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1 सितम्बर, 2020|4:28|IST

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बिहपुर विधानसभा क्षेत्र: 20 साल से इस सीट पर राजद और भाजपा के बीच हो रही कड़ी टक्कर 

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आजादी के आन्दोलन में अग्रणी भूमिका निभाने वाला बिहार के भागलपुर जिले का बिहपुर विधानसभा क्षेत्र राजनीतिक रूप से भी काफी महत्वपूर्ण है। 20 साल से इस सीट पर राजद और भाजपा के बीच कड़ा मुकाबला होता रहा है। इस बार भी चुनाव रोचक होने की उम्मीद है।

खगड़िया और मधेपुरा की सीमा पर स्थित बिहपुर भागलपुर जिले का सबसे छोटा विधानसभा क्षेत्र है। यह भागलपुर लोकसभा क्षेत्र में पड़ता है। नये परिसीमन से पहले बिहपुर और गोपालपुर खगड़िया लोकसभा क्षेत्र में आता था। जिले की यह पहली विधानसभा सीट है, जहां 2014 से 2019 तक युवा राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल भागलपुर के लोकसभा क्षेत्र के तहत यहां प्रतिनिधित्व किया और उनकी पत्नी वर्षा रानी बिहपुर की विधायक रहीं। 2019 के चुनाव में बुलो मंडल हार गये।

 इस सीट पर भाजपा की इंट्री 1980 में ही हो गयी थी। हालांकि सफलता 2010 में मिली। भाजपा के कुमार शैलेन्द्र निर्वाचित हुए थे। सात विधानसभा चुनाव में भाजपा इस सीट पर दूसरे स्थान पर रही। कई बार दोनों पार्टी प्रत्याशियों के बीच कांटे का मुकाबला रहा। अक्टूबर 2005 में राजद के बुलो मंडल और 2010 में भाजपा के कुमार शैलेन्द्र की जीत का अंतर एक हजार से कम वोटों का रहा। भाजपा में उम्मीदवारी को लेकर नेताओं की लंबी कतार है। वहीं राजद की राजनीति बुलो मंडल के इर्द-गिर्द घूम रही है।

जीत की हैट्रिक लगा चुके हैं शैलेश
पूर्व सांसद बुलो मंडल तीन बार जीत की हैट्रिक लगा चुके हैं। उन्होंने 2000, 2005 के फरवरी और 2005 के अक्टूबर के चुनाव में जीत दर्ज की। पीरपैंती और गोपालपुर की तरह बिहपुर विधानसभा सीट भी सीपीआई का गढ़ माना जाता था। यहां से चार बार सीपीआई ने जीत दर्ज की है। तीन बार प्रभुनारायण राय और एक बार सीताराम सिंह आजाद चुनाव जीते थे। 1977 के जेपी आन्दोलन के दौरान जिले की पीरपैंती, गोपालपुर और बिहपुर विधानसभा सीट पर सीपीआई ने जीत दर्ज की थी। कांग्रेस ने तीन बार और बीजेएस, जनता दल तथा जेएनपी (जेपी) के प्रत्याशियों ने एक बार क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। राजेन्द्र प्रसाद शर्मा कांग्रेस के टिकट पर 1980 और 1985 में लगातार जीत दर्ज की। इस सीट पर जदयू का खाता अभी तक नहीं खुला है।

स्वराज आश्रम स्वतंत्रता आन्दोलन का केन्द्र
बिहपुर का स्वराज आश्रम स्वतंत्रता आन्दोलन का केन्द्र रहा। स्व. डॉ. राजेन्द्र प्रसाद सिंह सहित अन्य स्वतंत्रता सेनानियों के नेतृत्व में यहां के लोगों ने आजादी की लड़ाई में हिस्सा लिया था। अंग्रेजों ने आन्दोलन कर रहे लोगों पर लाठीचार्ज भी किया था। क्षेत्र का भ्रमरपुर स्थित दुर्गा मंदिर, मड़वा स्थित बाबा ब्रजलेश्वर धाम और दाता मांगनसाह रहहमतूल्ला अलैह आस्था का केन्द्र है।

केला और मक्का की खेती पहचान
बिहपुर विधानसभा क्षेत्र गंगा और कोसी के बीच में बसा हुआ है। अधिकतर ग्रामीण आबादी है। क्षेत्र के किसान बड़े पैमाने पर केला, मक्का और लीची की खेती करते हैं। केला और मक्का देश के दूसरे राज्यों में भी जाता है। हालांकि यहां केला और मक्का आधारित उद्योग नहीं होने से किसानों को फसल की उचित कीमत नहीं मिल पाती।

भूमिहार-गंगौता बहुल क्षेत्र
बिहपुर विधानसभा भूमिहार-गंगौता बहुल क्षेत्र माना जाता है। इसके बाद यादव और मुस्लिम मतदाताओं की संख्या है। नागर, वैश्य, ब्राह्मण और अनुसूचित जाति जनजाति मतदाताओं की संख्या भी अच्छी है।

निर्वाचित विधायक
वर्ष                  विधायक                                पार्टी

2015              वर्षा रानी                                राजद
2010              कुमार शैलेन्द्र                           भाजपा
2005 अक्टूबर  शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल     राजद
2005 फरवरी   शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल     राजद
2000              शैलेश कुमार  उर्फ बुलो मंडल    राजद
1995                ब्रह्मदेव मंडल                       जनता दल
1990               ब्रह्मदेव मंडल                       जेएनपी (जेपी)
1985             राजेन्द्र प्र.शर्मा                        कांग्रेस
1980             राजेन्द्र प्र.शर्मा                         कांग्रेस
1977           सीताराम सिंह आजाद                 सीपीआई
1972            प्रभु नारायण राय                     सीपीआई
1969            प्रभु नारायण राय                   सीपीआई
1967            जीपी यादव                         बीजेएस
1962            सुखदेव चौधरी                       कांग्रेस
1957              प्रभुनारायण राय                  सीपीआई

बिहपुर में 20 साल से राजद और भाजपा आमने-सामने
शैलेन्द्र व शैलेश के बीच दो बार सीधी टक्कर
दोनों बार एक हजार से कम मतों से हार-जीत
चार चुनाव राजद तो उतने ही बार सीपीआई ने जीती
एक बार भाजपा के जीत का खाता खुला है
तीन चुनाव में कांग्रेस का सीट पर कब्जा रहा
1980 के चुनाव में भाजपा की हुई थी इंट्री
जदयू का इस क्षेत्र में खाता भी नहीं खुला है
1957 के पहले चुनाव में सीपीआई ने प्रभु नारायण राय जीते थे
2015 में राजद से वर्षा रानी जीती थी
भाजपा के कुमार शैलेन्द्र दूसरे स्थान पर रहे
राजद और सीपीआई तीन बार जीत की हैट्रिक लगा चुकी है

कुल मतदान केन्द्र- 391
कुल प्रखंड - तीन
कुल पंचायत - 37
कुल मतदाता - 257242
पुरुष - 135383
महिला -121849
अन्य -10
 

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  • Web Title:Bihpur Assembly constituency: tough fight between RJD and BJP in this seat of Bhagalpur District for 20 years