोगों ने बदला पाला

political parties in delhi  file pic

ऐसे समय में जब दिल्ली विधानसभा चुनाव में महज 30 दिन से भी कम का वक्त रह गया है, यहां के चुनावी मैदान में तीन प्रमुख दल- आम आदमी पार्टी, बीजेपी और कांग्रेस चुनावी मैदान में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए हर वो तिकरम आजमा रहे हैं जिनसे फायदा हो पाए।

पिछले कुछ महीने से कई राजनीतिक नेताओं जिनमें वर्तमान और पूर्व विधायक शामिल हैं, ये सभी अपना पाला बदलकर दूसरी पार्टियों को ज्वाइन कर रहे हैं ताकि 8 फरवरी को होने जा रहे विधानसभा चुनाव में अपनी उम्मीदवारी को सुनिश्चित किया जा सके।

पिछले कुछ महीने के दौरान दल बदलने वाले नेताओं की ये है पूरी सूची:

1.अनिल वापजेपी-

अनिल वाजपेयी 2 मई 2019 को आम आदमी पार्टी से भारतीय जनता पार्टी में आए। 2015 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में वाजपेयी ने दिल्ली के गांधी नगर विधानसभा सीट पर 45.52 फीसदी वोट पाकर बीजेपी के जितेन्द्र को हराया।

हालांकि, 2019 के मई में उन्होंने बीजेपी को ज्वाइन किया और उसी विधानसभा सीट से टिकट पा सकते हैं।

2.देवेन्द्र सहरावत-

देवेन्द्र सहरावत 6 मई 2019 को आम आदमी पार्टी से बीजेपी में आए। सहरावत ने 2019 के मई में बीजेपी को ज्वाइन किया था जिसके बाद बिजवासन विधानसभा क्षेत्र से ‘आप’ विधायक से उन्हें अयोग्य करार कर दिया गया था। बीजेपी सहरावत को अपने टिकट पर उतार सकती है हालांकि सीट अभी तय नहीं है।

3.राजकुमार चौहान-

राजकुमार चौहान 11 मई 2019 को कांग्रेस से बीजेपी में आए। दिल्ली के पूर्व मंत्री और सीनियर कांग्रेस नेता राजकुमार चौहान ने कांग्रेस छोड़ते हुए मई 2019 में बीजेपी ज्वाइन किया। 2019 के लोकसभा चुनाव में उत्तर-पश्चिमी दिल्ली से टिकट नहीं मिलने से चार बार के विधायक और शीला दीक्षित सरकार में मंत्री राजकुमार चौहान नाराज थे।

4-कपिल मिश्रा

कपिल मिश्रा 17 अगस्त 2019 को आम आदमी पार्टी से बीजेपी में आए। 2015 में आम आदमी पार्टी के सत्ता में आने के बाद कपिल मिश्रा जल एवं पर्यटन मंत्री बनाए गए थे। मई 2017 में अरविंद केजरीवाल ने उन्हें अपनी सरकार से हटा दिया। केजरीवाल और शहरी विकास मंत्री सत्येन्द्र जैन के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाने के बाद कपिल मिश्रा को साइड लाइन कर दिया गया। उसके बाद कपिल मिश्रा ने 2019 लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी ज्वाइन कर लिया था। उसके बाद स्पीकर ने करावल नगर से से उन्हें विधायक के तौर पर अयोग्य करार दिया। अब सीनियर बीजेपी नेता इस बात की ओर इशारा कर रहे हैं कि कपिल मिश्रा को करवाल नगर सीट से उतारा जा सकता है ताकि आम आदमी पार्टी को कड़ी चुनौती दी जा सके।

5-प्रहलाद सिंह साहनी

प्रहलाद सिंह साहनी 6 अक्टूबर 2019 को कांग्रेस से आम आदमी पार्टी में आए। चार बार के विधायक साहनी चांदनी चौक से 1998, 2003, 2008 और 2013 में चांदनी चौक सीट जीती थी, हालांकि वे अक्टूबर 2019 में केजरीवाल ने नेतृत्व वाली पार्टी को ज्वाइन किया है। ऐसा माना जा रहा है कि आनेवाले चुनाव में उन्हें उतारा जा सकता है।

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  • Web Title:The defectors dominated before Delhi assembly elections know change their parties