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हिंदी न्यूज़ विधानसभा चुनाव बिहार चुनाव 2020NDA के खिलाफ बिहार में चल रही आंधी, महागठबंधन के साथ हैं लेफ्ट पार्टियां: CPI

NDA के खिलाफ बिहार में चल रही आंधी, महागठबंधन के साथ हैं लेफ्ट पार्टियां: CPI

पटना, हिन्दुस्तान टीमMalay Ojha
Sun, 06 Sep 2020 06:04 PM
NDA के खिलाफ बिहार में चल रही आंधी, महागठबंधन के साथ हैं लेफ्ट पार्टियां: CPI

सीपीआई के राज्य सचिव रामनरेश पांडेय ने कहा है कि विधानसभा के चुनाव में एनडीए को शिकस्त देने के लिए हम सभी संकल्पित हैं। एनडीए के कार्यकलापों से लोगों में भारी नाराजगी है और उनके खिलाफ राज्य में आंधी चल रही है। महगठबंधन के साथ सभी वाम शक्तियां चुनाव में उतरने को कमर कस ली है। पार्टी ने बेराजगारी, शिक्षा और स्वास्थ्य की बदहाली, किसानों की कंगाली, भ्रष्टाचार, अपराध आदि को चुनावी मुद्दा बनाने का निर्णय लिया है।  

उन्होंने रविवार को प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि राजद के साथ सीट बंटवारे पर बात चल रही है। एक साथ चुनाव मैदान में उतरने की सैद्धांतिक सहमित बन गई है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1995 में तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद के साथ गठबंधन में सीपीआई 52 सीटों पर लड़ी थी, जिनमें 26 पर जीत हासिल हुई। छह सीटों पर सीपीएम की जीत हुई थी। 

उन्होंने कहा कि महागठबंधन के साथ सीट बंटवारे पर अंतिम निर्णय लेने लिए सीपीआई की वार्ता कमिटी को अधिकृत कर दिया गया है। राज्य सचिव रामनरेश पांडेय के नेतृत्व में गठित इस टीम में ओमप्रकाश नारायण, रामबाबू कुमार और अवधेश राय शामिल हैं। चुनाव की तैयारी को लेकर पार्टी के राज्य कार्यकारिणी और जिला सचिवों की दो दिवसीय बैठक रविवार को संपन्न हुई। इस बैठक में सभी जिलों के पार्टी के मंत्री शामिल थे। सभी को अपने-अपने क्षेत्र में चुनाव की तैयारी शुरू करने को कहा गया है।  

बिहार BJP का दावा, RJD के साथ महागठबंधन को भी डूबोएंगे तेजस्वी 
प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष राजीव रंजन ने दावा किया है कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव अपनी पार्टी के साथ-साथ महागठबंधन को भी डूबा देंगे। कहा कि पिछले लोकसभा चुनाव की तरह ही आगामी विधान सभा चुनाव में भी महागठबंधन की दुर्गति तय है। इसके लिए तेजस्वी यादव और उनका अहंकार ही जिम्मेवार होगा।

रविवार को जारी बयान में राजीव रंजन ने कहा कि उनके अहंकार के कारण ही आज इनके कई दिग्गज नेता राजद छोड़कर जा चुके हैं और कई अन्य कतार में लगे हुए हैं। दूसरी तरफ अनुभवहीन नेतृत्व के कारण जमीनी स्तर पर इनके कार्यकर्ताओं का मनोबल साफ़ ध्वस्त हो चुका है। हकीकत में राजद में मची यह भगदड़ महागठबंधन के दलों के लिए खतरे की चेतावनी है। इन दलों के नेताओं को यह समझ लेना चाहिए कि जिस राजद के भरोसे वह एकाध सीटें जीतने का ख्वाब देख रहे हैं, वह एक डूबता हुआ जहाज बन चुका है। 

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