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1 नवंबर, 2020|4:09|IST

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बिहार चुनाव 2020: JDU नेता का दावा, अब NDA में शामिल नहीं हो सकेंगे चिराग

बिहार जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष अशोक चौधरी ने कहा है कि मतदाताओं के एक वर्ग में यह भावना हो सकती है कि 15 साल शासन करने के बाद नीतीश कुमार थक चुके हैं, लेकिन राज्य के लोग महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव के बजाय अब भी नीतीश के अनुभव को ही वरीयता देंगे। उन्होंने कहा कि नीतीश का ‘ट्रैक रिकॉर्ड’ बेदाग रहा है और इसलिए भी राज्य के लोग उन्हें फिर से चुनेंगे। नीतीश के विश्वासपात्र और पार्टी के दलित चेहरों में शामिल चौधरी ने बातचीत के दौरान कहा कि नीतीश के खिलाफ बोलने के बाद लोजपा अध्यक्ष चिराग पासवान को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में शामिल नहीं किया जाएगा।

बिहार के भवन निर्माण मंत्री चौधरी ने मुख्यमंत्री के खिलाफ सत्ता विरोधी लहर के बारे में बात करते हुए कहा, “विपक्ष यह धारणा बनाने की कोशिश कर रहा है कि वह (नीतीश) वृद्ध हो गए हैं. लेकिन उन्होंने हर क्षेत्र में, चाहे वह आधारभूत संरचना, स्वास्थ्य, या शिक्षा हो, सभी क्षेत्र में काम किया है. लोग खुश हैं। जनता को यह भी याद है कि राजद के 15 साल के शासन में लालू प्रसाद ने क्या किया.’’ नीतीश के थक चुके होने के विपक्ष के आरोप के बारे में पूछे जाने पर, उन्होंने कहा, “ऐसा हो सकता है कि कुछ लोग सोच सकते हैं कि नीतीश जी को सत्ता में रहे 15 साल हो गए हैं. लेकिन जनता उनके स्थान पर तेजस्वी को नहीं लाएंगे। नीतीश अनुभवी हैं। केंद्रीय मंत्री के रूप में पहले और फिर मुख्यमंत्री के रूप में उन पर कोई आरोप नहीं लगा है। वह बेदाग हैं।

लोजपा की वापसी के किसी भी प्रस्ताव का विरोध
चौधरी ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी बिहार में राजग में लोजपा की वापसी के किसी भी प्रस्ताव का विरोध करेगी। जदयू के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष ने कहा, ‘मुझे ऐसा नहीं लगता। नीतीश कुमार के खिलाफ चिराग पासवान ने जो कुछ कहा है, उसके बाद यह कैसे संभव है?’ जदयू नेता ने कहा कि पासवान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना और नीतीश पर प्रहार, राजनीति में अपना स्थान बनाने के उद्देश्य से करते हैं।

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  • Web Title:Bihar election 2020 JDU leader claims Chirag will no longer be able to join NDA