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दिल्ली चुनाव 2020हैरतअंगेज : 110 डिग्री झुकी रीढ़ की हड्डी, सर्जरी से बचाई गई बच्चे की जान

नई दिल्ली | वरिष्ठ संवाददाताPublished By: Praveen
Sat, 25 Jan 2020 12:33 PM
हैरतअंगेज : 110 डिग्री झुकी रीढ़ की हड्डी, सर्जरी से बचाई गई बच्चे की जान

रीढ़ की हड्डी को प्रभावित करने वाली टीबी की वजह से एक 1 साल 9 महीने के बच्चे की रीढ़ की हड्डी 110 डिग्री तक झुक गई। इंडियन स्पाइनल इंजुरी सेंटर के डॉक्टरों ने 4 घंटे तक चली दुर्लभ सर्जरी से बच्ची की रीढ़ को ठीक किया और बच्चे की जान बचाई।

अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि मायोल्पैथी (एक तंत्रिका तंत्र विकार) पक्षाघात का खतरा बढ़ाने वाले टीबी से पीड़ित था। उसके शरीर में एक कूबड़ निकल गया था। बच्चे की रीढ़ लगातार झुक रही थी। उसके तंत्रिका तंत्र को गंभीर नुकसान होने का खतरा बढ़ रहा था। इस कारण बच्चा बेहद दर्द में था और अंग चलाने में भी उसे दिक्कत हो रही थी।

एमआरआई से पता चला

अस्पताल के डॉ. गुरुराज ने कहा कि उन्होंने एमआरआई किया तो पता चला (टीबी) तपेदिक के कारण पीठ की हड्डियों को नुकसान हो रहा है। इससे पैरों में कमजोरी के कारण गंभीर विकृति और रीढ़ की हड्डी में संपीड़न हो गया, और एक्स-रे के साथ भी इसकी पुष्टि हुई। ऐसे में बच्ची की सर्जरी करने का निर्णय लिया गया। सर्जरी करीब 4 घंटे तक चली। सर्जरी के बाद बच्ची की 110 डिग्री तक झुकी रीढ़ को 40 डिग्री तक सीधा किया गया। फिलहाल बच्चा स्वस्थ है।

20 फीसदी को स्पाइनल टीबी

डॉ. गुरुराज के मुताबिक टीबी से बच्चों की हड्डियों को अधिक नुकसान होता है। बच्चों की हड्डियां कोमल होने की वजह से यह उन्हें सबसे अधिक नुकसान पहुंचाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक भारत में टीबी के 20 लाख से ज्यादा मामले हर साल सामने आते हैं। इनमें से 20 फीसदी को स्पाइनल टीबी या रीढ़ की हड्डी में टीबी की शिकायत होती है। 2016 में 76 हजार बच्चों में स्पाइनल टीबी की शिकायत पायी गयी थी। बाल और नाखून को छोड़कर टीबी शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकता है। इलाज नहीं होने पर रीढ़ की हड्डी गल जाती है, जिससे स्थायी अपंगता आ जाती है।

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